दालों में कितने प्रतिशत स्टार्च, प्रोटीन, कैल्शियम पाया जाता है?

हमारे देश में मुख्यतः मूंग, मसूर, उड़द, चना, राजना, लोबिया, सोयाबीन, कुलथ, अरहर की दालों का उत्पादन व उपयोग किया जाता है। इनका उपयोग दो रूप में होता है। साबुत दालें व टूटी हुई दालें। दालें में प्रोटीन एवं पौष्टिक तत्व दालों में 20-25% तक प्रोटीन पाई जाती है, परन्तु इनका जैव मूल्य,, प्राणी जगत से …

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शरीर में फास्फोरस के कार्य

फाॅस्फोरस क्षुद्रान्त में अर्काबनिक फाॅस्फेटों के रूप में अवशोषित होता है। अन्त्र का अम्लीय माध्यम तथा कैल्शियम की उपस्थिति अवशोषण में सहायक होती है। फाॅस्फोरस प्रत्येक कोशिका में होता है। शरीर में इसकी कमी की बहुत कम सम्भावना रहती है। यह फाॅस्फोप्रोटिन के रूप में, दूध की केसिनोजन में फाॅस्फोटाइड के रूप में एवं अण्डे यकृत …

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मथुरा कला शैली की प्रमुख विशेषताएं क्या है

कुषाण काल की कला का दूसरा केंद्र मथुरा था। सहिष्णुता इस काल की एक खास विशेषता थी। यही कारण था कि इस कला शैली में जैन, बौद्ध तथा ब्राह्मण तीनों धर्माें के देवताओं की मूर्तियां बनाई गई।  मथुरा – शैली की मूर्तियों में विविधता है। ये मूर्तियां सफेद चित्तीदार पत्थर पर बनाई गई हैं। इस शैली में …

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अरुणा आसफ अली का जीवन परिचय

अरूणा आसफअली का जन्म 1909 में एक बंगाली परिवार में हुआ था। अरूणा हिन्दू थी उन्होंने आसफअली से 1928 में विवाह किया। 1930 में जब सविनय अवज्ञा आन्दोलन आरंभ हुआ तो उनके पति गिरफ्तार किये गये, तब अरूणा ने भी आन्दोलन में भाग लिया और उन्हें गिरफ्तार करके लाहौर जेल भेज दिया गया। 1932 में वे …

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सुखवाद क्या है? सुख की यह परिभाषा

सुखवाद उस नैतिक चिंतन को कहते है जो सुख को ही मानव जीवन का परमध्येय-शुभ मानता है और ‘सुख की इच्छा’ को ही मनुष्य के समस्त कर्मो की एकमात्र मूल प्रेरणा के रूप में स्वीकार करता है। सुखवाद के भी दो भेद है-नैतिक सुखवाद एवं मनोवैज्ञानिक सुखवाद। जो सिद्धान्त यह मानता है कि मनुष्य के लिए …

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वैशेषिक दर्शन के प्रणेता कौन है ?

वैशेषिक दर्शन दर्शन के प्रणेता कणाद मुनि माने जाते है। कणाद शब्द का अर्थ है कणों को खाने वाला। ऐसा सम्भव है कि परमाणुओं को मानने के कारण उनका यह नाम पड़ा है। वैशेषिक नाम विशेष नाम के एक पदार्थ के मानने के कारण पड़ा। इस दर्शन की व्याख्या धर्म के प्रयोजन से हुई। जिससे इस …

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सामयिक अंकेक्षण क्या है? परिभाषा, विशेषताएँ, उपयोगिता क्षेत्र, लाभ, दोष

सामयिक अंकेक्षण में पूरे वर्ष में अंकेक्षण का कार्य एक बार ही होता है। यह अंकेक्षण अंतिम लेखे तैयार होने के पश्चात शुरु होता है अर्थात् जब कोई वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाता है और अंतिम खाते तैयार हो जाते हैं, उसके पश्चात अंकेक्षण का कार्य आरंभ होता है। इसे वार्षिक, पूर्णकृत, अन्तिम एवं चिट्ठा अंकेक्षण …

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आहार नियोजन क्या है आहार नियोजन के सिद्धांत

हर व्यक्ति की पोषक तत्वों की आवश्यकता अलग-अलग होती है। पोषक तत्वों की आवश्यकता निर्धारित होती है, व्यक्ति की उम्र, लिंग व व्यवसाय से एक व्यक्ति के लिये आहार नियोजन आसान है, किन्तु एक परिवार के कई व्यक्तियों के लिये जिनकी उम्र, स्थिति अलग-अलग होती है। हर व्यक्ति के पौष्टिक तत्वों की माँग अलग-अलग होती है, …

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अबुल फजल कौन था

अबुल फजल का जन्म 24 जनवरी, 1551 ई. में आगरा में हुआ था। अबुल फजल का पूरा नाम अबुल फजल इब्न मुबारक था। अपने असाधारण योग्यता के बल पर वह प्रधानमंत्री पद तक पहुँचा था। अवुल-फजल अकबर के काल में मुगल दरबार का शाही इतिहासकार था। उसने अपनी सर्वोत्कृष्ट कृति ‘अकबरनामा’ का सृजन किया। अकबरनामा का …

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ज्वार, बाजरा, मक्का तथा रागी के पौष्टिक तत्व

ज्वार के पौष्टिक तत्व यह मोटे अनाज में जाना जाता है। ज्वार की प्रोटीन में लायसिन की कमी होती है, परन्तु ल्यूसिन की अधिकता होती है। प्रोटीन के लिए इसे दाल के साथ खाना चाहिए। केवल ज्वार का आटा खाने से पैलाग्रा नामक रोग हो जाता है, क्योंकि इसमें नायासिन की कमी होती है। बाजरा- इसकी …

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