बलिया जिला कब बना या बलिया जिले का गठन कब हुआ?

बलिया जिला भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक खूबसूरत जिला है। यह उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थित है और बिहार राज्य के साथ सीमा साझा करता है। यह दो पवित्र नदियों गंगा और सरयू (घाघरा) के बीच स्थित एक शानदार जिला है। बलिया ने हिन्दी साहित्य में बहुत योगदान दिया है, क्योंकि …

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देवबंद आंदोलन के उद्देश्य

देवबन्द आन्दोलन का प्रारंभ उत्तरप्रदेश जिला के सहारनपुर में 1866 में एक विद्यालय के रूप में हुआ। इसका नेतृत्व मुहम्मद कासिम नौत्वी तथा रसीद गंगोही ने किया था। इसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय तथा धार्मिकता का उन्नयन करना था। वास्तविक रूप से यह आन्दोलन अंग्रेज समर्थित अलीगढ़ के विरोध में था। देववंद विद्यालय के विद्यार्थियों को इस्लाम …

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आईने अकबरी क्या है? यह कितने भागों में विभाजित है?

यह कृति अबुल फलज कृत अकबरनामा का ही तीसरा भाग है। एक प्रकार से इसमें अकबर कालीन मुगल साम्राज्य का सांख्यकीय सर्वेक्षण किया गया है। इसमें अकबर के शासन काल में विकसित आर्थिक संस्थाओं का वर्णन भी किया गया है। यह ग्रंथ पाँच भागों में विभाजित है पहले भाग में शाही परिवार दरबार टकसाल, खाद्यान्नों के …

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पपीते की मुख्य प्रजातियां

पपीता की उत्पत्ति उत्तरी अमेरिका में हुई। इसे 16वीं सदी में भारत लाया गया। विश्व के विभिन्न देशों जैसे Australia, Hawaii, Taiwan, Peru, Florida, Texas, California, Gold Coast, मध्य एवं दक्षिणी अफ्रीका के बहुत सारे भाग, पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं भारत आदि में  पपीते की खेती प्रमुखता से की जाती है। पपीता उत्पादन में भारत का विश्व …

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आल्हा क्या है इसकी रचना किसने की?

आल्हा बुंदेलखंड में गाया जाने वाला लोकप्रिय लोक काव्य है। बरसात के दिनों में ग्रामीण इलाकों में लोग इसे चाव से गाते हैं। यह वीर रस का काव्य है। इसकी रचना करीब छह सौ साल पहले जगनीक नाम के जनकवि ने की थी। तबसे यह बुंदेलखंड की लोक कला संस्कृति का आईना बन गया है। मौजूदा …

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साइकिल का आविष्कार किसने किया

बाइसिकल एक फ्रांसिसी शब्द है। वर्ष 1860 में पहली बार फ्रांस में ही दो पहियों वाली सवारी को बाइसिकल या साइकिल कहा गया। 1818 में इस अनोखी मशीन ने पहली बार पेरिस में लगाई गई एक प्रदर्शनी में देखा। वान अपनी सवारी को ‘रनिंग मशीन’ कहते थे। दरअसल, यह जमीन पर दौड़ लगाने वाली सवारी थी, …

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1789 फ्रांसीसी क्रांति के कारण: क्रांति के पूर्व फ्रांस की दशा

18 वीं शताब्दी के आरंभ में 1715 ई. में लुई चतुर्दश की मृत्यु के उपरांत उसको पुत्र लुई पंद्रहवें के नाम से फ्रांस के राज सिंहासन पर बैठा। उसके शासन काल में दिन प्रतिदिन देश का पतन होता चला गया जिसके कारण लुई पंद्रहवें का शासनकाल अराजकता, अव्यवस्था, अशांति का युग कहलाता है। उस समय फ्रांस …

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चावल के पौष्टिक तत्व और उपयोग

चावल एक आसानी से पचने वाला अनाज है। भारत में चावल के प्रकार भारत में चावल दो प्रकार के होते हैं- (1) धान या अख (बिना कुटा चावल) – खेत से लाये गये चावल को धान करते हैं। धान को सूखाकर कूटा जाता है, जिससे इसकी ऊपरी सतह पर पाई जाने वाली भूसी निकल जाती है। भूसी …

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विशिष्ट पुस्तकालय क्या है इसके कार्य

कई बार विशिष्ट पुस्तकालय और शैक्षिक पुस्तकालय में भेद करना मुश्किल हो जाता है। इसका कारण यह है कि कोई शैक्षिक संस्थान एक विशिष्ट संस्थान भी हो सकता है जैसे इंजीनियरिंग और चिकित्सा विज्ञान की शिक्षा देने वाले संस्थान को विशिष्ट संस्थान भी माना सकता है। ऐसे पुस्तकालय के पाठक विशेष होता है तथा संग्रह भी …

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चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध के कारण

चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध के कारण 1. टीपूँ द्वारा शक्ति संगठन – यद्यपि तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध और श्रीरंगपट्टम की संधि ने टीपू को शक्ति हीन और पंगु बना दिया था, किन्तु वह निराश और हतोत्साहित नहीं हुआ। उसने अपनी शक्ति और साधनों को पुनः संगठित करना प्रारंभ कर दिया था। उसने आश्चर्यजनक द्रुतगति से तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध के …

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