सौरमंडल किसे कहते हैं? सौरमंडल के ग्रहों के नाम

सूर्य के परिवार को सौरमंडल कहते हैं। अन्तरिक्ष में अनेक सौरमंडल हैं। सौरमंडल में सूर्य एक तारा है जो प्रकाश एवं उष्मा प्रदान करता है। सूर्य से निकले हुए आठ ग्रह हैं जिनके नाम बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, वरूण, कुबेर हैं। सूर्य सौरमंडल का केन्द्र है। यह सौर परिवार का मुखिया है। सूर्य एक …

Read more

चट्टान किसे कहते है । यह कितने प्रकार की होती है

पृथ्वी के धरातल की रचना जिन पदार्थों से हुई है, उसे हम चट्टान कहते हैं। चट्टान शब्द कठोरता का परिचायक है। चट्टानों में अनेक तरह के खनिज पाए जाते हैं, किसी चट्टान के बनने में एक खनिज का योग होता है और किसी चट्टान के बनने में दो या दो से अधिक खनिज तत्वों का योग …

Read more

वर्षा के प्रकार || संवहनीय वर्षा, पर्वतीय वर्षा और चक्रवाती वर्षा

जल वाष्प द्रवीभूत होकर धरातल पर बूँदों के रुप में गिरता है तो उसे वर्षा कहा जाता है। वाष्प के द्रवीभूत होकर धरातल पर बूँदों के रुप में गिरने से पहले अत्य आवश्यक परिवर्तन होते हैं। जैसे- हवा का ठण्डा होकर ओस बिन्दु तक पहुँचना, बादल बनना तथा जल सीकरों का बूँदों में परिवर्तित होना आदि। …

Read more

मोहन राकेश का जीवन परिचय, कृतित्व

मोहन राकेश का जन्म अमृतसर में 8 जनवरी, 1925 में हुआ । इनका मूल नाम मदन मोहन गुगलानी था। उनकी दीदी ने लिखने के लिए उसे नया नाम चुन दिया । नया नाम था मदन मोहन राकेश । बाद में उन्होंने स्वयं परिवर्तित कर मोहन राकेश कर डाला । मोहन राकेश के पिता श्री करमचंद गुगलानी …

Read more

लक्ष्मीनारायण लाल का जीवन परिचय, लक्ष्मीनारायण लाल की रचनाएं

आधुनिक युग में भारतीय भाषाओं में गद्य का संपूर्ण विकास हुआ और गद्य की कई विधाओं में साहित्य का सृजन समृद्ध मात्रा में हुआ है । नाटक, उपन्यास, कहानी, आत्मकथा, जीवनी, समीक्षा और निबंध साहित्य का सृजन पर्याप्त मात्रा में हुआ है । कई प्रतिभाशाली रचनाकारों ने अपनी कृतियों से आधुनिक हिन्दी गद्य साहित्य को सुसंपन्न …

Read more

निवारक निरोध अधिनियम क्या है

यह भारतीय संविधान की सबसे अधिक विवादास्पद धाराओं में से है। यद्यपि संविधान में निवारक निरोध की कोई परिभाषा तय नहीं की गई है किन्तु यह कहा जा सकता है कि निवारक निरोध किसी अपराध के किये जाने से पहल े तथा बिना किसी न्यायिक कार्यवाही के ही नजरबन्दी है। अनुच्छेद 22 के खण्ड 4 में …

Read more

लॉर्ड कर्जन के प्रमुख सुधार, कार्यकाल और अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

लाॅर्ड लिटन के बाद लाॅर्ड रिपन भारत का वायसराय नियुक्त हुआ। 1880 से 1884 ई. तक वह भारत का सचिव रहा। लाॅर्ड रिपन सबसे अधिक लोकप्रिय वायसराय था। वह प्रथम वायसराय था जिसने भारतीयों तथा अंग्रेजों में कोई अंतर नहीं समझा तथा भारतीयों को अंग्रेजों के समान ही अधिकार दिलाने का प्रयास किया। उसे भारतीयों से …

Read more

1909 के अधिनियम के पारित होने के कारण, प्रमुख धाराएँ, मूल्यांकन

1909 ई. में ब्रिटिश संसद ने भारतीय परिषद अधिनियम पारित किया। इसे मार्ले-मिण्टो सुधार अधिनियम भी कहा जाता है। लाॅर्ड मिण्टो भारत के तत्कालीन वायसराय थे और लाॅर्ड मार्ले भारत सचिव थे।  1909 अधिनियम पारित होने के कारण 1. 1892 ई. के अधिनियम के प्रति असंतोष- 1892 ई. का अधिनियम भारतीयों की आशाओं और मांगो के …

Read more

स्वामी दयानंद सरस्वती के धार्मिक विचार एवं सामाजिक विचार

स्वामी दयानंद सरस्वती  आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म 1824-1883 ई. में गुजरात के काठि़यावाड़ के टंकारा गांव में हुआ था। उनका बचपन का नाम मूलशंकर था। 1874 ई. में इलाहाबाद में उन्होंने अपनी पुस्तक ‘सत्यार्थ प्रकाश‘ को पूरा किया। उन्होंने मूर्तिपूजा, जाति प्रथा, बाल विवाह, धार्मिक आडम्बर और पुराण मत का विरोध किया। …

Read more

मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय

मुंशी प्रेमचंद का जन्म शनिवार 31 जुलाई, 1880 ई. में बनारस के लमही नामक गाँव में कायस्थ परिवार में हुआ था। प्रेमचदं का बचपन का नाम धनपतराय था, हालाँकि उनके चाचा-ताऊ स्नेहवश उन्हें नवाबराय के नाम से भी सम्बोधित करते थे। अपने साहित्यिक जीवन का शुभारंभ उन्होंने नवाबराय के नाम से ही किया था किन्तु पत्राचार …

Read more