अल्बर्ट बंडूरा का सामाजिक संज्ञानात्मक का सिद्धांत

स्टैण्डफोर्ट के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक अल्बर्ट बंडूरा अपने सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धान्त जिस औपचारिक रूप से सामाजिक सीख का सिद्धान्त कहा जाता है, में दावा करते हैं कि मानव एक ज्ञानात्मक जीव है जिसकी सक्रिय सूचनात्मक प्रक्रिया उसके सीखने, व्यवहार तथा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बंडूरा कहते हैं कि मनुष्य के सीखने की प्रक्रिया चूहे के …

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ग्रामीण ऋणग्रस्तता क्या है इसके कारण एवं परिणाम

ऋणग्रस्तता का आशय है ऋण से ग्रस्त व्यक्ति के लिए ऋण चुकाने की बाध्यता का होना। ग्रामीण भारत में निर्धन किसानों एवं मजदूरों द्वारा अपनी आवश्यकताओं के कारण लिया जाने वाला कर्ज जब बढ़ जाता है एवं वे अपनी कर्ज अदायगी में असमर्थ हो जाते हैं तो यह स्थिति ग्रामीण ऋणग्रस्तता की समस्या उत्पन्न करती है। …

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स्कन्ध विपणि क्या है इसके कार्यों का वर्णन?

किसी भी देश की स्कन्ध विपणि उस देश के पूंजी बाजार का आधार होती है जैसा कि इसके नाम से ज्ञात है स्कन्ध विपणि में स्टाॅक का क्रय विक्रय होती है अन्य शब्दों में स्कन्ध विपणि से आशय ऐसे स्थायी एवं संगठित बाजार से है जहां सूचीबद्ध संयुक्त पूंजी वाली कंपनियों के कई प्रकार के अंशों, ऋण …

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व्यक्तित्व मापन क्या है व्यक्तित्व के मापन के पीछे मनोवैज्ञानिकों का क्या उद्देश्य निहित होता है?

व्यक्तित्व मापन का अर्थ इस बात का पता लगाना होता है कि किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व में कौन-कौन से शीलगुण हैं? उन शीलगुणों का स्वरूप क्या हैं? वे संगठित है या असंगठित।  जब व्यक्तित्व शीलगुण परस्पर संगठित होते है तो उस व्यक्ति का व्यक्तित्व सामान्य होता है अर्थात् उसके चिन्तन, चरित्र एवं व्यवहार में एक प्रकार …

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सामाजिक अन्याय क्या है इसके कारण और प्रभाव क्या है ?

सामाजिक अन्याय (Social injustice) किसी देश या क्षेत्र की वह सामाजिक समस्या है, जिसका सम्बन्ध किसी एक व्यक्ति से न होकर सम्पूर्ण समाज या समाज के एक बड़े भाग से होती है जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव सम्पूर्ण समाज पर पड़ता है। सामाजिक समस्याएँ भी कई प्रकार की होती हैं। इनमें से कुछ सामाजिक समस्याएँ कम महत्व की …

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वैध अनुबंध क्या है वैध अनुबंध के आवश्यक लक्षण क्या है?

वैध अनुबंध का अर्थ वैध अनुबंध से आशय है कि जिनके क्रियान्वयन के लिए कानून कि सहायता ली जा सकती हो तथा अनुबंध के पक्षकार अपने-अपने अधिकारियों एवं दायित्वों के प्रति वैधानिक रूप से बाध्य हों। सभी ठहराव अनुबंध नहीं होते है केवल वही ठहराव अनुबंध होते है जिनके पक्षकारों के उद्देश्य वैधानिक रूप से उसे …

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उद्यमी किसे कहते हैं? उद्यमी कितने प्रकार के होते है?

उद्यमी (Entrepreneur) शब्द का उत्पत्ति फ्रेंच शब्द Enterpendre से हुआ है जिसका शाब्दिक अर्थ है नये व्यवसाय की जोखिम को वहन करना इस शब्द का प्रयोग सबसे पहले 16वीं शताब्दी में फ्रांस में प्रमुख अभियानों के लिये किया गया। बाद मे 17वीं शताब्दी में उद्यमी शब्द का प्रयोग नागरिक उभियांत्रकी के क्षेत्र में एवं 18वीं शताब्दी …

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भत्ता किसे कहते है भत्ता कितने प्रकार के होते हैं?

भत्ते से आशय उस रकम से है जो एक मालिक अपने कर्मचारी को वेतन के साथ अलग से देता है। यह भत्ता किसी विशेष खर्च के जगह में में दिया जाता है, चाहे वह खर्च व्यक्तिगत हो अथवा किसी सरकारी कार्य को करने के सम्बन्ध में। कुल वेतन की गणना में इसे भी जोड़ा जाता है।  भत्ता के …

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सार्वजनिक व्यय के सिद्धांत

सार्वजनिक व्यय के सिद्धांत 1. फिण्डले शिराज के सिद्धांत प्रो0 फिण्डले शिराज ने अपनी पुस्तक ‘The Science Of Public Finance’ में सार्वजनिक व्यय के चार सिद्धांत बताये हैं:- लाभ का सिद्धांत मितव्ययता का सिद्धांत स्वीकृति का सिद्धांत बचत का सिद्धांत 1. लाभ का सिद्धांत इस सिद्धांत के अनुसार सरकारी व्यय की ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि …

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HTML क्या है और हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज कैसे काम करती है?

HTML एक हाइपर टैक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज (HyperText Markup Language) है जिसका उपयोग वेबपेज बनाने में किया जाता है। HTML की खोज टिम बर्नर ली द्वारा सन् 1990 में की गयी थी। आज आप जो भी वेबसाइट देखते हैं वो सभी मुख्यतया HTML द्वारा ही बनाई गयी होती है। इसके बाद अन्य कई दूसरी भाषाओं को भी वेबसाइट बनाने में उपयोग …

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