पर्यावरण संरक्षण के लिए संवैधानिक प्रावधान

भारत उन देशों में से एक है जिसने पर्यावरण संरक्षण और सुधार का समर्थन करते हुए अपने संविधान में संशोधन किया है। देश में 42वां संविधान संशोधन 1976 में किया गया और यह जनवरी, 1977 में प्रभावी हुआ। यह राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों के अंतर्गत दो प्रावधानों की व्यवस्था करता है, ये हैं अनुच्छेद 48ए …

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पर्यावरण नीति 2006 के प्रमुख उद्देश्य

हम आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मुद्दों से संबंधित कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। प्राकृतिक संसाधन आजीविका सुरक्षा प्रदान करने और जीवन समर्थक पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हम में से प्रत्येक को यह समझने की आवश्यकता है कि विकास की प्रगति में सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक मूल्यों और पर्यावरण …

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मोलस्का का वर्गीकरण और सामान्य लक्षण

मोलस्का का अर्थ लैटिन भाषा में “मौलिस” का अर्थ है “नरम”। मोलस्का का शरीर नरम होता है, किंतु इसके ऊपर बाहर से कड़े सुरक्षाकारी कवच होते हैं। इस लक्षण से इनके परिरक्षण की संभावनाएं बढ़ गई तथा इस कारण से इस फ़ाइलम के जीवाश्म बहुत संख्या में मिलते हैं। अभी तक की ज्ञात ऐसी जीवाश्म स्पीषीज़ …

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भारत के खनिज संसाधन कौन कौन से हैं?

भारत में विभिन्न प्रकार के खनिजों का भंडार है। प्रायद्वीपीय पहाड़ियों में अधिकतम कोयले की खदानें, धातु खनिज एवं कुछ अन्य अधातु खनिज पाए जाते हैं। पश्चिमी एवं पूर्वीय प्रायद्वीपों की तलछटी चट्टानों विशेषत: गुजरात तथा असम में पैट्रोलियम पदार्थ अधिक पाए जाते हैं। राजस्थान के प्रायद्वीपीय चट्टानों में ग़ैर-लौह खनिज का भंडार है। यदि हम …

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अस्तित्ववादी शिक्षा का अर्थ, उद्देश्य, शिक्षण विधियाँ

अस्तित्ववादी दर्शन इतना क्रान्तिकारी तथा जटिल है कि शिक्षा की दृष्टि से इस पर कुछ कम विचार हुआ है। अस्तित्ववाद का पादुर्भाव एक जर्मन दार्शिनिक हीगेल के ‘‘अंगीकारात्मक या स्वीकारात्मक’’ आदर्शवाद का विरोध है। हम पूर्व में भी पढ़ चुके है कि यह अहंवादी दर्शन की एक खास धारा है।’’ मानव को चेतना युक्त, स्वयं निर्णय …

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संसाधन कितने प्रकार के होते हैं?

संसाधन एक ऐसा स्रोत या संचय है जिससे कोई लाभकारी वस्तु उत्पादित होती हो। संसाधन सामग्रियाँ, ऊर्जा, सेवाएँ, श्रम, ज्ञान व अन्य भौतिक परिसंपत्तियाँ होते हैं। ये किसी लाभकारी वस्तु को प्रस्तुत करने के लिए किसी न किसी प्रकार मिश्रण में प्रयोग किए जाते हैं।  इस प्रक्रिया में, कुछ संसाधन (जिन्हें अनवीकरणीय अथवा समाप्य संसाधन कहा …

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आपूर्ति के नियम को वक्र, प्रकार और उदाहरणों के साथ

आपूर्ति किसी वस्तु की उन मात्राओं को दर्शाती है जिनका उत्पादक विभिन्न कीमतों पर, प्रति समय इकाई, उत्पादन कर बिक्री करने को तैयार होते हैं। ‘आपूर्ति’ शब्द के ये अभिलक्षण होते हैं : आपूर्ति का नियम यदि आपूर्ति को प्रभावित करने वाले अन्य कारकों में कोई परिवर्तन नहीं हो तो उच्चतर कीमत का अर्थ होगा उच्चतर …

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14वां गुटनिरपेक्ष सम्मेलन कब और कहां हुआ?

14वां शिखर सम्मेलन सितम्बर 2006 में क्यूबा की राजधानी हवाना में हुआ था। 14वां शिखर सम्मेलन, हवाना (2006) लेटिन अमेरिकी जगत में यह तीसरा किन्तु हवाना में होने वाला दूसरा सम्मेलन था। अब अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य बदल चुका था राष्ट्रपति क्रास्त्रो इतनी रूग्ण अवस्था में थे कि उनकी अनुपस्थिति में राउल क्रास्त्रों ने सारा काम किया। 1979 में …

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प्रथा का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति एवं उत्पत्ति

प्रथा का अर्थ समाज से मान्यता प्राप्त, पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तान्तरित होने वाली सुव्यवस्थित, दृढ़ जनरीतियां ही ‘प्रथाएं’ कहलाती हैं। प्रथा वास्तव में सामाजिक क्रिया करने की, स्थापित व मान्य विधि है; और लोग इसे इसलिए मानते हैं कि समाज के अधिकतर लोग उसी विधि के अनुसार बहुत दिनों से कार्य या व्यवहार करते आ रहे हैं।  इस …

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ब्रह्म समाज के उद्देश्य और सिद्धांत

ब्रह्म समाज एक सामाजिक-धार्मिक आंदोलन था जिसने बंगाल के पुनर्जागरण युग को प्रभावित किया। ब्रह्म समाज के माध्यम से समाज सुधार का प्रारंभ देश के पूर्वी भाग-बंगाल से हुआ था। हिन्दु धर्म में पहला सुधार आन्दोलन ब्रह्मसमाज था। इस आन्दोलन का नेतृत्व राजा राममोहन राय (1774-1833) ने किया था। इसी कारण राजा राममोहन राय को भारत …

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