मानव विकास को प्रभावित करने वाले तत्व

किसी भी बालक/मानव का विकास किसी एक तत्व अथवा उपकरण पर निर्भर नहीं करता । उसके विकास में बहुत से तत्व मिलकर काम करते हैं । बालक के विकास और उसकी गति पर भोजन, स्वास्थ्यजनक परिस्थितियों, वातावरण, सूर्य प्रकाश, शुद्ध वायु तथा ऋतु आदि का प्रभाव पड़ता है तो उसकी मनोवृत्तियों, वंशानुक्रम तथा सामाजिक सम्बन्धों का …

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वंशानुक्रम क्या है वंशानुक्रम के नियम ?

जिस विधि के द्वारा माता-पिता के गुण बालक के व्यक्तित्व में लाये जाते हैं, उसे वंशानुक्रम कहते हैं। बालक अधिकतर रंग, रूप , आकृति , विद्धता में अपने पूर्वजों एवं माता पिता से मिलता जुलता होता है यानी उसे अपने माता पिता के शारीरिक और मानसिक गुण प्राप्त होते हैं । जैसे माता पिता है, वैसी …

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एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास की अवस्थाएं

विकास की प्रत्येक अवस्था में व्यक्ति संघर्षों का सामना करता है जो परिवर्तन को स्वीकार करके और अनुकूलन द्वारा दूर किये जा सकते हैं । एरिक्सन ने व्यक्तित्व के तीन कारकों, शरीर , अहम और समाज या संस्कृति के प्रभाव को पहचाना । उसके अनुसार व्यक्तित्व विकास इन तीनों कारकों के प्रभाव स्वरूप होता है । …

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प्रत्यक्षीकरण (perception) क्या है? प्रत्यक्षण को प्रभावित करने वाले कारक क्या है ?

प्रत्यक्षीकरण (perception) की प्रक्रिया संवेदना से प्रारंभ होती है। प्रत्यक्षीकरण हमें किसी वस्तु, घटना या व्यक्ति का होता है। जिन व्यक्तियों, घटनाओं या वस्तुओं का प्रत्यक्षीकरण होता है, उसे उद्दीपक कहा जाता है। जब कोई उद्दीपक व्यक्ति के सामने उपस्थित होता है तो ज्ञानेन्द्रियों द्वारा उसकी संवेदना प्राप्त होती है। इस संवेदना की व्याख्या कर उस …

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संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के कार्यों का वर्णन कीजिए

महासभा छह प्रधान अंगों में से सबसे बड़ी महासभा सर्वाधिक विमर्शात्मक अंग है। यह अन्य सभी अंगों से सम्बद्ध है और यह उनके आंशिक अथवा सभी सदस्यों का निर्वाचन करता है। यह सुरक्षा परिषद के दायरे में आने वाले विवादों को छोड़कर चार्टर के क्षेत्र में आने वाले किसी भी विषय पर चर्चा कर सकता है। …

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सुरक्षा परिषद के कार्य एवं शक्तियाँ || UN Security Council in Hindi

सुरक्षा परिषद (Security Council) निसन्देह सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र का सबसे अभिन्न अंग है जिसका निर्माण स्थाई आधार पर किया गया है ताकि यह अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को बनाए रखने के प्राथमिक दायित्व का वहन कर सके। सामूहिक सुरक्षा के सिद्धान्त के अनुरूप कार्य करने के लिए सुरक्षा परिषद का गठन इस प्रकार किया गया …

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ECOSOC संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के कार्य एवं शक्तियां

ECOSOC का पूरा नाम संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद है। संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) का निर्माण संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों के बीच इस तथ्य को रेखांकित करता है कि विश्व के सभी भागों में चिरस्थाई शांति एवं सुरक्षा को केवल राजनीतिक व सैनिक स्थायित्व ही सुनिश्चित नहीं कर सकते बल्कि इसके लिए जीवन …

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न्यास परिषद के प्रमुख उद्देश्य और कार्य

एक अन्तर्राष्ट्रीय न्यास व्यवस्था की स्थापना के लिए चार्टर ने न्यास परिषद की स्थापना संयुक्त राष्ट्र के एक प्रधान अंग के रूप में की और इसे न्यास व्यवस्था के अंतर्गत न्यास प्रदेशों के प्रशासन के निरीक्षण का कार्यभार सौंपा गया। न्यास प्रदेशों के निवासियों की उन्नति को बढ़ावा देना और उनका स्वशासन एवं आत्मनिर्भरता की दिशा …

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भारतेंदु युग का नामकरण एवं समय सीमा। भारतेंदु युग की विशेषताएं

आधुनिक काल के हिंदी साहित्य का अंतर्विभाजन प्राय: सभी विद्वानों ने एक जैसा किया है किन्तु नामकरण एवं सीमा निर्धारण के विषय में मतैक्य नहीं है। विशिष्ट काल में विशेष साहित्यकार के प्रमुख योगदान को देखते हुए भारतेंदु हरिश्चन्द्र के नाम पर उनके युग को भारतेंदु कहा गया है। भारतेंदु युग का नामकरण आचार्य रामचन्द्र शुक्ल …

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भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का जीवन परिचय, रचनाएं एवं साहित्यिक विशेषताएं

भारतेन्दु हरिश्चंद्र बहुमुखी प्रतिभासम्पन्न साहित्यकार हैं। उन्होंने कविता के क्षेत्र में अपनी कवि प्रतिभा का परिचय दिया है। साथ ही, आधुनिक हिंदी गद्य के निर्माता के रूप में उनकी प्रसिद्धि रही है। उनके प्रयास और प्रेरणा के फलस्वरूप गद्य की विविध विधाओं नाटक, निबंध, आलोचना, उपन्यास, यात्रा वृत्त आदि का श्रीगणेश हुआ। हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र …

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