संयुक्त परिवार का अर्थ, परिभाषा, प्रमुख विशेषताएं

भारत में संयुक्त परिवार प्रथा, भूतकाल से चली आ रही है संयुक्त परिवार जिसमें कम से कम 5 से 25 व्यक्तियों का समूह होता है जहाँ परिवार का मुखिया दादा या बड़ा सदस्य होता है। वह परिवार की भलाई के लिए समय-समय पर निर्णय लेते है। और उसका निर्णय मान्य होता है। सब उसका आदर करते है। …

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संयुक्त परिवार में परिवर्तन के कारण

परम्परागत (संयुक्त) परिवार व्यवस्था के विखण्डन के लिए कौन-कौन से कारक उत्तरदायी हैं? परिवार में परिवर्तन किसी प्रभावों के एक समुच्चय (set of influences) से, नहीं आया है, और न यह सम्भव है कि इन कारकों में से किसी एक को प्राथमिकता दी जा सके। इस परिवर्तित होते हुए परिवार के लिए कई कारक उत्तरदायी है। …

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जाति व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं

भारत में जाति व्यवस्था का अध्ययन तीन परिप्रेक्ष्यों में किया गया है: भारतशास्त्रीय (Indological), समाज-मानवशास्त्रीय (socio-anthropological) तथा समाज-शास्त्रीय (sociological)। भारतशास्त्रीयों ने जाति का अध्ययन धर्म ग्रंथीय (scriptual) दृष्टिकोण से किया है, समाज मानवशास्त्रियों ने सांस्कृतिक दृष्टिकोण से किया है तथा समाजशास्त्रयों ने स्तरीकरण के दृष्टिकोण से किया है। भारतशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में भारतशास्त्रियों ने जाति प्रथा की …

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संवेग का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, किशोर में पाये जाने वाले संवेगात्मक व्यवहार

संवेग क्या है? आम लोगों के लिए इसे परिभाषित करना बहुत सरल है। प्रसन्नता, खुशी, क्रोध, उदासी, ईर्ष्या, प्रेम आदि अनुभव किए जाने वाले सामान्य संवेग हैं। उदाहरण स्वरूप हम अच्छा खाना खाते हैं और संतुष्ट महसूस करते हैं। हम अच्छी फिल्म दखते हैं और प्रसन्न महसूस करते हैं। हम प्रियजनों के साथ समय बिताते हैं …

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सृजनात्मकता : अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं/तत्व/सिद्धांत

सृजनात्मकता का सामान्य अर्थ है सृजन अथवा रचना करने की योग्यता। मनोविज्ञान में सृजनात्मकता से तात्पर्य मनुष्य के उस गुण, योग्यता अथवा शक्ति से होता है जिसके द्वारा वह कुछ नया सृजन करता है। जेम्स ड्रेवर के अनुसार-’’सृजनात्मकता नवीन रचना अथवा उत्पादन में अनिवार्य रूप से पाई जाती है।’’ क्रो व क्रो के अनुसार-’’सृजनात्मकता मौलिक परिणामों …

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प्राकृतिक आपदा के प्रकार, प्राकृतिक संकट और प्राकृतिक आपदा में क्या अंतर है?

मानव पर दुष्प्रभाव डालने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों को प्राकृतिक आपदाएं है।  प्राकृतिक आपदा के प्रकार 1. भूकम्प – भूकंप आकस्मिक पर्यावरणीय अपदा है, जिसके सामने मानव की समस्त शक्तियाँ व्यर्थ हैं। भूकंप पृथ्वी की आन्तरिक चट्टानों में तनाव के कारण प्रकट होता है जिसका अनुमान लगाना आज भी सम्भव नहीं है। भूकंप के झटके कुछ ही क्षणों …

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जाति व्यवस्था का सम्पूर्ण विचार प्राप्त करने के लिए इसकी विशेषताओं का वर्णन किया जा सकता है

‘जाति’ शब्द एक पुर्तगाली शब्द ‘कास्टा’ से उत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ नस्ल, कुल या समूह से लिया गया है। एक व्यक्ति एक जाति में पैदा होता है और स्थायी तौर पर उसी का सदस्य बना रहता है।  जाति व्यवस्था की विशेषताएं जाति-व्यवस्था का सम्पूर्ण विचार प्राप्त करने के लिए इसकी विशेषताओं का वर्णन किया जा …

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जाति व्यवस्था की उत्पत्ति के सिद्धान्त

जाति व्यवस्था की ठीक उत्पत्ति की खोज नहीं की जा सकती। इस व्यवस्था का जन्म भारत में हुआ, ऐसा कहा जाता है। भारत-आर्य संस्कृति के अभिलेखों में इसका सर्वप्रथम उल्लेख मिलता है तथा उन तत्वों का निरन्तर इतिहास भी मिलता है, जिनसे जाति व्यवस्था का निर्माण हुआ। जिन लोगों को भारत-आर्य कहा जाता है, वे भाषाशास्त्रीय …

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जाति व्यवस्था के गुण और जाति व्यवस्था के दोषों की विवेचना

समय-समय पर भारतीय जाति-व्यवस्था की विभिन्न लेखकों द्वारा आलोचना की गई है। समाज में जितनी बुराइयां हैं, उन सबके लिए जाति-व्यवस्था को दोषी ठहराया गया है। परन्तु एक मात्र यही तथ्य कि इतने आक्षेपों के बावजूद भी यह पहले की भांति अभी तक चल रही है, इस बात का प्रमाण है कि यह व्यवस्था इतनी बुरी …

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प्रजाति क्या है इसका वर्गीकरण

प्रजाति शब्द को अनेक अर्थो में प्रयुक्त किया जाता है। यूनानियों ने संपूर्ण मानव जाति को ग्रीक अथवा यवनों में वर्गीकृत किया था, परन्तु इनमें से किसी भी समूह को प्रजाति नहीं कहा जा सकता। ‘प्रजाति’ शब्द को कभी-कभी राष्टींयता (nationality) का समानार्थक समझकर प्रयुक्त किया जाता है। उदाहरणतया, फ्रेंच, चीनी एवं जर्मनी को प्रजाति कहा …

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