सामाजिक नीति की अवधारणा लक्ष्य, कार्य एवं उद्देश्य

स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नियोजित विकास का सहारा लेना आवश्यक समझा गया क्योंकि यह अनुभव किया गया कि गरीबी, बेकारी जैसी अनेक गंभीर सामाजिक समस्यायें उचित विकास न होने के कारण ही हमारे समाज में व्यापक रूप से विद्यमान है सामाजिक समस्याओं को और अधिक तेज करना तथा इससे …

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राष्ट्रीय आय क्या है? राष्ट्रीय आय को मापने की विधियां और कठिनाइयां।

राष्ट्रीय आय (National income) किसी भी अर्थव्यवस्था के आर्थिक विकास के सूचकों में एक महत्वपूर्ण तत्व है। किसी देश में एक वर्ष में उत्पादित अन्तिम वस्तुओं और सेवाओं के कुल बाजार मूल्य के जोड़ को राष्ट्रीय आय कहते है। अन्य शब्दों में, राष्ट्रीय आय एक देष के सामान्य निवासियों द्वारा एक वर्ष में प्राप्त साधन सेवाओं …

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परामर्शदाता के गुण और परामर्शदाता के कार्य

विशिष्ट एवं सुनिश्चित परिस्थितियों में ही परामर्श प्रदान किया जाता है तथा इसके लिए परामर्श देने वाले व्यक्ति में विभिन्न प्रकार की योग्यताओं एवं कौशलों का होना आवश्यक होता है। पूर्णतया प्रशिक्षित, व्यवसाय के प्रति निष्ठावान व्यक्ति ही इस प्रक्रिया को सम्पन्न कर सकता है उपबोधय में अपना विश्वास उत्पन्न करके उसे सहज और नि:संकोच रूप …

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निष्पत्ति परीक्षण का अर्थ, परिभाषा, मापन, आवश्यकता एवं उपयोगिता

निष्पत्ति परीक्षण का प्रयोग सभी प्रकार की शैक्षिक संस्थाओं में किया जाता है। निष्पत्ति परीक्षणों के द्वारा यह मापन किया जाता है कि छात्रों ने कक्षा में पढ़ाये गये विषयों की पाठ्यवस्तु के सम्बन्ध में कितना सीखा है। इस प्रकार के परीक्षणों में सम्पूर्ण पाठ्यवस्तु पर प्रश्न पूछे जाते हैं। और सही उनरों के लिए अंक …

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निदानात्मक परीक्षण का अर्थ, परिभाषा, कार्य, विधियाँ, प्रकार गुण तथा दोष

निष्पत्ति परीक्षणों द्वारा बालक की शैक्षिक योग्यताओं का मापन किया जाता है, सरल शब्दों में इसका अर्थ यह हुआ कि छात्र ने किसी विषय से सम्बन्धित पाठ्यवस्तु को कितना सीख लिया है। उसे निष्पत्ति (उपलब्धि) कहते हैं। इस प्रकार निष्पत्ति परीक्षणों (Diagnostic test) द्वारा यह विदित होता है कि छात्र ने कितना सीखा है।  इन परीक्षणों …

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विशिष्ट बालक का अर्थ, परिभाषा, प्रकार – Meaning, definition, types of special child

विशिष्ट बालक (Special child) का अर्थ विशिष्ट बालकों को जानने से पूर्व यह जानना आवश्यक है कि सामान्य बालक किसे कहते है। विद्यालय में हर समाज, हर वर्ग तथा भिन्न-भिन्न परिवारों से बालक आते है ये सभी विभिन्न होते हुये भी सामान्य कहलाते है। परन्तु कुछ ऐसे भी होते है तो शारीरिक, मानसिक, शैक्षिक एवं सामाजिक …

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प्रकृतिवाद-अर्थ, परिभाषा, सिद्धान्त, विशेषताएं, गुण-दोष

प्रकृति पाश्चात्य दर्शन की वह विचारधारा है जो प्रकृति को मूल तत्व मानती है, इसी को इस ब्रह्माण्ड का कर्ता और उपादान कारण मानती है। यथार्थवाद की भाँति प्रकृतिवाद भी दार्शनिक चिंतन का प्रारंभिक रूप है। इस संदर्भ में हम उन दार्शनिकों का उल्लेख कर सकते हैं जिनकी चर्चा हमने यथार्थवाद के संदर्भ में की है।  …

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गृह व्यवस्था का अर्थ, परिभाषा, महत्व एवं क्षेत्र

साधारण शब्दों में गृह व्यवस्था (House kepping) का अर्थ है घर का रखरखाव या घर को सुचारू रूप से चलाने के लिये इसकी स्वच्छता, उचित रखरखाव व व्यवस्था की देख-रेख। जब आप अपने घर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखते हैं तब आप इसे अधिक से अधिक सुंदर भी रखना चाहते हैं।  आप यह कैसे सुनिश्चित करें …

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बाल अपराध का अर्थ, उसकी परिभाषाएं और उसके कारण

एक निश्चित आयु से कम आयु के बच्चों का अपराधपूर्ण कार्य बाल अपराध समझा जाता है। किन्तु प्रश्न उठता है कि बालक किसे कहा जाए? इसके लिए कम या अधिकतम आयु सीमा क्या है? इस संबंध में यह लिखना अनुचित नहीं प्रतीत होता है कि विभिन्न राज्यों या राष्ट्रों में भिन्न-भिन्न आयु के बच्चे को बाल …

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संघर्ष का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं, स्वरूप

Conflict शब्द लेटिन भाषा के Con+Fligo से मिलकर बना है Con का अर्थ है together तथा Fligo का अर्थ है-To Strike. अत: संघर्ष का अर्थ है-लड़ना, प्रभुत्व के लिए संघर्ष करना, विरोध करना, किसी पर काबू पाना आदि। ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार-दो वर्गों में या समूहों के बीच सशस्त्र प्रतिरोध, लड़ा या युद्ध संघर्ष है। विपरीत …

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