पाठ्यवस्तु का अर्थ, परिभाषा, पाठ्यक्रम के मार्ग में आने वाली प्रमुख बाधायें

पाठ्यवस्तु में निर्धारित पाठ्य-विषयों से संबंधित क्रियाओं का ही समावेश होता है। इस प्रकार पाठ्यवस्तु के अंतर्गत किसी विषयवस्तु का विवरण शिक्षण के लिए तैयार किया जाता है जिसे शिक्षक छात्रों को पढ़ाता है। यह भी पढ़ें: पाठ्यक्रम का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति एवं क्षेत्र पाठ्यपुस्तक की परिभाषा 1. हेनरी हरेप के अनुसार –’’ पाठ्यवस्तु (सिलेबस) केवल मुद्रित …

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बुद्धि के सिद्धांत और उनके प्रतिपादक

बुद्धि व्यक्ति की एक जन्मजात शक्ति है, जो उसे वातावरण के साथ प्रभावकारी सामंजस्य स्थापित करने तथा विवेकशील एवं अमूर्त चिन्तन करने में सहायता प्रदान करती है। बुद्धि विभिन्न क्षमताओं का समुच्चय है। यह भी पढ़ें: बुद्धि का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएँ, सिद्धांत, निर्धारण तत्व बुद्धि के प्रकार  थाॅर्नडाइक ने बुद्धि के तीन प्रकार बताये है – …

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ज्यामिति का अर्थ, इतिहास, आधार एवं उपयोग

ज्यामिती का उपयोग हम प्राचीन काल से करते आ रहे हैं। ज्यामिति के तार्किक या निगमनिक पक्षो की रचना करके ज्यामिति को ज्ञान के विभिन्न क्षेत्र मे विकसित किया गया। गणित में ज्यामिति का योगदान मुख्यत: दो पहलू से किया गया है। पहला- यह वाणिज्य, कृषि, भवन व पर्यावरण नियंत्रण में सहायता करता है। दूसरा- यह …

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परावर्तन किसे कहते हैं परावर्तन के नियम (प्रकाश का परावर्तन, प्रकाश का अपवर्तन)

क्या आप सोच सकते हैं, कोई वस्तु आपको कैसे दिखाई देती है? जब हम किसी वस्तु को देखते हैं, तो उस वस्तु से प्रकाश हमारी आँखों में प्रवेश करता है, जिससे हमें वह दिखाई देती है। कुछ वस्तुएँ जैसे सूर्य, तारे, जलती हुई मोमबत्ती, लैम्प आदि जो स्वयं से प्रकाश को उत्सर्जित करती हैं, दीप्तिमान वस्तुएँ …

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आतंकवाद क्या है आतंकवाद के मुख्य कारण – What is terrorism?

आतंकवाद (Terrorism) की कोई सर्वमान्य परिभाषा सम्भव नहीं है क्योंकि अब तक आतंकवाद के अनेक स्वरूप हमारे सामने आए है। फिर भी सामान्य रूप में यह कहा जा सकता है कि आतंकवाद, हिंसा की धमकी के उपयोग द्वारा लक्ष्य-प्राप्ति के लिए संघर्ष या लड़ाई की एक विधि व रणनीति है एवं अपने शिकार में भय पैदा …

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जार अलेक्जेंडर प्रथम की गृह नीति

रूसी लोग मुख्यत: स्लाव हैं। पुरानी रूसी भाषा में उच्चतम श्रेणी के सत्ताधारी स्वतंत्र शासक को जार कहा जाता था। 21 जनवरी 1613 ई. से रूस में रोमोनोव राजवंश का शासन प्रारंभ हुआ। माइकेल रोमोनोव इस वंश का प्रथम जार था। सन 1672 ई. में मास्को की गद्दी पर पीटर महान आरूढ़ हुआ। पीटर ने अनुभव …

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जापान में उपनिवेशवाद एवं साम्राज्यवाद

16वीं शताब्दी के प्रारम्भ में यूरोप की जातियों ने उत्तरी अमेरिका, एशिया, आस्ट्रेलिया, अफ्रीका आदि में बड़े पैमाने पर उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद की नीति का अनुसरण किया। उपनिवेशवाद एवं साम्राज्यवाद जनता का राजनीतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक दृष्टि से शोषण का प्रतीक था। जब किसी राष्ट्र विशेष के कुछ लोग अपनी मातृभूमि छोड़कर किसी पिछड़े हुए (किन्तु …

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जापान में मेजी पुनर्स्थापना के कारण, महत्व एवं परिणाम

19 वीं शताब्दी के मध्य चरण में, जापान में विदेशियों के प्रवेश और उनके साथ जापान की सत्ता के केन्द्र शोगून द्वारा सन्धि करने से व्यापक प्रतिक्रिया हुई। इस काल में चीन और जापान दोनों देशों का एक ही प्रकार की स्थिति का सामना करना पड़ा था। दोनों देशों ने अपने-अपने तरीके से पश्चिमी साम्राज्य विस्तार …

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अफीम युद्ध के कारण और परिणाम

प्रथम अफीम युद्ध 1839-1842 ई. में हुआ था। द्वितीय अफीम युद्ध 1856-60 ई. में हुआ था।  जो यूरोपीय समस्त विश्व में अपनी शर्तों पर दबाब की राजनीति अपनाकर व्यापार कर रहे थे उन्हीं यूरोपियों को चीन ने अपनी शर्तों पर व्यापार करने हेतु मजबूर किया। मंचू राजवंश ने विदेशियों पर व्यापार हेतु कई प्रतिबंध लगाये। इन …

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सूरदास का जीवन परिचय, रचनाएं, भाव पक्ष, कला पक्ष, साहित्य में स्थान

सूरदास (Surdas) का संबंध भक्ति काव्य से है। ईश्वर के प्रति प्रेम की अनुभूति को भक्ति कहते हैं। लेकिन संपूर्ण भक्ति काव्य एक-सा नहीं है। जो भक्त-कवि ईश्वर को निर्गुण-निराकार मानते थे और अवतारवाद में विश्वास नहीं रखते थे, वे निर्गुणमार्गी भक्त कवि कहलाए।  यह भी पढ़ें: भ्रमरगीत का क्या अर्थ है? सूरदास के भ्रमरगीत की विशेषताएं …

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