कृषि यंत्रीकरण से आप क्या समझते हैं कृषि यंत्रीकरण के लाभ व हानियों की विवेचना?

वह प्रक्रिया मनुष्य अथवा पशुओं की सहायता से किया जाने वाला कार्य मशीनों द्वारा किया जाता है कृषि यंत्रीकरण कहते है। कृषि यंत्रीकरण का आशय कृषि यंत्रीकरण का आशय खेती में पशु और मनुष्य की जगह यथासंभव यंत्र का प्रयोग है। अर्थात जहां तक संभव हो पशु तथा मानवशक्ति को यंत्रीकरण द्वारा प्रतिस्थापित किया जाए। हल …

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जैविक खेती क्या है इसके उद्देश्य एवं सिद्धांतों का वर्णन कीजिए?

कृषि में बायोतकनीकी व जैविक खेती का प्रयोग एक क्रान्तिकारी कदम है। भारत के मध्य प्रदेश में सर्वप्रथम 2001-02 में जैविक खेती का आन्दोलन चलाकर प्रत्येक जिले के प्रत्येक विकास खण्ड के एक गॉव में जैविक खेती (Organic Farming) की शुरुआत की गई। जैविक खेती के उद्देश्य जैविक खेती के दो उद्देश्य हैं। प्रणाली को टिकाऊ …

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जनसांख्यिकी का अर्थ, जनसांख्यिकीविदों द्वारा दी गई परिभाषा

‘Demography’ शब्द जिसका हिन्दी में अर्थ जनसांख्यिकी होता है की उत्पत्ति ग्रीक भाषा से हुई है। ‘Demography’ ग्रीक भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है। प्रथम शब्द है- Demas (डिमास) जिसका अर्थ होता है- मनुष्य (People) और दूसरा शब्द है Grapho (ग्राफो) जिसका अर्थ होता है- लिखना या अंकित करना (To draw or write about …

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प्राकृतिक संसाधन किसे कहते हैं ? इसके प्रकारों का वर्णन कीजिए।

प्राकृतिक संसाधनों का तात्पर्य उन से है जो मानव को प्रकृति द्वारा बिना कोई मूल्य चुकाए प्रदान किये जाते हैं । प्राकृतिक संसाधन में भूमि, मिट्टी, जल, वन, खनिज, समुद्री साधन, जलवायु, वर्षा समावेश किया जाता है प्राकृतिक संसाधन कहते हैं। इन संसाधनों को मनुष्य अपने प्रयत्नों से उत्पन्न नहीं कर सकता। अन्य शब्दों में, प्राकृतिक …

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पर्यावरण प्रदूषण का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, प्रदूषण नियंत्रण के उपाय

पर्यावरण प्रदूषण एक ऐसी सामयिक समस्या है जिससे मानव सहित समस्त जैव जगत के लिए जीवन की कठिनाइयाँ बढ़ती जा रही है। पर्यावरण के तत्व यथा वायु, जल, मृदा, वनस्पति आदि के नैसर्गिक गुण हृासमान होते जा रहे है जिससे प्रकृति और जीवों का आपसी सम्बन्ध बिगड़ता जा रहा है। वैसे प्रदूषण की घटना प्राचीनकाल में भी …

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सामंतवाद से क्या तात्पर्य है सामंतवाद की परिभाषा?

यूरोप और ऐशिया के सामान्यत: मध्यकाल के युग को सामंतवाद कहा जाता है क्योंकि इसका उदय, विकास और हृास इसी काल में हुआ। इस शब्द की विभिन्न परिभाषाएं हैं क्योंकि विभिन्न विद्वानों ने इसकी अलग-अलग व्याख्या की है। इसका प्रयोग ऐतिहासिक विकास की भिन्न-भिन्न अवस्थाओं के सन्दर्भ में किया जाता है और ये अवस्थाएं कालक्रम के …

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समाजशास्त्र का अर्थ, परिभाषा, उत्पत्ति, प्रमुख विशेषताएं

समाजशास्त्र एक महत्वपूर्ण सामाजिक विज्ञान है क्योंकि यह लोगों के जीवन से सीधा सरोकार रखता है। सभी मनुष्य सामाजिक प्राणी हैं. सामाजिक संबंधों के बिना न बच्चों का ठीक से विकास हो पाता, न वयस्कों को दिशा मिल पाती। मानव अस्तित्व के लिए समाज का होना जरूरी है। इस प्रकार समाजशास्त्र समाज का सामान्य विज्ञान है। …

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व्याकरण का अर्थ, परिभाषा, महत्व और विशेषताएँ

व्याकरण वह शास्त्र है जो भाषा से संबंधित नियमों का ज्ञान करता है। किसी भी भाषा की संरचना का सिद्धांत अथवा नियम ही उसका व्याकरण है। यदि नियमों द्वारा भाषा को स्थित न रखा जाए तो उसकी उपादेयता, महत्ता तथा स्वरूप ही नष्ट हो जायेगा। अत: भाषा के शीघ्र परिवर्तन को रोकने के लिए ही व्याकरण …

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ज्ञान का अर्थ, परिभाषा प्रकार, स्रोत, महत्व

मस्तिष्क में आई नवीन चेतना तथा विचारों का विकास स्वयं तथा देखकर होने लगा इस प्रकार से वह अपने वैचारिक क्षमता अर्थात् ज्ञान के आधार पर अपने नवीन कार्यों को करने एवं सीखने, किस प्रकार से कोई भी काम को आसान तरीके से किया जाये और उसे किस प्रकार से असम्भव बनाया जाये। इसी सोच विचारों …

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पाठ्यक्रम का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति एवं क्षेत्र

पाठ्यक्रम का अर्थ (pathyakram ka arth) पाठ्यक्रम शब्द अंग्रेजी भाषा के ‘करीक्यूलम’ (Curriculum) शब्द का हिन्दी रूपान्तर है। ‘करीक्यूलम’ शब्द लैटिन भाषा से अंग्रेजी में लिया गया है तथा यह लैटिन शब्द ‘कुर्रेर’ से बना है। ‘कुर्रेर’ का अर्थ है ‘दौड़ का मैदान’। दूसरे शब्दों में, ‘करीक्यूलम’ वह क्रम है जिसे किसी व्यक्ति को अपने गन्तव्य …

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