थॉमस एक्विनास का जीवन परिचय, राजनीतिक विचार

13 वीं शताब्दी के महान् दार्शनिक सेण्ट थॉमस एक्विनास का जन्म 1225 ई0 में नेपल्स राज्य (इटली) के एक्वीनो नगर में हुआ। उसका पिता एकवीनी का काऊण्ट था उसकी माता थियोडोरा थी। सेण्ट थॉमस एक्विनास का बचपन सम्पूर्ण सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण था। उसकी जन्मजात प्रतिभा को देखकर उसके माता-पिता उसे एक उच्च राज्याधिकारी बनाना चाहते थे। …

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मैकियावेली का जीवन परिचय, मैकियावली ने अपने जीवनकाल में दो महत्त्वपूर्ण ग्रन्थों की रचना की

मैकियावेली को सबसे पहला आधुनिक राजनीतिक चिन्तक कहकर मैक्सी ने पुकारा है गैटैल के शब्दों में, ‘मैकियावेली आधुनिक राजदर्शन का जनक था। और सेबाइन के अनुसार फ्सम्पूर्ण पुनरुत्थान मैकियावेली में आ गया है। जोन्स लिखते हैं मैकियावेली अपने समय का एक उत्कृष्टतम निचोड़ है। मैकियावेली के राजनीतिक चिन्तन को आधुनिक युग के प्रथम राजनीतिक होने का …

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थॉमस हॉब्स का जीवन परिचय एवं थॉमस हॉब्स की प्रमुख रचनाएँ

थॉमस हॉब्स Thomas Hobbes एक अतिशय महान् विचारक और राजनीतिशास्त्र का प्रणेता था। राजनीतिक चिन्तन के इतिहास में आज भी हाॅब्स का नाम प्लेटो, माण्टेस्क्यू, मेकियावेली, रूसो जैसे दार्शनिकों की प्रथम पंक्ति में लिया जाता है। थॉमस हॉब्स का जीवन परिचय थॉमस हॉब्स का जन्म 5 अप्रैल 1588 को विल्टरशायर (इंगलैण्ड) में माम्सबरी (Malmesbury) नामक स्थान …

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जॉन लॉक का जीवन परिचय, रचनाएँ, लाॅक के चिन्तन को प्रभावित करने वाले तत्व एवं परिस्थितियाँ

जाॅन लाॅक केवल राजनीतिक विचारक और अनुभववादी तत्ववेत्ता ही नहीं है अपितु पश्चिमी यूरोप और अमरीका की आधुनिक सांविधानिक सांस्कृतिक विचारधारा के निर्माण में भी उसका महत्वपूर्ण योगदान है। लोकतान्त्रिाक दर्शन की पृष्ठभूमि के निर्माण में उसका गौरवपूर्ण स्थान है। जॉन लॉक का जीवन परिचय  जॉन लॉक का जन्म 29 अगस्त, 1632 में सामरसेंट शायर के …

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यज्ञ किसे कहते है गीता के चतुर्थाध्याय के यज्ञनिरूपण-प्रकरण में यज्ञ के 15 मुख्य भेद बतलाए गये हैं

यज्ञ का भावार्थ-परमार्थ एवं उदार-कृत्य है। ‘यज्ञ’ शब्द पाणिनीसूत्र ‘‘यजयाचयतविच उप्रक्चरक्षो नड़्’’ में नड़् प्रत्यय लगाने पर बनता है अर्थात् यज्ञ शब्द ‘यज्’ धातु से बना है, यज् धातु के तीन अर्थ हैं- देवपूजन, दान और संगतिकरण। इस प्रकार हवि या हवन के द्वारा देवताओं का पूजन का नाम ‘यज्ञ’ है। ईश्वरीय दिव्य शक्तियों की आराधना, उपासना, …

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ईश्वर किसे कहते हैं ईश्वर की परिभाषा क्या है?

शब्द व्युत्पत्ति की दृष्टि से ईश्वर शब्द ईश धातु में वरच् प्रत्यय लगाकर बना है जिसका अर्थ है ऐश्वर्य युक्त, समर्थ, शक्तिशाली, स्वामी, प्रभु, मालिक, राजा, शासक आदि। हिन्दी संस्कृत कोश के अनुसार ईश्वर शब्द का प्रयोग परमेश्वर, जगदीश्वर, परमात्मन, परमेश, स्वामी, शिव आदि अनेक रूपों में किया गया है। ऋग्वेद में ईश धातु का प्रयोग …

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रूसो का सामाजिक समझौते का सिद्धांत

रूसो रूसो ने सामाजिक समझौता सिद्धांत का वर्णन अपनी पुस्तक ‘सोशल कांट्रेक्ट’ (सामाजिक समझौता) में किया है। इस रचना में रूसो ने आदर्श समाज की स्थापना की युक्ति सुझाई है, जिससे मानव जाति की मानव जाति को प्राकृतिक अवस्था के कष्टों से मुक्ति मिल सके। जिस प्रकार हॉब्स व लॉक ने राज्य की उत्पत्ति का कारण …

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जेरेमी बेंथम का जीवन परिचय एवं बेंथम की प्रमुख रचनाएँ

जेरेमी बेंथम का जन्म 15 फरवरी 1748 ई0 को लन्दन के एक प्रतिष्ठित वकील परिवार में हुआ। उसने 13 वर्ष की आयु में मैट्रिक तथा 15 वर्ष की आयु में 1763 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक की परीक्षाएँ उत्तीर्ण कीं। उसके बाद उसने ‘लिंकन्स इन’ में कानून का अध्ययन किया और वहाँ से कानून का अध्ययन …

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जॉन स्टुअर्ट मिल का जीवन परिचय, महत्त्वपूर्ण रचनाएँ

जॉन स्टुअर्ट मिल का जीवन परिचय उपयोगितावाद के अन्तिम प्रबल समर्थक जॉन स्टुअर्ट मिल का जन्म 20 मई, सन् 1806 ई0 को लन्दन में हुआ। वह अपने पिता जेम्स मिल (1773-1836) की प्रथम सन्तान था। उसके पिता स्वयं उपयोगितावादी सुधारक होने के नाते उसे उपयोगितावादी शिक्षा देना चाहते थे। जॉन स्टुअर्ट मिल स्वयं भी एक प्रतिभाशाली …

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हीगल का जीवन परिचय एवं उसकी प्रमुख रचनाएँ

जर्मनी के प्रसिद्ध आदर्शवादी दार्शनिक हीगल का जन्म 1770 ई0 में स्टटगार्ट नामक नगर में हुआ। हीगल के पिता वुर्टमवर्ग राज्य में एक सरकारी कर्मचारी थे। वे हीगल को धार्मिक शिक्षा दिलाना चाहते थे। 18 वर्ष की आयु तक हीगल ने स्टटगार्ट के ‘ग्रामर स्कूल’ में शिक्षा ग्रहण की।  1788 ई0 में उसने ट्यूबिनजन के विश्वविद्यालय …

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