शून्य आधारित बजट क्या है बजट का निर्माण करने से पूर्व इन मदों/शीर्षकों को दर्शाया जाता है

जैसा कि आपको इस अवधारणा के नाम से ही स्पष्ट है कि इस बजट के अन्तर्गत कोई पूर्व निर्धारित आधार नहीं होता है। अत: इस बजट के निर्माण के लिए पूर्ववर्ती मदों को शून्य मान लिया जाता है। अर्थात् इस बजट का निर्माण बिना किसी आधार के किया जाता है। यह बजट पूर्ण रूप से लेखा …

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वित्तीय प्रबंधन का अर्थ, परिभाषा, कार्य एवं महत्व

वित्तीय प्रबंधन व्यावसायिक प्रबंधन का एक कार्यात्मक क्षेत्र है तथा यह संपूर्ण प्रबंधन का ही एक भाग होता है। वित्तीय प्रबंधन उपक्रम के वित्त तथा वित्तीय क्रियाओं के सफल तथा कुशल प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होता है। यह कोई उच्चकोटि के लेखांकन अथवा वित्तीय सूचना प्रणाली नहीं होती है। यह फर्म के वित्त तथा वित्त से …

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भारत में मानव संसाधन का महत्व

मानव संसाधन विकास का उद्देश्य मानवीय श्रम का सदुपयोग करना है जिसमें जनशक्ति विकास भी शामिल है। जनशक्ति का अर्थ सभी प्रकार के संगठित और असंगठित श्रमिक, नियोक्ता और पर्यवेक्षक प्रबन्धक एवं कर्मचारी से है। यह शब्द श्रम के बहुत निकट है सभी व्यक्ति जो कार्य पर लगे हुए हैं या कार्य करने योग्य हैं किन्तु …

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प्रबंधन सूचना प्रणाली क्या है इसकी विशेषताओं का वर्णन ?

प्रबंधन प्रणाली एक ऐसी प्रणाली है जिसमें विभिन्न प्रबंधन कार्यों से सम्बन्धित परिभाषित समंको व सूचनाओं को एकित्रत, प्रविधियत एवं संचारित किया जाता है यह प्रबंधन को सही समय पर तथा सही रूप में आवश्यक सूचनाएँ तैयार करने एवं प्रस्तुत करने की एक समन्वित व्यवस्था है। इस पद्धति के द्वारा निर्णय लेने, उनको क्रियान्वित करने तथा …

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प्लेटो का न्याय सिद्धांत | Plato’s Theory of Justice

प्लेटो का न्याय सिद्धांत उसके दर्शन की आधारशिला है। ‘रिपब्लिक’ में वर्णित आदर्श राज्य का मुख्य उद्देश्य न्याय की प्राप्ति है। ‘रिपब्लिक’ में प्लेटो न्याय के स्वरूप तथा निवास स्थान (Nature and Habitation) की विस्तृत चर्चा करता है। ‘रिपब्लिक’ का प्रारम्भ और अन्त न्याय की चर्चा से होता है। प्लेटो ने न्याय को कितना महत्त्व दिया …

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प्लेटो का शिक्षा का सिद्धांत का वर्णन | Plato’s Education Theory

प्लेटो प्लेटो अपने आदर्श राज्य में न्याय की प्राप्ति के लिए जिन दो तरीकों को पेश करता है, उनमें से शिक्षा एक सकारात्मक तरीका है। समाज में शिक्षा की बहुत आवश्यकता होती है। शिक्षा द्वारा ही समाज में भ्रातृभाव और एकता की भावना पैदा होती है।  शिक्षा के महत्व को स्वीकारते हुए प्लेटो कहता है- “राज्य …

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प्लेटो का साम्यवादी सिद्धांत/PLATO THEORY OF COMMUNISM

प्लेटो प्लेटो ने अपने आदर्श में न्याय की प्राप्ति के लिए जो दो तरीके अपनाए हैं, उनमें से साम्यवाद का निषेधात्मक व भौतिक तरीका भी शामिल है। प्लेटो का मानना है कि आदर्श राज्य की स्थापना में तीन बाधाएँ – अज्ञान, निजी सम्पत्ति व निजी परिवार है। इन बाधाओं को दूर करने के लिए प्लेटो शिक्षा …

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प्लेटो के दार्शनिक राजा का सिद्धांत प्लेटो के अनुसार एक दार्शनिक राजा में इन गुणों का होना आवश्यक है

प्लेटो प्लेटो ने तत्कालीन एथेन्स की राजनीतिक दुर्दशा देखकर एक शक्तिशाली शासन की आवश्यकता महसूस की ताकि स्वार्थी तत्त्वों से आसानी से निपटा जा सके। उसने महसूस किया कि राजा इतना शक्तिशाली होना चाहिए कि वह आसानी से एथेन्स को राजनीतिक भ्रष्टाचार, व्यक्तिवाद व अस्थिरता के गर्त से निकाल सके और राज्य में शान्ति व्यवस्था कायम …

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अरस्तू के राज्य सम्बन्धी विचार। Aristotle’s conception of State

अरस्तू का जन्म 384 ईसा पूर्व में मेसीडोनिया के  स्टेजिरा नामक नगर में हुआ था, जो एथेन्स के लगभग दो सौ मील दूर उत्तर में है। अरस्तू के पिता मेसीडोनिया के राजा तथा सिकन्दर के पितामह एमण्टस के मित्र और चिकित्सक थे। ऐसा लगता है कि स्वयं अरस्तू भी बाद में एस्किलपेड्स के प्रसिद्ध चिकित्सक समाज …

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संत ऑगस्टाइन (Saint Augustin) का जीवन परिचय एवं राजनीतिक विचार

संत ऑगस्टाइन  (Saint Augustin) का जन्म उत्तरी अफ्रीका के रोमन प्रान्त न्यू मीडिया (अल्जीरिया) के थिगस्ते नामक स्थान पर 354 ई0 में हुआ। उसके पिता एक मूर्तिपूजक (Pagan) थे और एक बड़े जमींदार थे। उसकी माँ ईसाईधर्म में विश्वास रखने वाली महिला थी। वह बचपन से ही एक प्रतिभाशाली बालक था। उसकी प्रतिभा से प्रभावित होकर उसके पिता …

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