अवमूल्यन का अर्थ, परिभाषा, कारण

प्राय: किसी भी देश की मुद्रा की विनिमय-दर उसकी “स्वाभाविक विनिमय-दर” नहीं कही जा सकती है। वास्तविक विनिमय-दर देश की अपनी तथा उसके साथ आर्थिक सम्बन्ध रखने वाले अन्य देशों की आर्थिक, वित्तीय तथा मौद्रिक नीतियों पर निर्भर करती है। प्रत्येक देश अपनी मुद्रा के लिए एक उपर्युक्त विनिमय दर निर्धारित करता है और उसे निश्चित …

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बैंक की स्थापना का मूल उद्देश्य और इसके कार्य

विश्व बैंक की स्थापना 1944 में अमेरिका के ब्रेटन बुडस शहर में IMF के अलावा जिस अन्य संस्था की स्थापना हुई वह अन्तर्राष्ट्रीय पुनर्निमाण एवं विकास बैंक (International Reconstruction and Development Bank – IRDB) था। इसे विश्व बैंक (World Bank) भी कहा जाता है। इस बैंक की स्थापना का मूल उद्देश्य अपने प्रतिनिधि सदस्य राष्ट्रों के …

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आर्थिक समस्या किसे कहते हैं आर्थिक समस्या के उत्पन्न होने के दो मुख्य कारण हैं

प्रत्येक अर्थव्यवस्था की कुछ आधारभूत आर्थिक समस्याएं हैं। इन आधारभूत समस्याओं की विस्तृत विवेचना करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि आर्थिक समस्या से अभिप्राय क्या है। प्रत्येक मनुष्य की आवश्यकताएं असीमित हैं परंतु उन्हें संतुष्ट करने वाले अधिकतर साधन सीमित हैं। एक अर्थव्यवस्था के लिये यह सम्भव नहीं है कि वह प्रत्येक नागरिक के …

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उत्पादन लागत, मौद्रिक लागत, अवसर लागत क्या है?

उत्पादन लागत प्रत्येक फर्म किसी वस्तु का उत्पादन करने के लिए उत्पादन के साधनों का प्रयोग करती है। उत्पादन के साधनों का प्रयोग करने के लिए जो रकम खर्च करनी पड़ती है उसे उत्पादन लागत कहते हैं। उत्पादन लागत मुख्य रूप से उत्पादन की मात्रा पर निर्भर करती है। मौद्रिक लागत किसी वस्तु का उत्पादन तथा …

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कीमत विभेद क्या है कीमत विभेद तभी संभव हो सकता है जबकि बाजार में ये शर्तें पूरी होती है

कीमत विभेद वह स्थिति है जिसमें एक वस्तु को एक से अधिक कीमत पर बेचा जाता है। एक एकाधिकारी कई बार किसी वस्तु की विभिन्न उपभोक्ताओं से या विभिन्न उपयोगों के  लिए अलग-अलग कीमत ले सकता है। एकाधिकारी की इस कीमत नीति को कीमत विभेद (Price Discrimination) कहते हैं कीमत विभेद वह स्थिति है जिसमें एक …

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वस्तु विभेद किसे कहते हैं वस्तु विभेद की मुख्य विशेषताएं?

वस्तु विभेद का अर्थ है कि वस्तुएँ एक-दूसरे के निकट स्थानापन्न (Close Substitute) तो होती हैं परन्तु वे समरूप (Homogeneous) नहीं होतीं और उनमे रंग, नाम, पैकिंग, क्वालिटी आदि का अन्तर पाया जाता है।  बाजार में आपको फोरहन्स, बिनाका, कॉलगेट, सिगनल आदि कई प्रकार के टूथपेस्ट, लिमका, कैम्पा कोला, पेप्सी कोला, कोका कोला, थम्स अप आदि …

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विदेशी सहायता क्या है सहायता देने वाले देशों की विचारधारा

विदेशी आर्थिक सहायता से आशय पूंजी और प्राविधिक ज्ञान का रियायती शर्तों पर एक देश से दूसरे देश को किया जाने वाला हस्तांतरण है। हस्तांतरण की यह प्रक्रिया विश्व पूंजी और श्रम बाजार में प्रचलित शर्तों से आसान शर्तों पर होता है। विदेशी आर्थिक सहायता की अवधारणा में एक निहित तत्व यह है कि हस्तांतरित होने …

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लगान का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं सिद्धांत

लगान शब्द का प्रयोग उत्पादन के उन साधनों को दिए जाने वाले भुगतान के लिए किया जाता है जिनकी पूर्ति अपूर्ण लोचदार होती है। इस सम्बन्ध में प्रमुख उदाहरण भूमि का दिया जाता है। जबकि साधारण बोलचाल की भाषा में लगान या किराया शब्द का प्रयोग उस भुगतान के लिए किया जाता है जो किसी वस्तु …

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आभास लगान किसे कहते हैं?

आभास लगान किसे कहते हैं? आभास लगान की धारणा का प्रयोग डॉ. मार्शल ने भूमि के अतिरिक्त मनुष्य द्वारा बनाए गए उन साधनों से प्राप्त अतिरिक्त आय के लिये किया है जिनकी पूर्ति अल्पकाल में स्थिर रहती है। मार्शल के अनुसार वर्तमान पुस्तक में आभास लगान शाब्द का प्रयोग उस आय के लिए किया जाएगा जो …

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बजट का अर्थ, परिभाषा, सिद्धांत, बजट के गठन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विधियाँ

बजट से हमारा आशय सरकार या लोकसत्ताओं द्वारा वित्तीय संसाधनों को जुटाने एवं उनको व्यय करने सम्बन्धी कार्यक्रमों की रूपरेखा से लगाया जाता है। बजट एक सरकारी प्रपत्र होता है जिसमें सार्वजनिक कार्यक्रमों को संचालित करने के लिये आवश्यक कार्यों की पूर्ति करने के स्रोत एवं मात्रा के साथ सम्बन्धित मदों का पूर्ण विवरण होता है। …

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