लिपि की उत्पत्ति कैसे हुई

भाषा की उत्पत्ति की भांति ही लिपि की उत्पत्ति के विषय में भी पुराने लोगों का विचार था कि ईश्वर या किसी देवता द्वारा यह कार्य सम्पन्न हुआ। भारतीय पंडित ब्राह्मी लिपि को ब्रह्मा की बनाई मानते हैं और इसके लिए उनके पास सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि लिपि का नाम ‘ब्राह्मी’ है। इसी प्रकार …

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सिन्धु घाटी सभ्यता की लिपि की उत्पत्ति के विषय में मत

हड़प्पावासी शिक्षित थे। हड़प्पा की मुद्राओं पर अनेक प्रकार के चिह्न या आकृतियां बनी हैं। हाल ही में किए गए अध्ययनों से यह संकेत मिले हैं कि हड़प्पा की लिपि में लगभग 400 चिह्न हैं और इसे दाई से बाई ओर को लिखा जाता है। परन्तु अभी तक इस लिपि को पढ़ा नहीं जा सका है। ऐसा …

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भारत की प्राचीन लिपियां

भारत की प्राचीन लिपियां – सिंधु घाटी की लिपि को थोड़ी-देर के लिये छोड़ दिया जाय तो भारत के पुराने शिलालेखों और सिक्कों पर दी लिपियां – 1. ब्राह्मी, 2. खरोष्ठी मिलती हैं। पर पुस्तकों में और अधिक लिपियों के नाम मिलते है। जैनों के पत्रावणासूत्रा में 18 लिपियां- 1. बंभी, 2. जवणालि, 3. दीसापुरिया, 4. …

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विश्व के प्रमुख भाषा परिवार, भाषा परिवार का संक्षिप्त परिचय

परिवारों की संख्या यद्यपि अभी तक अनिश्चित है, क्योंकि ‘फ्रेडरिक मूलर’ आदि विद्वान् जहाँ 100 भाषा-परिवारों की कल्पना करते हैं, वहाँ अन्य विद्वानों की कल्पना 250 परिवारों तक जा पहुंचती है। कुछ विद्वान् केवल 10 भाषा-परिवार ही मानते हैं। ‘डाॅ. धीरेन्द्र वर्मा’ ने 12 भाषा-परिवार गिनाये हैं, जबकि ‘डाॅ. देवेन्द्रनाथ शर्मा’ ने “अपेक्षाकृत निर्विवाद और प्रमुख” …

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भारत में गरीबी के कारण, गरीबी हटाने के लिए मुख्य रूप से इन उपाय को अपनाना श्रेयस्कर होगा

जब समाज का एक भाग न्यूनतम जीवन स्तर से भी नीचे जीवन यापन के लिए विवश होते है तो यह स्थिति गरीबी की स्थिति कहलाती है। विश्व के सभी देशों में गरीबी को परिभाषित करने का प्रयास किया गया है। आय के स्तर पर विचार किए बिना यदि किसी परिवार में इस आधारिक सुविधाओं की कमी रहती …

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क्षेत्रीय असमानता क्या है भारत में असमानता के कारण?

क्षेत्रीय असमानता का अभिप्राय है देश के विभिन्न राज्यों के आर्थिक तथा प्रति व्यक्ति आय के स्तर में पाई जाने वाली असमानता। देश के कुछ राज्यों जैसे पंजाब, गोवा, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात आदि के आर्थिक विकास की दर एवम् प्रति व्यक्ति आय बहुत अधिक है। इसके विपरीत कई राज्यों जैसे, बिहार, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, असम आदि …

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मुद्रास्फीति क्या है इसके कारण

अर्थव्यवस्था में जब मुद्रा की मात्रा बढ़ जाती है और उसका मूल्य कम हो जाता है और साथ ही साथ मूल्य स्तर भी बढ़ता है तो मुद्रा स्फीति की स्थिति पैदा हो जाती है। कीमत स्तर में होने वाली लगातार वृद्धि को मुद्रा स्फीति कहते है। ऐसे में सरकारी बजट में लगातार घाटा रहता है। बहुत अधिक …

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औद्योगिक नीति 1977 क्या है औद्योगिक नीति 1977 की विशेषताएँ?

इस नीति की चर्चा करने से पूर्व 1970 और 1973 की घोषणाओं को स्पष्ट करना आवश्यक हो जाता है। 1956 से लेकर 1973 तक अनेक महत्वपूर्ण घटनाएँ घटित हुई और कुछ ऐसी आर्थिक दशाएँ उत्पन्न हो गयी जिसके कारण यह आवश्यक हो गया कि सरकार अपनी पूर्व घोषित (1956) औद्योगिक नीति के व्यावहारिक स्वरूप में परिवर्तन …

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औद्योगिक नीति 1980 क्या है इसके प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं

23 जुलाई, 1980 को कांग्रेस के पुन: सत्ता में आने के कुछ माह पश्चात ही नयी औद्योगिक नीति की घोषणा की गयी। नया नीति प्रस्ताव मूलत: 1956 की औद्योगिक नीति प्रस्ताव के अधीन ही बनाया गया। नये नीति प्रस्ताव के प्रस्ताव में यह उल्लेख किया गया कि 1956 का औद्योगिक नीति प्रस्ताव हमारे देश की मूल्य …

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निजीकरण का क्या अर्थ है निजीकरण के उद्देश्य

निजीकरण का अर्थ है, कि निजी क्षेत्र की कम्पनियों को उन वस्तुओं ओर सेवाओं के उत्पादन की अनुमति प्रदान करना, जिनकी पहले अनुमति नहीं थी । इसमें सरकारी क्षेत्र की कम्पनियों की सम्पति एव संचालन को निजी क्षेत्र को सोपना भी सम्मिलित है। निजीकरण का अर्थ  निजीकरण का अर्थ है सरकार के नियंत्रण से बाहर रहकर …

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