प्रत्याहार का अर्थ, परिभाषा, परिणाम एवं महत्व

इंद्रियों को अंतर्मुखी करके उनके संबंधित विषयों से विमुख करना प्रत्याहार कहलाता है। प्रत्याहार का सामान्य कार्य होता है, इन्द्रियों का संयम, दूसरे अर्थ में प्रत्याहार का अर्थ है पीछे हटना, उल्टा होना, विषयों से विमुख होना। इसमें इन्द्रियाॅं अपने वहिर्मुख विषयों से अलग होकर अन्तर्मुख हो जाती है। इसलिये इसे प्रत्याहार कहते है। महर्षि पतंजलि प्रत्याहार …

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धारणा का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, परिणाम एवं महत्व

मन (चित्त) को एक विशेष स्थान पर स्थिर करने का नाम धारणा है। यह वस्तुतः मन की स्थिरता का घोतक है। हमारे सामान्य दैनिक जीवन में विविध प्रकार के विचारों का प्रवाह चलता रहता है, दीर्घकाल तक स्थिर रूप से वे नहीं टिक पाते और मन को अस्थिर करते है इसके विपरित धारणा में सम्पूर्ण चित्त …

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ध्यान का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं महत्व

ध्यान चिन्तन की ही एक प्रक्रिया है पर ध्यान का कार्य चित्त करना नहीं अपितु चिन्तन का एकाग्रीकरण अर्थात चिन्त को एक ही लक्ष्य पर स्थिर करना ध्यान कहलाता है। सामान्यतः ईश्वर या परमात्मा में ही अपना मनोनियोग इस प्रकार करना कि केवल उसमें ही साधक निमग्न हो और किसी अन्य विषय की ओर उसकी वृत्ति …

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मोक्ष का सामान्य अर्थ भारतीय दर्शन में मोक्ष की अवधारणा

मोक्ष का सामान्य अर्थ दुखों का विनाश है। दुखों के आत्यन्तिक निवृत्ति को ही मोक्ष या कैवल्य कहते हैं। प्राय: सभी भारतीय दर्शन यह मानते हैं कि संसार दुखमय है। दुखों से भरा हुआ है। किन्तु ये दुख अनायास नहीं है, इन दुखों का कारण है। उस कारण को समाप्त करके हम सभी प्रकार के दुखों …

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व्यावहारिक मनोविज्ञान का अर्थ, परिभाषा एवं क्षेत्र

व्यावहारिक या प्रयुक्त मनोविज्ञान का तात्पर्य ऐसे मनोविज्ञान से है जो क्षेत्र में व्यक्ति की समस्याओं के समाधान के लिए उनका सही मार्ग दर्शन करने के लिए, मनोवैज्ञानिक समस्याओं के समाधान में अपने कौशल एवं शोध का उपयोग करते हैं। वस्तुतः मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों का व्यावहारिक अनुप्रयोग करना ही व्यावहारिक मनोविज्ञान है। व्यावहारिक मनोविज्ञान के विकास पर …

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फ्रायड का व्यक्तित्व का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत || Freud’s psychoanalytic theory

मनोविज्ञान के क्षेत्र में सिगमंड फ्रायड के नाम से प्राय: सभी लोग परिचित है। सिगमंड फ्रायड ने व्यक्तित्व के जिस सिद्धांत का प्रतिपादन किया, उसे व्यक्तित्व का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत कहा जाता है। सिगमंड फ्रायड का यह सिद्धांत उनके लगभग 40 साल के वैदानिक अनुभवों पर आधारित है। सिगमंड फ्रायड का सिद्धांत इसी उपागम पर आधारित है। फ्रायड का व्यक्तित्व का मनोविश्लेषणात्मक …

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फ्रांस के तृतीय गणतंत्र की प्रमुख समस्या || फ्रांस का तृतीय गणतंत्र के सुधार

नैपोलियन तृतीय की पराजय 2 सितम्बर सन् 1870 ई. में सीडान नामक स्थान पर हुई और उसको बाध्य होकर आत्म-समर्पण करना पड़ा। वह बन्दी बना लिया गया। जब अगले दिन अर्थात् 3 सितम्बर को यह समाचार फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचा तो पेरिस की सस्त जनता के मुख पर यह प्रश्न था कि अब क्या होगा, …

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सूचना का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, स्वरूप, प्रसार एवं विशेषताएं

सूचना एक मानवीय विचार है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी होने के कारण मानवीय गतिविधियों से सीधा जुड़ा रहता है। समाज में जब किसी चीज की आवश्यकता होती है, तो उस पर शोध होती है, नई परिकल्पनायें जन्म लेती हैं, नये विचार मानव-मस्तिष्क में आते हैं। पाच ज्ञानेन्द्रियों के जरिये ग्रहण की गई संवेदनाओं को तभी तान्त्रिकाओं …

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संचार तकनीक क्या है तकनीकी संचार की मुख्य विशेषताएं

तकनीकी संचार एक ऐसा माध्यम है जिसकी सहायता से एक व्यक्ति अपने विचारों, संवेदनाओं, एवं सूचनाओं को दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाता है और उत्तर के रूप में दूसरे व्यक्ति से संचार के माध्यम से ही उसके विचारों को सुनता है। संचार के कई प्रकार हैं :- मौखिक संचार (Oral Communication)  सांकेतिक संचार (Non-verbal Communication)  लिखित सम्प्रेषण …

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साक्षात्कार अनुसूची क्या है यंग ने श्रेष्ठ अनुसूची की दो विशेषताएँ बताई है

अनुसूची अंग्रेजी के शिड्यूल (Schedule) का हिन्दी रूपान्तर है। जिसका अर्थ होता है सूची (A list)] नामावली (A tabulated statement) आदि।  साक्षात्कार अनुसूची की परिभाषा साक्षात्कार अनुसूची की विद्वानों ने जो परिभाषाएँ दी हैं, वे इस प्रकार हैं- बोगार्डस के अनुसार- अनुसूची उन तथ्यों को प्राप्त करने के लिये एक औपचारिक पद्धति का प्रतिनिधित्व करती है, …

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