औरंगजेब की धार्मिक नीति और औरंगजेब की धार्मिक नीति के परिणाम

शाहजहां के चार पुत्र थे । दारा शिकोह, भुजा, औरंगजेब और थे । शाहजहां की तीन पुत्रियां भी थी । जहांआरा, रोशनआरा, गौहरआरा । मुसलमान शासकों में उत्तराधिकार के नियमों का आभाव था तलवार के बल पर शासन प्राप्त किया जा सकता था । शेष भाइर्यों की कत्ल कर दिये जाते थे । जीते जी सभी …

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उद्योग किसे कहते है उद्योग की परिभाषा? – udhyog kise kehte hai

उद्योग में वे समस्त क्रियाएं शामिल की जाती है जिनके माध्यम से कच्चे माल से पक्के माल को निर्मित कर बिक्री योग्य बनाया जाता है। अर्थात् औद्योगिक क्रिया के द्वारा किसी भी वस्तु का मूलरूप परिवर्तित कर उपयोगी बनाया जाता है। उद्योग को निम्न भागों में बांटा गया है : 1, उत्पत्ति उद्योग – इसके अंतर्गत …

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वाणिज्य क्या है और इसके प्रकार?

व्यवसाय के दो अंग हैं- उद्योग और वाणिज्य। उद्योगों का कार्य जहां समाप्त होता है, वहीं वाणिज्य का कार्य आरम्भ होता है। उद्योगों में वस्तुओं का उत्पादन होता है। इन वस्तुओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की क्रिया वाणिज्य है। इस प्रकार वाणिज्य के अन्तर्गत उत्पादन स्थल से निर्मित वस्तु प्राप्त करके उपभोक्ता तक पहुंचाने की समस्त …

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परिवहन का अर्थ, परिभाषा, महत्व एवं प्रकार

परिवहन मानव साधन का एक माध्यम है जिसकी सहायता से व्यक्तियों, वस्तुओं और विभिन्न संदेशों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है। किसी भी राष्ट्र के सामाजिक, आर्थिक विकास तथा भावात्मक एकता के लिए उन्नत एवं विकसित परिवहन के सभी साधनों का होना नितांत आवश्यक होता है।  प्राचीन समय में मनुष्य ही परिवहन का …

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सार्वजनिक उपक्रम का अर्थ, विशेषताएँ और महत्व

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम का तात्पर्य ऐसे उपक्रम से होता है जो सरकार के स्वामित्व, प्रबन्ध एवं नियंत्रण में संचालित किया जाता है। लोक उपक्रम को लोक उद्योग, सार्वजविक उपक्रम, राजकीय उपक्रम, सरकारी उपक्रम, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम आदि अनेक नामों से जाना जाता है। सार्वजनिक उपक्रम का अर्थ ऐसे व्यावसायिक इकाइयाँ जिनका स्वामित्व, प्रबंधन और …

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विपणन का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, कार्य, महत्व

पहले के समय में जब विपणन की अवधारणा नहीं थी, तब सिर्फ बाजार में होने वाले क्रय-विक्रय को ही विपणन माना जाता था। सबसे पहले वस्तु विनिमय ही किया जाता था जब मुद्रा प्रचलित नहीं थी। जैसे:- अनाज के बदले वस्त्र खरीदना, लकडि़यों के बदले में सब्जियाँ खरीदना।  पहले के समय में उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं की …

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योग का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, प्रकार और महत्व

योग शब्द का शाब्दिक अर्थ जोड़ना या मिलन कराना है । योग शब्द के इस अर्थ का भारतीय संस्कृति में बहुत अधिक प्रयोग किया गया है । जैसे गणित शास्त्र में दो या दो से अधिक संख्याओं के जोड़ का योग कहते है । चिकित्सा शास्त्र में विभिन्न औषधियों के मिश्रण को योग कहते है, ज्योतिष …

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योग का महत्व क्या है?

योग भारतीय संस्कृति का एक आधार स्तम्भ हैं । जो प्राचीन काल से आधुनिक काल तक हमारे काल से जुडा हुआ है । इस योग का महत्व प्राचीन काल से भी था तथा आधुनिक काल में भी इसका महत्व और अधिक बडा है।  योग का महत्व भौतिक एवं विज्ञान की दृष्टि से आज का मानव अत्यंत …

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योग साधना में साधक व बाधक तत्व

योग शब्द का अर्थ संस्कृत भाषा के युज् धातु से निष्पन्न होने के साथ विभिन्न ग्रन्थों के अनुसार योग की परिभाषाओं का अध्ययन किया गया। योग साधना के मार्ग में साधक के लिए साधना में सफलता हेतु सहायक तत्वों तथा साधना में बाधक तत्वों की चर्चा विभन्न ग्रन्थों के अनुसार की गई है। वास्तविकता में योग …

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गीता में योग का स्वरूप

वही ज्ञान वास्तविक ज्ञान होता है जो ज्ञान मुक्ति के मार्ग की ओर अग्रसरित कराता है। अत: गीता में भी मुक्ति प्रदायक ज्ञान है। इस बात की पुष्टि स्वयं व्यास जी ने महाभारत के शान्तिपर्व में प्रकट किया है। ‘‘विद्या योगेन ऱक्षति’’ अर्थात् ज्ञान की रक्षा योग से होती है। श्रीमद्भगवद् गीता को यदि योग का …

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