सम्प्रदायवाद का अर्थ, विशेषताएं एवं कारण

सम्प्रदायवाद का अर्थ सम्प्रदायवाद का अर्थ ‘‘दूसरे समुदाय के लोगों के प्रति धार्मिक भाषा अथवा सांस्कृतिक आधार पर असहिष्णुता की भावना रखना तथा धार्मिक सांस्कृतिक भिन्नता के आधार पर अपने समुदाय के लिए राजनीतिक अधिकार, अधिक सत्ता, प्रतिष्ठा की मांगे रखना और अपने हितों को राष्ट्रीय हितों से ऊपर रखना है। सम्प्रदायवाद की विशेषताएं यह अंधविश्वास …

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पर्यावरण जागरूकता क्या है पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा लिए गए कुछ उपाय –

पर्यावरण हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। पर्यावरण के प्रभाव का अध्ययन किए बिना जीवन को समझ पाना असम्भव है। पर्यावरण की रक्षा करने में लापरवाही बरतने का अर्थ अपना विनाश करना है। हम अपने दैनिक जीवन में पर्यावरणीय संसाधनों का प्रयोग करते है। इन संसाधनों में कुछ नवीनीकरण हो सकता है और कुछ का …

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भारतीय विदेश नीति के उद्देश्य एवं सिद्धांत

भारत की भी अपनी विदेश नीति है। विदेश नीति के अंतर्गत कुछ सिद्धांत, हित और वे सभी उद्देश्य आते हैं जिन्हें किसी दूसरे राष्ट्र के सम्पर्क के समय बढ़ावा दिया जाता है। यद्यपि विदेश नीति के कुछ मूल गुण हैं परन्तु अन्तर्राष्ट्रीय हालात में बदलाव के साथ-साथ विदेश नीति भी बदलते रहती है भारत की विदेश …

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संयुक्त राष्ट्र संघ : संगठन, कार्य, अंग तथा उद्देश्य

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना संयुक्त राष्ट्र संघ अपने समय की अद्वितीय संस्था हैं, इसकी सदस्यता सार्वभौमिक है। 24 अक्टूबर सन् 1945 का दिन विश्व इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना का दिन माना जायेगा क्योंकि इसी दिन संयुक्त राष्ट्र संघ नामक विश्व संस्था की स्थापना की गयी थी। प्रारंभ में केवल 51 राष्ट्र ही इसके सदस्य …

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मोनेरा, प्रोटीस्टा, और फंजाई जगत

जगत मोनेरा जगत मोनेरा जिसके अंतर्गत सभी बैक्टीरिया आते है और जगत प्रोटिस्टा जिसके अंतर्गत प्रोटोजोआ, डायटम और कुछ शैवाल आते हैं एक प्रकार से जीव जगत् में सबसे नीचे के वर्ग हैं। सभी बैक्टीरिया और अधिकांश प्रोटिस्टा और कई कवक-सुक्ष्मदश्री होते हैं और इसीलिए इन्हें सामान्यत: सूक्ष्मजीव कहते है। जगत-मोनेरा जगत मोनेरा के अन्तर्गत सभी …

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कोशिका किसे कहते हैं इसकी खोज किसने की?

सभी जीवधारयिों का शरीर एक विशेष प्रकार के द्रव्य से बना होता है जिसे जीवद्रव्य (Protoplasm) कहा जाता है। जीवधारियों में यह जीवद्रव्य बहुत छोटी-छोटी इकाइयों में संगठित होता है। इन इकाइयों (Units) को कोशिकाएं कहा जाता है। कोशिकाओं की तुलना किसी दीवार के निर्माण में प्रयोग की जाने वाली ईंटों से की जा सकती है …

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प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं – Prakash sanshleshan kise kahate hain

Prakash sanshleshan kise kahate hain सभी हरे पौधे स्वपोषी होते हैं। वे अपना भोजन बनाने के लिए कार्बन डाइ आक्साईड, पानी तथा खनिज लवण जैसी कच्ची सामग्री का उपयोग करते हैं। हरे पौधों में भोजन बनाने की यह प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण द्वारा होती है। हरे पौधे अपना भोजन बनाने के लिये सरल पदार्थों से जटिल पदार्थ …

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शैल किसे कहते हैं? शैल के प्रकार

एक से अधिक खनिजों से मिलकर शैलों का निर्माण होता है। शैल तीन प्रकार की होती है। (1) आग्नेय (2) अवसादी (3)। कायांतरित आग्नेय। शैलो को प्राथमिक शैले कहा जाता है ये शैल लावा एवं मैग्मा के ठंडे होने से बनती है ये शैले अपारग्म्य होती हे यानी पानी या तरल पदार्थ इनसे रिस कर अन्दर …

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अपक्षय किसे कहते हैं? अपक्षय के प्रकार।

अपक्षय एक स्थानीय प्रक्रिया हैं, इसमें शैलों का विघटन और अपघटन मूल स्थान पर ही होता है विघटन तापमान में परिवर्तन और पाले के प्रभाव से होता हैं। इस प्रक्रिया में शैल टुकड़ों में बिखर जाते हैं अपघटन की प्रक्रिया में शैलों के अन्दर रासायनिक परिवर्तन होते है शैलों में विभिन्न प्रकार के खनिज कण एक …

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मृदा संरक्षण को रोकने के लिए उपाय

भूमि की ऊपरी उपजाऊ परत मृदा कहलाती है। यह एक तरह की प्राकृतिक संसाधन है। यह विभिन्न प्रकार के प्राणियों का जीवन आधार है। इसकी रचना का आधार ठोस चट्टानें हैं जिन पर भौतिक तथा रासायनिक क्रियाओं से मृदा का निर्माण होता है। भारत का सतही क्षेत्रफल 329 मिलीयन हेक्टेयर है जिसमें 266 हेक्टेयर भूमि का …

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