बहीखाता का अर्थ एवं परिभाषा

बहीखाता का अर्थ बहीखाते को अंग्रेजी में “बुक-कीपिंग” कहते हैं। वाणिज्य विषय-बुक कीपिगं का आशय हिसाब लिखने की कला से लगता जाता है अर्थात् बुक-कीपिंग से आशय हिसाब-किताब की बहियों में व्यापारिक सौदों को लिखने की कला से है। बहीखते को पुस्तपालन भी कहा जाता हैं। व्यवसाय में अनेकों लेन-देन होते है। क्या आप एक व्यवसाय के …

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लेखांकन क्या है लेखांकन के उद्देश्यों और महत्व का विस्तार से वर्णन करें?

व्यापारिक परिणामों को जानने के लिए लेखों का संग्रहण करने, वर्गीकृत करने तथा सारांश तैयार करने के कार्य को ही, लेखांकन कहा जाता हैं। लाभ कमाने के लिए व्यवसाय किया जाता है। व्यवसाय चलाने के लिए कई प्रकार के लेन-देन करने पडते है। माल का क्रय-विक्रय किया जाता है। माल के क्रय-विक्रय में कई प्रकार के …

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लेखांकन का सैद्धांतिक आधार, विभिन्न अवधारणाओं, उनके अर्थ एवं उनके महत्व

लेखांकन का सैद्धांतिक आधार लेखा पुस्तकों को तैयार करने तथा बनाएँ के लिए कुछ नियम एवं सिद्धांत विकसित किये गय है। इन नियम /सिद्धांत को अवधरणाएँ एवं परिपाटियाँ वर्गो में बाँटा जा सकता है। लेखांकन अभिलेखों को तैयार करने एवं रखने के यह आधार है। इसमें हम विभिन्न अवधारणाओं, उनके अर्थ एवं उनके महत्व को पढेग़े …

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दर्शन का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, आवश्यकता एवं विशेषताएँ

दर्शन शब्द संस्कृत की दृश् धातु से बना है- ‘‘दृश्यते यथार्थ तत्वमनेन’’ अर्थात् जिसके द्वारा यथार्थ तत्व की अनुभूति हो वही दर्शन है। अंग्रेजी के शब्द फिलॉसफी का शाब्दिक अर्थ ‘‘ज्ञान के प्रति अनुराग’’ होता है। व्यापक अर्थ में दर्शन वस्तुओं, प्रकृति तथा मनुष्य उसके उद्गम और लक्ष्य के प्रतिवीक्षण का एक तरीका है, जीवन के …

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अभिक्षमता का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं मापन

अभिक्षमता मानव क्षमता का एक प्रमुख अंश है। अभिक्षमता किसी क्षेत्र में विशेष कौशल या ज्ञान प्राप्त करने की क्षमता को अभिक्षमता कहा जाता है। फ्रीमेन ने अभिक्षमता को परिभाषित करते हुए कहा कि ‘‘गुणों या विशेषज्ञों के एक ऐसे संयोग से होता है जिससे विशिष्ट ज्ञान तथा संगठित क्षमता का पता चलता है।’’ व्यक्ति के …

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अभिवृद्धि एवं विकास का अर्थ, परिभाषा, अभिवृद्धि एवं विकास में अंतर

विकास और अभिवृद्धि से तात्पर्य गर्भावस्था से लेकर जीवन-पर्यन्त तक की स्थिति से है। गर्भावस्था से लेकर परिपक्वावस्था तक जिन परिवर्तनों से व्यक्ति गुजरता है सब विकास के अन्तर्गत आते हैं।  अभिवृद्धि एवं विकास का अर्थ  अभिवृद्धि – व्यक्ति के स्वाभाविक विकास को अभिवृद्धि कहते है। गर्भाशय में भ्रूण बनने के पश्चात जन्म होते समय तक उसमें जो …

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संज्ञानात्मक विकास का अर्थ क्या है || पियाजे और ब्रूनर का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत

संज्ञानात्मक विकास मनुष्य के विकास का महत्वपूर्ण पक्ष है। ‘संज्ञान’ शब्द का अर्थ है ‘जानना’ या ‘समझना’। यह एक ऐसी बौद्धिक प्रक्रिया है जिसमें विचारों के द्वारा ज्ञान प्राप्त किया जाता है। संज्ञानात्मक विकास शब्द का प्रयोग मानसिक विकास के व्यापक अर्थो में किया जाता है जिसमें बुद्धि के अतिरिक्त सूचना का प्रत्यक्षीकरण, पहचान, प्रत्याºवान और …

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भाषा अर्जन क्या है? बच्चे भाषा कैसे सीखते है?

भाषा अर्जन क्या है? बच्चे भाषा कैसे सीखते है? बच्चे बात न करने की अवस्था के बाद साधारण उच्चारण करने की अवस्था तक के कठिन कार्य को कैसे पूरा करते है। ? इसके अलावा बच्चों के विकास में समानता होती है, भले ही वे दुनिया के किसी उठता है कि ऐसा क्यों होता है। ऐसा विश्वास किया …

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बुद्धि का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएँ, सिद्धांत, निर्धारण तत्व

व्यक्तियों को बुद्धि के आधार पर अलग-अलग वर्गों में बांटा जाता है। कुछ व्यक्ति बुद्धिमान कहलाते हैं, कुछ सामान्य बुद्धि के, कुछ मन्द बुद्धि के तो कुछ जड़ बुद्धि के कहलाते हैं। परन्तु बुद्धि के स्वरूप को समझना बड़ा कठिन है।  बुद्धि के स्वरूप पर प्राचीन काल से ही विभिन्न मत चले आ रहे हैं तथा …

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महात्मा गांधी के शैक्षिक विचार महात्मा गांधी की महत्वपूर्ण रचनाएं

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर, 1869 में वर्तमान गुजरात प्रदेश के पोरबंदर नामक स्थान पर एक वैष्णव धर्मावलंबी, संपन्न एवं प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनका वास्तविक नाम मोहनदास कर्मचंद गांधी था। इनके पिता कर्मचंद गांधी पोरबंदर राज्य के दीवान थे और बड़े धार्मिक एवं सात्विक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इनकी माता श्रीमती पुतलीबाई भी …

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