भर्ती का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, स्रोत

भर्ती कुशल एवं परिश्रमी व्यक्तियों को प्राप्त करने की विधि है। यह विधि संगठन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायक होती है, इसलिए भर्ती के लिए सुनिश्चित नीति विकसित करना संगठन का प्रमुख कार्य होता है और आधुनिक संगठनों में यह कार्य उनके उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है। संगठन के अन्तर्गत विभिन्न …

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पारिश्रमिक क्या है?

पारिश्रमिक क्या है? कर्मचारियों द्वारा संगठन को दी गई सेवाओं के बदले में मिलने वाले अनेकों वित्तीय एवं गैर-वित्तीय प्रतिफलों से है। इसमें मजदूरी, वेतन भत्ते और अन्य लाभांश सम्मिलित है जिसे एक नियोक्ता अपने कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के बदले प्रदान करता है। भागों पारिश्रमिक को दो भागों में वगीकृत किया जा सकता है : …

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पर्यवेक्षक के कार्य – पर्यवेक्षण का क्या अर्थ है

कर्मचारियों को क्या करना है एवं कैसे करना है संबंधी दिशा-निर्देश देने के पश्चात् प्रबन्धकों का यह कर्तव्य बन जाता है कि वे देखें कि कार्य निर्देशों के अनुसार हो रहा है अथवा नहीं। इसे पर्यवेक्षण कहते हैं। प्रबन्धक पर्यवेक्षक का कार्य करते हैं तथा यह सुनिश्चित करते हैं कि कार्य निर्देशों एवं योजनाओं के अनुसार …

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अभिप्रेरणा का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं

अभिप्रेरणा अंग्रेजी शब्द ‘मोटिवेशन’ (Motivation) का हिन्दी रूपान्तर है। इस शब्द की उत्पत्ति ‘मोटिव’ (Motive) से हुई है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है व्यक्ति में किसी ऐसी इच्छा अथवा शक्ति का विद्यमान होना, जो उसे कार्य करने की प्रेरणा देती है। अभिप्रेरणा कार्य से सम्बन्धित है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति में जागृत (उत्पन्न) किया जा सकता हैं …

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नेतृत्व क्या है, नेतृत्व के प्रकारों का वर्णन

नेतृत्व की उत्पत्ति किस प्रकार होती है। इस संबंध में कई विचारधारायें हैं। वंशपरम्परा परम्परा सिद्धांत को मानने वाले विद्वानों का विचार है कि समाज में कुछ लोग ऐसे होते है। जो जन्मजात पैदा इसी या जन्म जात योग्यता नेतृत्व का लेकर पैदा होते हैं। दूसरी ओर कुछ मनोवैज्ञानिकों का विचार है कि नेता की उत्पत्ति …

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नियंत्रण का अर्थ, महत्व एवं विशेषताएं

नियंत्रण का अर्थ पूर्व निर्धारित लक्ष्यों व उद्देश्यों के अनुसार प्रमापित कार्य सम्पन्न हो रहा है या नहीं जॉंच करना, यदि नहीं हो रहा है तो कमियों एवं कारणों की खोज कर सुधारात्मक कार्यवाही करना है। नियंत्रण के अर्थ में केवल किए गए काम की मात्रा की ही जॉंच नहीं की जाती है बल्कि किए गए …

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व्यवसाय वित्त क्या है व्यावसायिक वित्त के कितने प्रकार होते हैं?

व्यावसायिक गतिविधियों की संचाति करने हेतु जिस धन की आवश्यकता होती है, उसे व्यावसायिक वित्त कहते हैं।व्यक्ति जीविकापोर्जन के लिए कोई न कोई कार्य करता हैं कोई वस्तुओं का लेनदेन करता है तो कोई अपनी कला के माध्यम से धन अर्जन करता है जैसे, डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, आदि व्यवसाय या पेशे में सफलता प्राप्त करने के …

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ऋण पत्र क्या है ? ऋण पत्र कितने प्रकार के होते हैं ?

ऋण पत्र से कम्पनी दीर्घकालीन ऋण प्राप्त करती है इसमें कम्पनी निवेशको को एक निश्चित प्रतिशत पर ब्याज देती है चाहे कम्पनी को लाभ हो या नहीं। जब कम्पनी को पूंजी की आवश्यकता होती है तब कम्पनी ऋण पत्र जारी करके पूंजी प्राप्त करती है या हम कह सकते हैं कि ऋणदाता कम्पनी को ऋण देता है …

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वित्तीय नियोजन क्या है एक श्रेष्ठ वित्तीय नियोजन की विशेषताएं क्या है?

व्यवसाय के लिए कोषों की आवश्यकता का अनुमान लगाने तथा कोषों के स्रोतों को निर्धारित करने की प्रक्रिया को वित्तीय नियोजन कहते हैं। इसके द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि अपने वायदों को पूरा करने तथा योजनाओं के अनुसार कार्य करने के लिए फर्म के पास पर्याप्त कोष उपलब्ध है।  वित्तीय नियोजन के सम्बन्ध में …

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वित्तीय बाज़ार के कार्य क्या हैं?

वित्तीय बाजार वित्तीय सम्पत्तियों जैसे अंश, बांड के सृजन एवं विनिमय करने वाला बाजार होता है। यह बचतों को गतिशील बनाता है तथा उन्हें सर्वाधिक उत्पादक उपयोगों की ओर ले जाता है। यह बचतकर्ताओं तथा उधार प्राप्तकर्ताओं के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करता है तथा उनके बीच कोषों को गतिशील बनाता है। वह …

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