जैन धर्म का इतिहास || उपदेश सिद्धांत

जैन धर्म शब्द दो शब्दों के मेल से बना है। एक शब्द है ‘जैन’ दूसरा शब्द है धर्म। जिस प्रकार शिव को देवता मानने वाले शैव और विष्णु को मानने वाले वैष्णव कहलाते हैं उसी प्रकार ‘जिन’ को देवता मानने वाले जैन कहलाते हैं । और उनके धर्म को जैन धर्म कहते हैं। जिन शब्द का …

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मगध साम्राज्य का उदय के कारण

प्राचीन भारतीय इतिहास में मगध का विशेष स्थान है । प्राचीन काल में भारत अनेक छोटे-बड़े राज्यों की सत्ता थी । मगध के प्रतापी राजाओं ने इन राज्यों पर विजय प्राप्त कर भारत के एक बड़े भाग पर विशाल एवं शक्तिशाली साम्राज्य की स्थापना की और इस प्रकार मगध के शासकों ने सर्वप्रथम अपनी साम्राज्यवादी प्रवृत्ति …

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गुप्त साम्राज्य का पतन और उसके कारण

गुप्त कौन थे ? इस प्रश्न पर इतिहासकारों में मतभेद है । डॉं. के.पी. उन्हें जाट और पंजाब के मूल निवासी स्वीकार करते है । वहीं डॉं. एच.सी. राय कहते है कि गुप्त ब्राम्हण थे । जी.एस. ने उन्हें क्षत्रिय त्रिपाठी वैश्य जाति का मानते है । वंशावली के अनुसार गुप्त वंश का संस्थापक श्रीगुप्त था …

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मेगालिप (महापाषाण) क्या है ?

मेगालिप (महापाषाण) क्या है ? दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व तक कावेरी नदी के मुहाने के आस-पास के क्षेत्र पर उन लोगों का अधिकार था जिन्हें मेगालिथि (महापाषाण) संस्कृति का निर्माता कहा जाता है । क्या आप जानते हैं कि मेगालिप (महापाषाण) क्या है ? मेगालिप दो शब्दों ‘मेगा’ और ‘लिप’ से मिलकर बना है । ‘मेगा’ …

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सातवाहन वंश का इतिहास | History of Satavahana Dynasty

सातवाहन वंश का संस्थापक सिमुक था। सिमुक के बाद उसका छोटा भाई कन्ह राजा बना। कन्ह के पश्चात सिमुक का पुत्र श्री शातकर्णि (प्रथम शातकर्णि) शासक हुआ। शातकर्णि प्रथम सातवाहन नरेशो में सबसे महान था। उसने अंगीय कुल के महारठी त्रनकयिरों की पुत्री नागविका के साथ विवाह किया। शातकर्णि प्रथम पश्चिमी मालवा, अनूप (नर्मदा घाटी) तथा विदर्भ …

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वाकाटक वंश का इतिहास History Of Vakataka Dynasty

वाकाटक राज्य प्राचीन दक्षिण भारत का एक मजबूत राज्य था। तीसरी शताब्दी ई0 से छठी शताब्दी तक दक्षिण भारत में जिन राजवंशों का उदय हुआ, उनके वाकाटक राजवंश सर्वश्रेष्ठ था।’’ उत्तर भारत में सबसे शक्तिशाली गुप्त साम्राज्य के साथ-साथ दक्षिण भारत में वाकाटक साम्राज्य बना रहा। वाकाटक प्रारंभ में सातवाहनों के सामन्त थे। वाकाटकों का प्रारंभ …

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पल्लव वंश का इतिहास – Pallava Vansh Ka Itihas

पल्लव भी स्थानीय कबीले के लोग थे । इन्होंने दक्षिणी आंध्र और उत्तरी तमिलनाडु में अपना राज्य स्थापित किया था । वे स्वयं को ब्राम्हण मानते थे । इन्होंने कांचीपुरम को अपनी राजधानी बनाया । यह वैदिक ज्ञान का एक बड़ा केन्द्र बन गया । पल्लवों का राजनैतिक इतिहास स्पष्ट नहीं है । प्रारम्भिक राजा पाण्ड्य …

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चोल वंश का इतिहास | chola dynasty

पल्लव और पाण्डय जैसे अधिक शक्तिशाली राज्यों के उदय के कारण चोल वंश को अनेक वर्षो तक ग्रहण सा लगा रहा । इन शक्तियों के पतन के साथ ही चोल एक बार फिर उभरे । नवीं से बारहवीं शताब्दी तक यह राज्य दक्षिण में सर्वाधिक शक्तिशाली बना रहा । चोल शासकों ने केवल सुदृढ शासन व्यवस्था …

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भारत में मुसलमान कब और कैसे आए?

इस्लाम धर्म के उदय के पूर्व अरबवासी मूर्तिपूजक थे । वे अनेक कबीलों में बंटे हुए थे । प्रत्येक कबीले का एक नेता (सरदार) था । मुहम्मद साहब का जन्म (570-632 ई) हुआ था । उन्होंने इस्लाम नामक नए धर्म की शिक्षा दी । इस धर्म ने अरब लोगों के अतिरिक्त, विश्व के अन्य भागों में …

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संसद के कार्य एवं शक्तियों का वर्णन

संसद के कार्य एवं शक्तियां संसद के कार्य एवं शक्तियों को विधायी, कार्यपालिका, वित्तीय एवं अन्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है । 1. संसद के विधायी कार्य संसद कानून बनाने वाली संख्या है । केन्द्र और राज्यों में शक्ति विभाजन किया गया है जिसके लिए तीन सूचियां है- संघसूची राज्य सूची एवं समवर्ती सूची। संघ …

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