अधिकार क्या है ? अधिकारों से जुड़े मुख्य सिद्धांतों का विस्तृत वर्णन

अधिकार दावे हैं, सामाजिक दावे व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक होते हैं। अधिकार मात्र उसी के हक नहीं हैं जो इन्हें अपने पास रखता है। प्राचीन और मध्य काल में कुछ लोग विशेषाधिकार प्राप्त थे। लेकिन इन विशेषाधिकारों को अधिकार का नाम नहीं दिया जा सकता। अधिकार, विशेषाधिकार नहीं होते क्योंकि ये पात्रता पर …

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संगठन संरचना का अर्थ, परिभाषा, निर्धारण, प्रभावित करने वाले घटक

किसी भी संगठन की संरचना, उसके गठन के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर की जाती है। एक उपयुक्त संगठन संरचना ही, संगठन के संसाधनों में अच्छा समन्वय कर सकती है और अनुकूलतम परिणामों को प्राप्त करने में सहायक होती है। इसीलिये किसी भी संगठन संरचना का निर्माण सावधानी पूर्वक, गठन के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर …

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संगठन क्या है इसकी परिभाषा?

संगठन के आशय व्यक्तियों के ऐसे समूह से है जो अपने उद्देश्यों की पूर्ति हेतु संगठन के संसाधनों एवं मानवीय प्रयासों में एक ऐसा सम्बन्ध स्थापित करता है। ‘‘संगठन व्यक्तियों का एक समूह या तंत्र है जो एक व्यक्ति के नेतृत्व में पूर्व निश्चित उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए मिलकर समन्वित रूप से कार्य करते हैं।’’ …

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भुगतान शेष का अर्थ एवं परिभाषा – Meaning and definition of balance of payments

भुगतान शेष का अर्थ देश के समस्त आयातों एवं निर्यातों तथा अन्य सेवाओं के मूल्यों के संपूर्ण विवरण से होता है। जो कि एक निश्चित अवधि के लिए बनाया जाता है इसके अंतर्गत लेनदेन को दो पक्ष होते है। एक और लेन दारियों का विवरण होता है जिसे धनात्मक पक्ष कहते है और दूसरी और देनदारियों …

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व्यापार शेष किसे कहते हैं?

व्यापार शेष (Balance of Trade ) के अंतर्गत आयातों और निर्यातों का विस्तृत विवरण रहता है। व्यापार शेष आयातों और निर्यातों के अंतर को स्पष्ट करता है। किसी देश का व्यापार शेष या आयातों धनात्मक याने कि अनुकूल या ऋणात्मक याने की प्रतिकूल हो सकता है। जब एक देश के आयातों की तुलना में निर्यात अधिक होता …

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अनुपात किसे कहते हैं अनुपात को तीन रूपों में प्रकट किया जा सकता है-

अनुपात दो मात्राओं (राशिया) का संबंध है ये दो मात्राए पद कहलाते है। पहले पद को दूसरे पद से भाग करके अनुपात निकाला जाता है। हमारे पेनों को उदाहरण में दो पद है पेन अ जिसकी कीमत 6रु. है पहला पद है और पेन ब जिसकी कीमत 2रु. है दूसरा पद है। अ पेन पहला पद …

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सारणी का अर्थ, उद्देश्य, प्रकार, भाग

एक निर्धारित उद्देश्य को सामने रखकर संबंधित आंकड़ों को कॉलम तथा पंक्तियों के रूप में प्रस्तुत करने को सारणी कहते है। सारणी आंकड़ों को सरल संक्षिप्त और व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करती है। ज्यों आप निम्नलिखित सूचना को सारणीबद्ध कर सकते हैं? ‘‘एक विद्यालय में 50 विज्ञान के, 50 कला के और 50 वाणिज्य विषय के …

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संस्कृति क्या है – अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, प्रकार, घटक

संस्कृति (Culture) अपने व्यापक रूप में ज्ञान, कला, साहित्य, विचारधारा, सामाजिक-धार्मिक प्रथाओं, कानून एवं अन्य क्षमताओं और आदतों का मिश्रित रूप है, जिसे मनुष्य अपने समाज से अर्जित करता है। अर्थात, यह सामूहिक ज्ञान प्रणाली है जो मनुष्य को संस्कार देती है। इसलिए कहा जा सकता है कि संस्कृति से उन संस्कारों का बोध होता है …

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उत्तर वैदिक काल- सामाजिक, आर्थिक & धार्मिक जीवन

उत्तर वैदिक काल का सामाजिक जीवन उत्तर वैदिक काल में साहित्य से तत्कालीन सामाजिक दशा पर व्यापक प्रकाश पड़ता है । उत्तर वैदिक काल में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र में समाज का चार सही-विभाजन शुरू हुआ । गोत्र और आश्रम की नई संकल्पनाएं पनपीं । पितृसत्तात्मक परिवार चलते रहे । लेकिन महिलाओं की स्थिति में गिरावट …

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हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों का वर्णन \ हड़प्पा सभ्यता का अंत कैसे हुआ?

भारत में कांस्य युगीन सभ्यता सिंधु घाटी और इसके अगल-बगल के क्षेत्रों में विकसित हुई। इसे इसके सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण शहरों में से एक शहर हड़प्पा के नाम से हड़प्पा सभ्यता कहते हैं; इसे विस्तृत सिन्धु घाटी सभ्यता भी कहा जा सकता है। इस सभ्यता के नगर 1920 के दशक में तब प्रकाश में आए, जब पुरातत्वविदों …

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