रूपिम का अर्थ, परिभाषा, स्वरूप एवं वर्गीकरण

रूपिम को रूपग्राम और पदग्राम भी कहते हैं। जिस प्रकार स्वन-प्रक्रिया की आधारभूत इकाई स्वनिम है, उसी प्रकार रूप प्रक्रिया की आधारभूत इकाई रूपिम है। रूपिम वाक्य-रचना और अर्थ-अभिव्यक्ति की सहायक इकाई है। स्वनिम भाषा की अर्थहीन इकाई है, किन्तु इसमें अर्थभेदक क्षमता होती है। रूपिम लघुतम अर्थवान इकाई है, किन्तु रूपिम को अर्थिम का पर्याय …

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औद्योगिक नीति 1980 क्या है, औद्योगिक नीति, 1980 के प्रमुख उद्देश्य

23 जुलाई, 1980 को कांग्रेस के पुन: सत्ता में आने के कुछ माह पश्चात् ही नयी औद्योगिक नीति की घोषणा की गयी। नया नीति प्रस्ताव मूलत: 1956 की औद्योगिक नीति प्रस्ताव के अधीन ही बनाया गया। नये नीति प्रस्ताव के प्रस्ताव में यह उल्लेख किया गया कि 1956 का औद्योगिक नीति प्रस्ताव हमारे देश की मूल्य …

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वाक्य की परिभाषा, वाक्य के भेद

मनुष्य जो भी सोचता या अभिव्यक्त करता है, वह सब वाक्य के ही माध्यम से होता है। भावाभिव्यक्ति सन्दर्भ में वाक्य भाषा की सहज तथा प्रथम इकाई है। वाक्य की परिभाषा समय-समय पर विभिन्न विद्वानों ने वाक्य की परिभाषा की है। कुछ प्रमुख भारतीय विद्वानों की परिभाषा हैं – 3. डॉ. भोलानाथ ने वाक्य की परिभाषा …

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निजीकरण का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य एवं लाभ

निजीकरण का अर्थ अनेक प्रकार से व्यक्त किया जाता है। संकुचित दृष्टि से निजीकरण का अभिप्राय सार्वजनिक स्वामित्व के अन्तर्गत कार्यरत उद्योगों में निजी स्वामित्व के प्रवेश से लगाया जाता है। विस्तृत दृष्टि से निजी स्वामित्व के अतिरिक्त (अर्थात् स्वामित्व के परिवर्तन किये बिना भी) सार्वजनिक उद्योगों में निजी प्रबन्ध एवं नियन्त्रण के प्रवेश से लगाया …

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भारतीय आर्य भाषा का विभाजन

भारत के बाहर भी चार देशों में भारतीय आर्य भाषाओं का व्यवहार होता है। पाकिस्तान में इस शाखा की तीन प्रमुख भाषाएँ-पंजाबी, सिंधी और लहंदा-बोली जाती है। बंगाल देश की भाषा बांगला है, जो इस शाखा की एक प्रमुख भाषा है। नेपाल में नेपाली भाषा है, जो भारतीय आर्य भाषा शाखा की भाषा है। श्रीलंका में …

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अवमूल्यन का अर्थ, परिभाषा, कारण एवं दोष

प्राय: किसी भी देश की मुद्रा की विनिमय-दर उसकी “स्वाभाविक विनिमय-दर” नहीं कही जा सकती है। वास्तविक विनिमय-दर देश की अपनी तथा उसके साथ आर्थिक सम्बन्ध रखने वाले अन्य देशों की आर्थिक, वित्तीय तथा मौद्रिक नीतियों पर निर्भर करती है। प्रत्येक देश अपनी मुद्रा के लिए एक उपर्युक्त विनिमय दर निर्धारित करता है और उसे निश्चित …

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विक्रय प्रबंध का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ

प्रारम्भ में, ‘विक्रय-प्रबंध’ का अर्थ विक्रेताओं के निर्देशन अथवा पर्यावेक्षण’ से लगाया जाता था। किन्तु बाद में विक्रय-प्रबंध में प्रबंध के अन्य पहलु भी शामिल किये जाने लगे तथा 20वीं सर्दी में प्रबंध का अर्थ अत्यंत रूप से व्यापक हो गया जिसमें विज्ञापन, विपणन, अनुसंधान, विक्रय-संवर्धन, कीमत निर्धारण, भौतिक वितरण उत्पादन नियोजन को भी विक्रय-प्रबंध में …

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भाषा विज्ञान की परिभाषा, क्षेत्र एवं अध्ययन के लाभ

भाषा के क्रमबद्ध तथा सुसंगठित अध्ययन को भाषा विज्ञान कहते हैं। इसमें मानव-मुखोच्चरित और लिखित भाषा- रूपों का अध्ययन किया जाता है। भाषा विज्ञान की परिभाषा विभिन्न विद्वानों ने भाषा विज्ञान की परिभाषा की हैं, डॉ0 श्याम सुन्दर दास ने लिखा है- “भाषा-विज्ञान भाषा की उत्पत्ति, उसकी बनावट, उसके विकास तथा उसके ह्रास की वैज्ञानिक व्याख्या करता …

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निर्यात-आयात नीति 2002 की विशेषताएँ

राष्ट्रीय नीति को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण से, भारत सरकार द्वारा 31 मार्च, 2002 को, वित्तीय वर्ष 2000-01 के लिए नवीन निर्यात-आयात नीति की घोषणा की गई। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री श्री मुरोसोली मारन की ओर से घोषित इस नीति में दूध, कागज, सादा नमक, सिगरेट और इलेक्ट्रोनिक सामानों के आयात पर से मात्रात्मक-प्रतिबन्ध हटा दिया गया …

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मानव जीवन में पठारों का महत्व

पठार पृथ्वी की सतह का लगभग 18 प्रतिशत भाग घेरे हुये हैं। पठार एक बहुत विस्तृत ऊँचा भू-भाग है, जिसका सबसे ऊपर का भाग पर्वत के विपरीत लम्बा-चौड़ा और लगभग समतल होता है। पठारी क्षेत्र में बहने वाली नदियाँ पठार पर प्राय: गहरी घाटियाँ और महाखड्ड बनाती हैं। इस प्रकार पठार का मौलिक समतल रूप कटा-फटा …

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