शेरशाह सूरी का जीवन परिचय एवं शासन प्रबन्ध

1. प्रारंभिक जीवन-  शेरशाह सूरी भारत के महान शासकों में एक था । बचपन का नाम फरीद खां था । उसके पिता हसन खां था । वे बिहार प्रान्त में सहसराम के जागीरदार थे । फरीद खां का बचपन सौतेली मां के दबाव में बिता । 2. बिहार का शासक-  सौतेली मां के षड्यंत्रों ने शेरशाह …

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सातवाहन वंश का इतिहास

सातवाहन वंश का संस्थापक ‘सिमुक’ था। सिमुक के बाद उसका छोटा भार्इ कन्ह (कृष्ण) राजा बना क्योंकि सिमुक पुत्र शातकर्णि अवयस्क था। कृष्ण के पश्चात सिमुक का अवयस्क पुत्र श्री शातकर्णि (प्रथम शातकर्णि) शासक हुआ। शातकर्णि प्रथम प्रारम्भिक सातवाहन नरेशो  में सबसे महान था। उसने अंगीय कुल के महारठी त्रनकयिरों की पुत्री नागविका के साथ विवाह …

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सम्प्रेषण क्या है ?

सम्प्रेषण दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच मौखिक, लिखित, सांकेतिक या प्रतिकात्मक माध्यम से विचार एवं सूचनाओं के प्रेषण की प्रक्रिया है। सम्प्रेषण हेतु सन्देश का होना आवश्यक है। सम्प्रेषण में पहला पक्ष प्रेषक (सन्देश भेजने वाला) तथा दूसरा पक्ष प्रेषणी (सन्देश प्राप्तकर्ता) होता है। सम्प्रेषण उसी समय पूर्ण होता है जब सन्देश मिल …

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बहमनी साम्राज्य की स्थापना एवं पतन के कारण

बहमनी राज्य की स्थापना तथा उत्कर्ष बहमनी राज्य की स्थापना दक्षिण भारत में मुहम्मद तुगलक के खिलाफ विद्रोह से हुर्इ । 1347 र्इ. में हसन गंगु, अलाउद्दीन बहमनशाह के नाम से गद्दी पर बैठा और दक्षिण में मुस्लिम राज्य की नींव रखी । यह मुस्लिम राज्य भारत में बहमनी राज्य के नाम से प्रसिद्ध हुआ । …

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बीमा का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं महत्व

बीमा एक व्यवसाय है संविदा पर आधारित है। इस संविदा के अनुसार एक पक्षकार दूसरे पक्षकार को आकस्मिक घटनाओं के दुष्परिणामों से सुरक्षा प्रदान करने का वचन देता है बीमा संविदा में जोखिम ग्रहण करने वाला पक्षकार बीमादाता (Insurance) दूसरो पक्षकार बीमादार (Insurance) कहा जाता है बीमादार जो प्रतिफल देता है, उसे प्रीमियम (प्रत्यार्जन) कहते है, …

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विजयनगर साम्राज्य की स्थापना एवं पतन के कारण

विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक हरिहर प्रथम तथा बुक्काराय थे । उन्होंने सल्तनत की कमजोरी का फायदा उठाकर होयसल राज्य का (आज का तैमूर) हस्तगत कर लिया तथा हस्तिनावती (हम्पी) को अपनी राजधानी बनाया । इस साम्राज्य पर राजा के रूप में तीन राजवंशों ने राज्य किया – संगम वंश,  सालुव वंश,  तुलव वंश । विजयनगर साम्राज्य का …

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बैंक के प्रकार

एक व्यवसायी को धन की आवश्यकता व्यापार करने के लिए हो सकती है, दूसरे को एक बड़ी विनिर्माण इकार्इ स्थापित करने के लिए । कभी-कभी सरकार को भी ऋण की आवश्कता होती है। किसी को कम अवधि के लिए धन की आवश्यकता होती है तो किसी को दीर्घ अवधि के लिए। ग्राहकों की विभिन्न वित्तीय आवश्कताओं …

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सामाजिक न्याय की अवधारणा व इसके लाभ विषय

सामाजिक न्याय का अभिप्राय सामान्यत: समतावादी समाज या संस्था की स्थापना करने से है जो समानता, एकता तथा भार्इचारा के सिद्धान्तों पर आधारित हो, मानवाधिकारों के मूल्यों को समझती हो तथा प्रत्येक मनुष्य की प्रतिष्ठा को पहचानने में सक्षम हो। सामाजिक न्याय व इसकी वर्तमान अवधारणा सर्वप्रथम 1840 में जेसुइट लुइगी टपरेली ने थामस एक्वैनस की …

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व्यवसाय का अर्थ, महत्व, उद्देश्य एवं प्रकार

व्यवसाय अंग्रेजी भाषा के Business (बिज्-निस) का हिदीं समानाथ्री शब्द है। अंग्रेजी में इसका आशय है, ‘किसी कार्य में व्यस्त रहना: अत: हिदीं में व्यस्त रहने की अवस्था के अर्थवाले ‘व्यवसाय’ शब्द का चयन किया गया। इस प्रकार व्यवसाय का शाब्दिक अर्थ हैं- किसी न किसी आर्थिक क्रिया में व्यस्त रहना। आपने टाटा कम्पनी समूह के …

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सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 क्या है?

हमारे संविधान ने सूचना के अधिकार के महत्व को समझते हुए इसे मौलिक अधिकार के बराबर का दर्जा दिया था और इसी संवैधानिक व्यवस्था के तहत 1976 में राज नारायण बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) में वर्णित मौलिक अधिकार घोषित किया। अनुच्छेद 19 (1) के तहत …

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