सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि की उत्पत्ति

भारत में लिखने की कला का ज्ञान लोगों को अत्यन्त प्राचीन काल से है। इसके प्राचीनतम नमूने सिंधु घाटी (पंजाब के मांटगोमरी जिले के हड़प्पा तथा सिंध के लरकाना जिले के मोहन-जो-दड़ो में प्राप्त सीलों पर) में मिले हैं। हेरास, लैंग्डन, स्मिथ, गैड तथा हंटर ने इसे समझने और पढ़ने का प्रयास किया है, किन्तु अभी …

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आर्थिक समस्या की परिभाषा एवं आर्थिक समस्या के कारण

प्रत्येक अर्थव्यवस्था की कुछ आधारभूत आर्थिक समस्याएं हैं। इन आधारभूत समस्याओं की विस्तृत विवेचना करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि आर्थिक समस्या से अभिप्राय क्या है। प्रत्येक मनुष्य की आवश्यकताएं असीमित हैं परंतु उन्हें संतुष्ट करने वाले अधिकतर साधन सीमित हैं। एक अर्थव्यवस्था के लिये यह सम्भव नहीं है कि वह प्रत्येक नागरिक के …

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विक्रय बजट क्या है विक्रय बजट बनाने के प्रमुख उद्देश्य

कार्यानुसार बजट, वह बजट है जो किसी व्यवसाय के एक विशेष कार्य से सम्बन्धित होता है, जैसे उत्पादन बजट, विक्रय बजट आदि। कार्यानुसार बजट प्रत्येक कार्य के आधार पर तैयार किये जाते हैं। इसके पश्चात सभी बजटों का समन्वय करके मास्टर बजट तैयार किया जाता है। विक्रय बजट, बजट अवधि की कुल बिक्री की भविष्यवाणी या …

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भारत की प्राचीन लिपि के नाम

भारत की प्राचीन लिपि भारत के पुराने शिलालेखों और सिक्कों पर दी लिपियां 1. ब्राह्मी, 2. खरोष्ठी मिलती हैं। पर पुस्तकों में और अधिक लिपियों के नाम मिलते है। जैनों के पत्रावणासूत्रा में 18 लिपियां- 1. बंभी, 2. जवणालि, 3. दीसापुरिया, 4. खरोष्ठी, 5. पुक्खरसारिया, 6. भोगवइया, 7. पहाराइया, 8. उपअन्तरिक्खिया, 9. अक्खरपिट्ठिया, 10. तेवणइया, 11. …

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नवपाषाण काल की विशेषताएँ

नवपाषाण शब्द उस काल को सूचित करता है जब मनुष्य को धातु के बारे में जानकारी नहीं थी। परन्तु उसने स्थायी निवास, पशु-पालन, कृषि कर्म, चाक पर निर्मित मृदभांड बनाने शुरू कर दिए थे। इस काल की जलवायु लगभग आज कल के समान थी इसलिए ऐसे पौधे पैदा हुए जो लगभग आज के गेंहू तथा जौ …

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विश्व की भाषाएँ तथा भाषा परिवार

विश्व में कई भाषाएँ बोली जाती है। इंग्लैंड में अंग्रेज़ी, फ्रांस में फ्रांसीसी, रूस में रूसी। भारत में भी हिंदी, पंजाबी, गुजराती, मराठी, कन्नड़ आदि भाषाएँ बोली जाती हैं। विश्व में कुल कितनी भाषाएँ बोली जाती हैं। अनुमान है विश्व में 6,000 से ऊपर भाषाएँ बोली जाती हैं। और भारत में हिंदी 61 प्रतिशत की मातृभाषा …

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भाषा संरचना क्या है?

भाषा संरचना का मूलाधार संरचनात्मक पद्धति है जिस प्रकार भवन रचना में ईट, सीमेंट, लोहा, शक्ति अर्थात् मजदूर और कारीगर की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार भाषा संरचना में ध्वनि, शब्द, पद, वाक्य, प्रोक्ति और अर्थ की अपनी-अपनी भूमिका होती है। ध्वनि संरचना दो या दो से अधिक वस्तुओं के आपस में टकराने से वायु में …

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भारत में गरीबी के मुख्य कारण

गरीबी की समस्या के समाधान के लिए नीति बनाने से पूर्व यह जानना आवश्यक है कि गरीब “कौन” है। गरीबों का वर्ग आधार क्या है। गरीबों में अधिकतर भाग निम्नलिखित लोगों का है :- खेतिहर मजदूरों के परिवार जिनके पास भूमि बिल्कुल नहीं है और जो कुल खेतिहर मजदूरों के परिवारों का लगभग 60 प्रतिशत है। …

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ताम्र पाषाण काल की विशेषता

नवपाषाण काल में कृषि की शुरूआत के साथ ही मानव के जीवन में स्थायित्व आ गया था और साथ ही उसने पशुपालन की भी शुरूआत कर दी थी। इस काल का मानव अब खाद्य संग्रहकर्ता से खाद्य-उत्पादनकर्ता बन गया था। कृषि कर्म में प्राय: स्त्रियां संलिप्त रहती थी तथा शिकार मे पुरूष संलग्न थे। हांलाकि कृषिकर्म …

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बेरोजगारी का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं प्रभाव

बेरोजगारी एक ऐसी अवस्था से लेते हैं जिसमें व्यक्ति वर्तमान मजदूरी की दर पर काम करने को तैयार है परन्तु उन्हें काम नहीं मिलता। किसी देश में बेरोजगारी की अवस्था वह अवस्था है जिसमें देश में बहुत से काम करने योग्य व्यक्ति हैं तथा वे वर्तमान मजदूरी की दर पर काम करने के लिए तैयार हैं …

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