उत्पादन लागत क्या है? लागत का सिद्धांत

उत्पादन लागत क्या है? प्रत्येक फर्म किसी वस्तु का उत्पादन करने के लिए उत्पादन के साधनों का प्रयोग करती है। उत्पादन के साधनों का प्रयोग करने के लिए जो रकम खर्च करनी पड़ती है उसे उत्पादन लागत कहते हैं। उत्पादन लागत मुख्य रूप से उत्पादन की मात्रा पर निर्भर करती है। मौद्रिक लागत  किसी वस्तु का …

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विदेशी सहायता क्या है?

विदेशी आर्थिक सहायता से आशय पूंजी और प्राविधिक ज्ञान का रियायती शर्तों पर एक देश से दूसरे देश को किया जाने वाला हस्तांतरण है। हस्तांतरण की यह प्रक्रिया विश्व पूंजी और श्रम बाजार में प्रचलित शर्तों से आसान शर्तों पर होता है। विदेशी आर्थिक सहायता की अवधारणा में एक निहित तत्व यह है कि हस्तांतरित होने …

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प्रस्ताव का अर्थ, प्रस्ताव के आवश्यक तत्व

भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 2 (A) के अनुसार ‘‘जब एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को किसी कार्य को करने अथवा न करने के विषय में अपनी इच्छा इस उद्देश्य से प्रकट करता है कि उस व्यक्ति की सहमति उस कार्य को करने अथवा न करने के विषय में प्राप्त हो जाएं तो इच्छा को प्रस्ताव कहते …

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सहमति क्या है? Sec. 14 के अनुसार सहमति

सहमति से तात्पर्य केवल स्वीकृति नहीं है। Sec. 13 of Indian Contract Act :- ‘‘अनुबंध के दोनों पक्षकारों में सहमति उस समय मानी जाएगी जबकि दोनों पक्षधार एक ही बात पर एक ही भावना से एक मत हो।’’ यदि दोनों पक्षधारों में एक ही वस्तु के विषय-विचारों में भिन्नता होगी तो यह सहमति मानी जाएगी। स्वतंत्र …

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हानि रक्षा अनुबंध क्या है? Sec. 124 के अनुसार ‘हानिरक्षा अनुबंध

Sec. 124 के अनुसार ‘‘हानिरक्षा अनुबंध एक ऐसा अनुबंध है, जिसके अंतर्गत एक पक्षवार दूसरे पक्षवार को स्वयं अथवा किसी दूसरे व्यक्ति के आयरण से होने वाली हानि से बचाता है। या बचाने का वचन देता है।’’ जो व्यक्ति हानिपूर्ति का वचन देता है उसे हानिरक्षण (Indemnifier) तथा जिसको ऐसा वचन दिया जाता है उसे हानिरक्षाधारी …

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गिरवी क्या है वैध गिरवी के आवश्यक लक्षण?

भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 172 के अनुसार ‘‘किसी श्रेणी के भुगतान अथवा किसी वचन के निष्पादन के लिये जमानत के रूप में निक्षेप को गिरवी कहते हैं। इस दशा में जो व्यक्ति गिरवी रखता है अर्थात् निक्षेपी को गिरवी रखने वाला (Plege or Pawnee) कहते हैं, एवं जिस व्यक्ति के पास वस्तु रखी जाती है …

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विपत्र के आवश्यक तत्व अथवा परिभाषा का विश्लेषण

धारा 5 के अनुसार, ‘‘विपत्र एक ऐसा लेखपत्र है जिसमें एक शर्तरहित आदेश, इसके लिखने वाले के हस्ताक्षर के अन्तर्गतए किसी विशेष व्यक्ति को एक निश्चित रकम, किसी निश्चित व्यक्ति के आदेशानुसार अथवा विलेख के वाहक को, देने का होता है।’’ विपत्र के आवश्यक तत्व अथवा परिभाषा का विश्लेषण यदि हम उपर्युक्त परिभाषा का विश्लेषणात्मक अध्ययन …

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कंपनी के प्रवर्तक कौन होता है?

कम्पनी निर्माण में प्रवर्त्तन पहली सीढ़ी है जिसके आधार पर कम्पनी के निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाती है। प्रवर्त्तन का अर्थ प्रारम्भ से है। कम्पनी का निर्माण प्रारम्भ करने से पूर्व कुछ लोग मिलकर किसी व्यवसाय को शुरू करने की कल्पना करते हैं अर्थात उन लोगों के मन में व्यावसायिक अवसर के बारे में विचार …

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कंपनी अंकेक्षक की नियुक्ति कैसे होती है?

भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत प्रत्येक कम्पनी के लिए अपने लेखों का अंकेक्षण करना अनिवार्य है। यह अंकेक्षण ‘‘वैधानिक अंकेक्षण’’ कहलाता है। जो व्यक्ति इस कार्य के लिए नियुक्त किया जाता है उसे ‘‘वैधानिक अंकेक्षक’’ कहते हैं। भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1 अप्रैल 1956 से लागू हुआ। इस अधिनियम की धाराएँ 224 से 233 तक अंकेक्षकों …

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विकास प्रशासन का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ एवं क्षेत्र

‘विकास प्रशासन’ दो शब्दों ‘विकास’ तथा ‘प्रशासन’ के योग या मेल से बना है। ‘ कम वांछित परिस्थिति से अधिक वांछित परिस्थितियों की ओर अग्रसर होने की प्रक्रिया’ को विकास की संज्ञा देते हैं जबकि ‘प्रशासन सरकार का कार्यात्मक पहलू है जिसका अभिप्राय सरकार द्धारा लोक-कल्याण तथा जन-जीवन को व्यवस्थित करने हेतु किये गये प्रयासों से …

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