महादेवी वर्मा का जीवन परिचय

श्रीमती महोदवी वर्मा का जन्म सन् 1907 को फर्रूखावाद में हुआ था। इनके पिताजी श्री गोविन्द प्रसाद तथा और मां का नाम श्रीमती हेमरानी देवी था। महादेवी की मां कवियत्री और नाना जी कवि थे। महादेवी जी की प्रारम्भिक शिक्षा इन्दौर में हुर्इ। इन्होंने बाल्यकाल से ही कविताएं लिखना प्रारम्भ कर दिया था। उनकी प्रारम्भिक रचनाएं …

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मार्क्सवाद क्या है ?

मार्क्सवादी विचारधारा के जन्मदाता कार्ल मार्क्स 1818-1883र्इ. तथा फ्रेडरिक एन्जिल्स 1820-1895 र्इ. है। इन दोनों विचारको ने इतिहास समाजशास्त्र विज्ञान अर्थशास्त्र व राजनीति विज्ञान की समस्याओ पर संयुक्त रूप से विचार करके जिस निश्चित विचारधारा को विश्व के सम्मुख रखा उसे मार्क्सवाद का नाम दिया गया। मार्क्स की रचनाएं –  मार्क्स की रचनाओ में से कुछ प्रमुख रचनाएं …

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गजानन माधव मुक्तिबोध का जीवन परिचय

इनका जन्म 13 नबम्बर, 1917 में म.प्र. के शिवपुरी में हुआ था । इन्होंने बी.ए. तक अध्ययन प्राप्त किया । आर्थिक संकटों के बावजूद इन्होंने अंग्रेजी, रूसी, फ्रेंच एवं वैज्ञानिक उपन्यासों में विशेष रूचि ली । 11 सितम्बर 1964 में मृत्यु हुर्इ । रचनाएँ- कविता संग्रह-’’चाँद का मुँह टेढ़ा हैं’’ तार सप्तक ।  समीक्षा- एक पुनर्विचार, …

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राजनीति विज्ञान का अर्थ, परिभाषा एवं क्षेत्र

राजनीति विज्ञान का अर्थ, परिभाषा  राजनीति विज्ञान शब्द समूह अंग्रेजी भाषा के Political Science शब्द समूह का हिन्दी रूपान्तरण है, जो Politics (पॉलिटिक्स) शब्द से बना है। Politics शब्द की ब्युत्पत्ति यूनानी भाषा के Polis शब्द से हुर्इ है, जिसका उस भाषा में अर्थ है- नगर राज्य, नगर-राज्यों की स्थिति, कार्य प्रणाली एवं अन्य गतिविधियों से …

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छंद के अंग एवं प्रकार

परिभाषा- निश्चित चरण, वर्ण, मात्रा, गति, यति, तुक और गण आदि के द्वारा नियोजित पद्य रचना को छंद कहते हैं। छंद के अंग चरण या पाद –चरण को पाद भी कहते हैं। एक छन्द में प्राय: चार चरण होते हैं। चरण छन्द का चौथा हिस्सा होता है। प्रत्येक पाद में वर्णों या मात्राओं की संख्या निश्चित होती …

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गृह व्यवस्था का अर्थ, परिभाषा

गृह व्यवस्था दो संयुक्त शब्द है- एक गृह तथा दूसरा व्यवस्था या प्रबंध। गृह जो वास्तव में गृहिणी द्वारा बनाया जाता है, जिसमें गृहिणी की सक्रिय भूमिका रहती है, जबकि व्यवस्था शब्द का व्यापक अर्थ है जीवन के सभी स्तरो पर जीवन को व्यवस्थित करना ही व्यवस्था कहलाता है। गृह व्यवस्था का तात्पर्य है कि परिवार …

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अलंकार के प्रकार

‘‘अलंकार’’ शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है- आभूषण या सुन्दरता । जैसे आभूषण नारियों का श्रृंगार है, उसी प्रकार साहित्य में शब्दों और अर्थों में चमत्कार लाने वाले तत्व ‘अलंकार’ हैं। अलंकार के लक्षण- शब्द और अर्थ में सौंदर्य उत्पन्न करने वाली वर्णन शैली को ‘अलंकार’ कहते हैं। या ‘‘काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व या …

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बाल अपराध के कारण

बाल अपराध के प्रमुख तीन कारण हैं – सामाजिक कारण आर्थिक कारण मनोवैज्ञानिक कारण बाल अपराध के सामाजिक कारण- (1) पारिवारिक कारण :- भग्न परिवार – पति-पत्नि के बीच मतभेद, तलाक, मृत्यु आदि के कारण परिवार का संगठन बिगड़ जाता हैं ऐसे परिवार को भग्न परिवार कहते हैं। इस प्रकार के परिवार के बालक नाना प्रकार …

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कविवर बिहारी लाल का जीवन परिचय

कविवर बिहारी रीतिकाल के सप्रसिद्ध व चिर्र्चत कवि है। इनका जन्म संवत् 1653 में ग्वालियर के निकट वसुआ गोविन्दपुरा गांव में हुआ था। आमेर के मिर्जा राजा जय सिंह के आश्रम में रहकर उन्होंंने सतसर्इ की रचना की । संवत् 1721 में वे परमधाम चले गये।। रचनाएँ- बिहारी सतसर्इ (700 दोहो का संग्रह उसकी सतसर्इ में …

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कोयले की उत्पत्ति, प्रकार एवं सरंक्षण

कोयले की उत्पत्ति- कोयला एक नवीनीकृत अयोग्य जीवाश्म र्इंधन है। प्राचीनकाल में पृथ्वी के विभिन्न भागों में सघन दलदली वन थे जो भूगर्भीय हलचलो के कारण भूमि में दब गये। कालान्तर में दलदली वनस्पति ही कोयले में परिवर्तित हो गर्इ। क्रमश: ऊपर की मिट्टी, कीचड़ आदि के भार से तथा भूगर्भ के ताप से उसी दबी …

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