प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग

प्रोटीन की उचित मात्रा हमारे आहार में सम्मिलित होना परम आवश्यक है। प्रोटीन की कमी के परिणामस्वरुप हमारे शरीर पर अत्यधिक बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसा अनुमान है कि भारतवर्ष में प्रतिवर्ष लगभग दस लाख बच्चों की मृत्यु प्रोटीन के अभाव एवं कुपोषण के परिणामस्वरुप होती है। प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण लक्षणों की एक लम्बी श्रृखंला है …

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व्यावसायिक सामाजिक कार्य का विकास

सन् 1935 मे सामूहिक कार्यकताओं मे व्यावसायिक चेतना जागृत हुर्इ इस वर्ष समाज कार्य की राष्ट्रीय कान्फ्रेंस में सामाजिक सामूहिक कार्य को एक भाग के रूप में अलग से एक अनुभाग बनाया गया इसी वर्ष सोशल वर्क र्इयर बुक में सामाजिक सामूहिक सेवा कार्य पर अलग से एक खण्ड के रूप में कर्इ लेख प्रकाशित किये …

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लोकमत या जनमत निर्माण की विशेषताएं एवं सिद्धांत

जनमत से अभिप्राय समाज में प्रचलित उन विचारों या निर्णयों से है, जो लगभग निश्चित हैं, जिनमें स्थिरता है और जो समाज के एक बड़े वर्ग के लोगों में समान रूप से स्थित होते हैं। जनमत सार्वजनिक समस्या से सम्बन्द्ध होता है। यह सामान्य जनता का मत होता है, किसी विशिष्ट व्यक्ति या कुछ व्यक्तियों का …

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प्रोटीन के कार्य

प्रोटीन नाम सर्वप्रथम सन् 1938 में वैज्ञानिक मुल्डर (Mulder) द्वारा प्रस्तावित किया गया। इस शब्द का उद्गम ग्रीक भाषा के ‘‘प्रोटियोस’’ (Proteose) शब्द से हुआ जिसका आशय है ‘पहले आने वाला’ (To come first)। यह नाम इसलिए प्रस्तावित हुआ क्योंकि उस समय भी यह तत्व जीवन के लिए सबसे प्रमुख तत्व माना जाता था। मानव शरीर …

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मंत्रणा का अर्थ

सामाजिक वैयक्तिक सेवा कार्य में मन्त्रणा कार्य का विकास सर्वप्रथम बेरथा रेयनोल्ड्स ने सन् 1932 र्इ0 में किया। सामाजिक संस्थाओं में कार्य करने का अनुभव जैसे-जैसे होता गया वैयक्तिक कार्यकर्ताओं में नये-नये विचार उत्पन्न होते गये। कुछ वैयक्तिक कार्यकर्ताओं ने बिना किसी सामाजिक सेवा के सेवार्थियों को सहायता देने में रूचि प्रकट की। उनका यह अनुभव …

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लोकमत और लोक सम्पर्क

वेबस्टर (Webster) New International Dictionary में लोकसम्पर्क की परिभाषा इस प्रकार दी गयी है- ‘‘कोर्इ उद्योग, यूनियन कार्पोरेशन, व्यवसाय, संस्कार या अन्य संस्था जब अपने ग्राहकों, कर्मचारियों, हिस्सेदारों या जनसाधारण के साथ स्वस्थ और उत्पादक सम्बन्ध स्थापित करने या उन्हें स्थायी बनाने के लिए प्रयत्न करें, जिनसे वह अपने आपको समाज के अनुकूल बना सके, अथवा …

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73वें संविधान संशोधन की मुख्य विशेषताएं

स्वतन्त्रता पश्चात देश को सुचारू रूप से चलाने के लिये हमारे नीति निर्माताओं द्वारा भारतीय संविधान का निर्माण किया गया। इस संविधान में नियमों के अनुरूप व एक नियत प्रक्रिया के अधीन जब भी कुछ परिवर्तन किया जाता है या उसमें कुछ नया जोड़ा जाता है अथवा हटाया जाता है तो यह संविधान संशोधन अधिनियम कहलाता …

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संघर्ष का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

संघर्ष मानव सम्बन्धों में सतत रहने वाली एक प्रक्रिया है। जब व्यक्ति व्यक्ति के बीच सहयोग नहीं होता अथवा जब वे एक दूसरे के प्रति तटस्थ भी नहीं होते, तो संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो ही जाती है। संघर्ष को समाज में अस्वाभाविक भी नहीं कहा जा सकता क्योंकि जब सीमित लक्ष्यों को अनेक व्यक्ति प्राप्त …

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जनसंपर्क के उद्देश्य

जनसंपर्क का क्षेत्र आज बेहद बड़ा गया हो गया है। इसके अंतर्गत नए नए प्रयोग हो रहे है और इससे जनसंपर्क के उद्देश्यों का दायरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। जनसंपर्क एक कार्य विशेष न रहकर अब कला हो गयी है। वर्तमान में लोक प्रशासन में जनसंपर्क के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार है : 1. …

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पंच-परमेश्वर कहानी – मुंशी प्रेमचंद

जुम्मन शेख और अलगू चौधरी में गाढ़ी मित्रता थी। साझे में खेती होती थी। कुछ लेन-देन में भी साझा था। एक को दूसरे पर अटल विश्वास था। जुम्मन जब हज करने गये थे, और अलगू जब कभी बाहर जाते, तो जुम्मन पर अपना घर छोड़ देते थे। उनमें न खान-पान का व्यवहार था, न धर्म का …

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