मुद्रा के कार्य

मुद्रा का कार्य लेन -देन को इतना सरल और सस्ता बनाना है कि उत्पादन में जितना भी माल बने वह नियमित रूप से वह उपभोक्ताओं के पास पहचुंता रहे और भगु तान का क्रम निरंतर चलता रहे। प्रो. चैण्डला के अनुसार-“किसी आथिर्क प्रणाली में मुद्रा का कवे ल एक मौलिक कार्य है, वस्तुए तथा सेवाओं के …

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निर्देशन क्या है?

निर्देशन का सामान्य अर्थ संचालन से है।  प्रत्येक स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का मार्गदर्शन करना, उनको परामर्श देना, प्रोत्साहन करना तथा उनके कार्यों का निरीक्षण करना निर्देशन कहलाता है। निर्देशन का अर्थ  निर्देशन का तात्पर्य संचालन से है। विभिन्न स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का मार्गदर्शन करना, उनको परामर्श देना तथा उनके कार्य …

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मुद्रा की परिभाषा

विभिन्न अर्थशास्त्रियों ने मुद्रा को अलग-अलग दृिष्टकोण से परिभाषित किया है विभिन्न दृिष्टकोणों को वर्गीकृत किया सकता है। सामान्य स्वीकृत के अनुसार परिभाषाएं इस वर्ग की परिभाषाएं मुद्रा के सर्वग्राहयता के गुण पर बल देती है। प्रो माशर्ल -’’मुद्रा के अन्तर्गत ये समस्त वस्तएुं सम्मिलित की जाती है जो किसी समय अथवा किसी स्थान में बिना …

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साझेदारी व्यापार क्या है ?

जब दो या दो से अधिक व्यक्ति लाभ कमाने के उद्देश्य से आपस में मिलकर किसी व्यापार को चलाने के लिये सहमत हो जाते हैं तो उनके बीच स्थापित संबंध को साझेदारी कहा जाता हैं। भारतीय साझेदारी अधिनियम,1932 की धारा (4) के अनुसार- ‘साझेदारी उन व्यक्तियों के बीच का आपसी संबंध हैं जो किसी व्यवसाय का …

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जहांगीर का इतिहास

जहांगीर के बचपन का नाम सलीम था । इनका जन्म 1569 र्इ. में हुआ । इनकी माता मरियम उज्जमानी थी । सलीम के पांच वर्ष के होते ही शिक्षा की उचित व्यवस्था किया था । अब्दुल रहीम खान खाना के अधिन रखकर शिक्षा की व्यवस्था किया था । 15 वर्ष की अवस्था में सलीम की सगार्इ आमेर …

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पल्लव वंश का इतिहास

पल्लव भी स्थानीय कबीले के लोग थे । इन्होंने दक्षिणी आंध्र और उत्तरी तमिलनाडु में अपना राज्य स्थापित किया था । वे स्वयं को ब्राम्हण मानते थे । इन्होंने कांचीपुरम को अपनी राजधानी बनाया । यह वैदिक ज्ञान का एक बड़ा केन्द्र बन गया । पल्लवों का राजनैतिक इतिहास स्पष्ट नहीं है । प्रारम्भिक राजा पाण्ड्य …

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एकाकी व्यापार क्या है ?

एकाकी व्यापारी स्वयं ही व्यवसाय का प्रबंधक और कर्मचारी होता हैं। वह स्वयं ही आवष्यक पूंजी लगाता हैं। लाभ-हानि का अधिकारी होता हैं तथा व्यापार के समस्त उत्तरदायित्वों को पूरा करता है। इन्ही विषेषताओं के कारण उसे एकाकी व्यापारी, व्यक्तिगत साहसी, व्यक्तिगत व्यवस्थापक, एकल स्वामी तथा एकाकी स्वामित्व आदि भी कहा जाता हैं। डॉ. जानए ए. …

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अकबर का इतिहास

जलाल्लुद्दीन मुहम्मद का जन्म अमरकोट के हिन्दू सामन्त राणा बीरसाल के महल में 15 अक्टूबर 1542 के अकबर की नव विवाहित हमीदा बानू बेगम से हुआ । इसका पिता इस समय शेरशाह के हाथों पराजित होकर इधर-उधर भटक रहा था । इसी बीच अकबर अपने माता-पिता से बिछुड़ गये और उसके चाचा ने इनका पालन पोषण …

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वाकाटक वंश का इतिहास

सातवाहनों के पतन के बाद पश्चिमी और दक्षिणी भारत पुन: छोटे-छोटे राज्यों में विभक्त हो गया । आन्तरिक कलह के कारण शक क्षत्रपों की शिक्त् का हास हो गया सर्वोच्च शक्ति के अभाव में वाकाटक वंश के शासको ने पश्चिमी और दक्षिणी भारत में अपनी सत्ता की स्थापना की। तीसरी से छठी शताब्दी र्इ. तक वाकाटकों …

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भण्डारण क्या है?

भण्डारण का अर्थ है बड़ी मात्रा में वस्तुओं को, उनकी खरीद अथवा उत्पादन के समय से लेकर उनके वास्तविक उपयोग अथवा विक्रय के समय तक सुरक्षित रखना। भण्डारण गृह अथवा गोदाम शब्द एक दूसरे के पर्यायवाची है, अत: जहाँ वस्तुओं को संग्रहित किया जाता है , वह भण्डार गृह कहलाता है। भण्डारण से वस्तुओं के उत्पादन …

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