मुद्रा के कार्य
मुद्रा का कार्य लेन -देन को इतना सरल और सस्ता बनाना है कि उत्पादन में जितना भी माल बने वह नियमित रूप से वह उपभोक्ताओं के पास पहचुंता रहे और भगु तान का क्रम निरंतर चलता रहे। प्रो. चैण्डला के अनुसार-“किसी आथिर्क प्रणाली में मुद्रा का कवे ल एक मौलिक कार्य है, वस्तुए तथा सेवाओं के …