मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ, मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति की विशेषताएँ

मानसिक स्वास्थ्य से तात्पर्य वैसे अधिगमित व्यवहार से होता है जो सामाजिक रूप से अनुकूली होते हैं एवं जो व्यक्ति को अपनी जिन्दगी के साथ पर्याप्त रूप से सामना करने की अनुमति देता है।’ दूसरे शब्दों में मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति की उस स्थिति की व्याख्या है जिसमें वह समाज व स्वयं के जीवन की परिस्थितियों से …

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संधारणीय विकास का अर्थ एवं महत्व

‘’संधारणीय् विकास एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है, कि वर्तमान पीढी की आवश्यकताओं को पूरा करनें के साथ- साथ भावी सन्तति की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं की पूर्ति में कठिनार्इ न हो। आज संधारणीय् विकास अति आधुनिक और महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस मुद्दे से सम्बन्धित आज विश्व में अनेक कार्यक्रम कार्यान्वित किये गये …

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संगीत चिकित्सा की अवधारणा एवं उपयोगिता

ध्वनि चिकित्सा के जितने भी रूप है, उनमें संगीत चिकित्सा सर्वाधिक लोकप्रिय है। यदि हम गहरार्इ से अनुभव करें तो पायेंगे कि ब्रह्माण्ड की सम्पूर्ण संरचना ही संगीतमय है। सृष्टि के आदि में भी सर्वप्रथम अनाहत नाद अर्थात् ऊँकार की ध्वनि ही उत्पन्न हुयी थी और उसके बाद फिर सृष्टि रचना का क्रम आरींा हुआ। इस …

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मनोचिकित्सा का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य एवं प्रकार

मनोचिकित्सा शब्दार्थ में मन की चिकित्सा है। मनोचिकित्सा के अर्थ को आद्योपान्त ग्रहण करने के लिए मन के स्वरूप को समझने की आवश्यकता होती है। हम सभी परिचित हैं कि मन का स्वभाव चंचल होता है अर्थात् मन वृत्तिशील होता है। योग मनोविज्ञान में सतही रूप से हम मन को चित्त में समाहित जान सकते हैं। …

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ग्रीन हाउस प्रभाव तथा ग्लोबल वार्मिंग क्या है ?

ग्रीन हाउस प्रभाव ग्रीन हाऊस का अर्थ उस बगीचे या पार्क में उस भवन से है जिसमें शीशे की दीवारें और छत होती हो तथा जिसमें उन पौधों को उगाते हैं जिन्हे अधिक ताप की आवश्यकता होती है उसे ग्रीन-हाऊस प्रभाव या पौधा घर प्रभाव कहते हैं। इस क्रिया द्वारा पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ता जा …

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यज्ञ का अर्थ, स्वरूप एवं प्रकार

‘यज्ञ’ का भावार्थ-परमार्थ एवं उदार-कृत्य है। ‘यज्ञ’ शब्द पाणिनीसूत्र ‘‘यजयाचयतविच उप्रक्चरक्षो नड़्’’ में नड़् प्रत्यय लगाने पर बनता है अर्थात् यज्ञ शब्द ‘यज्’ धातु से बना है, यज् धातु के तीन अर्थ हैं- देवपूजन, दान और संगतिकरण। इस प्रकार हवि या हवन के द्वारा देवताओं का पूजन का नाम ‘यज्ञ’ है। र्इश्वरीय दिव्य शक्तियों की आराधना, …

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खाद्य श्रृंखला एवं खाद्य जाल क्या है ?

जब उत्पादक का उपभोग प्रथम उपभोक्ता द्वारा और फिर प्रथम उपभोक्ता का उपभोग द्वितीय उपभोक्ता द्वारा एक क्रम से किया जाता है कि एक श्रृंखला के समान रचना बन जाती है, इसे ही खाद्य श्रृंखला कहते हें किसी पारिस्थितिक तंत्र में उत्पादक – उपभोक्ता व्यवस्था को किसी पारिस्थितिक तंत्र में उत्पादक उपभोक्ता व्यवस्था को पोषण तल …

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प्रार्थना का अर्थ एवं परिभाषा स्वरूप

प्रार्थना का अर्थ – प्रार्थना मनुष्य की जन्मजात सहज प्रवृत्ति है। संस्कृत शब्द प्रार्थना तथा आंग्ल (इंग्लिश) भाशा के Prayer शब्द, इन दोनों में अर्थ का दृष्टि से पूरी तरह से समानता है – संस्कृत में ‘‘प्रकर्शेण अर्धयते यस्यां सा प्रार्थना’’ अर्थात प्रकर्श रूप से की जाने वाली अर्थना (चाहना अभ्यर्थना) आंग्ल भाशा का Prayer यह …

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श्रवण बाधित की परिभाषा, प्रकार एवं पहचान

जब कोर्इ व्यक्ति सामान्य ध्वनि को सुनने में असक्षम पाया जाता है, तो हमें उसे अक्षम कहा जा सकता है और इस अवस्था को श्रवण क्षतिग्रस्तता कहा जाता है। हमारे देश में इस प्रकार की समस्या से ग्रसित प्राय: हर आयु वर्ग के लोग पाये जाते हैं, जिसके अनेकों कारण हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ध्वनि …

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प्राण चिकित्सा का अर्थ, सिद्धान्त, स्वरूप, स्रोत एवं चिकित्सा की विधि

जो अत्यप्राणचिकित्सा उपचार की एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण विधि है, न्त प्राचीनकाल से चली आ रही है। इसमें दृश्य या भौतिक शरीर का उपचार करने के लिये प्राण उर्जा, जिसे ओजस्वी उर्जा भी कहा जाता है, का उपयोग किया जाता है। प्राण चिकित्सा के अन्तर्गत उपचारक अपने हाथों के माध्यम से ब्रह्माण्डीय प्राणऊर्जा को ग्रहण करके हाथों द्वारा …

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