आर्थिक नियोजन का अर्थ, परिभाषा एवं उद्देश्य

‘‘आर्थिक क्षेत्र में नियोजन का वही महत्व है जो आध्यात्मिक क्षेत्र में र्इश्वर का है’’ आथिर्क नियोजन बीसवीं शताब्दी की देन है। यूरोपीय देषो में आद्यैागिक क्रांि त के फलस्वरूप उत्पादन की नर्इ प्रणाली का जन्म हुआ। इस प्रणाली में निजी सम्पत्ति के अधिकार को सुरक्षा प्रदान की गर्इ और प्रत्येक व्यक्ति को व्यावसायिक स्वतंत्रता प्रदान …

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कार्बनिक यौगिकों का वर्गीकरण

कार्बनिक यौगिकों को तीन वर्गों में विभाजित किया जाता हैं : एलिफैटिक या विवृत श्रृंखला कार्बोसाइक्लिक या समचक्रिय विषम चक्रिय एलिफैटिक या विवृत श्रृंखला –  इस वर्ग के अन्र्तगत यौगिकों में खुली संरचना पायी जाती है जिनमें कार्बन परमाणु परस्पर सीधी श्रृंखला में जुडे रहते है। एलिपैटिक हाइड्रोकार्बन के अन्र्तगत संतृप्त, असंतृप्त और उनके व्युत्पन्न आते है। …

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प्रागैतिहासिक संस्कृति

प्रागैतिहासिक काल  प्रागैतिहासिक शब्द प्राग+इतिहास से मिलकर बना है जिसका शाब्दिक अर्थ है- इतिहास से पूर्व का युग । मानव प्रगति की कहानी के उस भाग को इतिहास कहते है जिसके लिये लिखित वर्णन मिलते है । परन्तु लेखन-कला के विकास के पहले भी मानव लाखों वर्षो तक पृथ्वी पर जीवन व्यतीत कर चुका था । …

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सरकारी बजट क्या है?

बजट शब्द फ्रेंच  शब्द बजटे (Baugatte) से लिया गया है जिसका आशय एक छोटे से थैले से है। इस प्रकार बजट सरकार की आय एवं व्ययों का एक आथिर्क विवरण है। भारतीय संविधान के अनुसार- ‘वार्षिक वित्तीय विवरण’ को लोक सभा तथा राज्य सभा के सम्मुख प्रस्ततु करना चाहिए। संविधान में बजट पर बहस के लिए …

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व्यक्तित्व का अर्थ, प्रकार एवं सिद्धान्त

व्यक्तित्व का अर्थ मनोवैज्ञानिकों द्वारा व्यक्तित्व की विभिन्न परिभाषाएं दी गई है। परिभाषाओं के क्रम में सबसे पुरानी परिभाषा व्यक्तित्व शब्द की उत्पत्ति से सम्बिन्ध् ात संप्रत्यय पर आधारित है। व्यक्तित्व का अंग्रजी अनुवाद ‘Personality’ है जो लैटिन शब्द Persona से बना है तथा जिसका अर्थ मुखौटा होता है, जिसे नाटक करते समय कलाकारों द्वारा पहना जाता था। …

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ऊष्मागतिकी के नियम

ऊष्मा गतिकी का प्रथम नियम  जूल के नियमानुसार ऊष्मा गतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम ही है। W=JHA निकाय को दी गर्इ ऊष्मा संपूर्ण रूप से कार्य में परिवर्तित नहीं होता। इसका कुछ भाग आंतरिक ऊर्जा वृद्धि में व्यय होता है एवं बाकी कार्य में बदलता है अत: प्रथम नियम इस प्रकार होगा ∆Q=∆U+∆W ∆Q …

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हठयोग साधना की परम्परा और ऐतिहासिक विकास

हठयोग साधना की परम्परा हठयोग साधना का अन्तिम लक्ष्य महाबोध समाधि है। हठयोग साधना की परम्परा में हठयोग के आदि उपदेष्टा योगीश्वर भगवान शिव से प्रारम्भ होती है। अन्य योगों की परम्परा की तरह ही योग विज्ञान का ऐतिहासिक विकास तभी से शुरू हो जाता है जब से मनुष्य का अस्तित्व शुरू होता हैं। भारतीय संस्कृति …

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संघर्ष सम्बन्धी अधिनियम

यदि हम भारत में औद्योगिक संघर्षों के विधानों का अवलोकन करें, तो स्पष्ट होता है कि यह पुराना नहीं है। इसका कारण यह है कि भारत में औद्योगिक जीवन में संघर्ष का प्रारम्भ 1914-18 के बाद हुआ। इससे पहले मालिक और मजदूरों के विवादों का निबटारा 1860 के मालिक एवं श्रमिक (विवाद) अधिनियम द्वारा होता था। …

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मुद्रा के प्रकार

मुद्रा समाज में अनके रूपों में प्रचलित रही हैं तथा विभिन्न अर्थशास्त्रियों ने मुद्रा के वगीर्करण की विभिन्न रीतियाँ अपनायी हैं। मुद्रा का वर्गीकरण  है- वास्तविक मुद्रा और हिसाब की मुद्रा, विधि ग्राह्य मुद्रा और ऐच्छिक मुद्रा, धातु मुद्रा और पत्र-मुद्रा, सुलभ मुद्रा और दुर्लभ मुद्रा, सस्ती मुद्रा और महँगी मुद्रा, वास्तविक मुद्रा और हिसाब की …

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हड़ताल क्या है?

हड़ताल का तात्पर्य अस्थायी रूप से श्रमिकों द्वारा कार्य में विध्न डालना है। यह श्रमिक द्वारा स्वत: कार्यमुक्ति है।औद्योगिक संघर्ष अधिनियम की धारा 2 (क्यू) के अनुसार व्यक्तियों के समूह द्वारा, जो मिलकर कार्य करते हैं सामूहिकता से कार्य नहीं करना अथवा एकमत होकर कार्य करने से मना करना, हड़ताल कहलाता है।’इसी प्रकार हड़ताल का तात्पर्य …

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