राजनीतिक समाजशास्त्र का अर्थ, परिभाषा, एवं प्रकृति

राजनीतिक समाजशास्त्र का अर्थ, परिभाषा 19वीं शताब्दी में राज्य और समाज के आपसी सम्बन्ध पर वाद-विवाद शुरू हुआ तथा 20वीं शताब्दी में, द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सामाजिक विज्ञानों में विभिन्नीकरण और विशिष्टीकरण की उदित प्रवृत्ति तथा राजनीति विज्ञान में व्यवहारवादी क्रान्ति और अन्त: अनुशासनात्मक उपागम के बढ़े हुए महत्व के परिणामस्वरूप जर्मन और अमरीकी विद्वानों में …

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उपराष्ट्रपति का निर्वाचन, कार्यकाल एवं शक्तियां

भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा। उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होगा और अन्य कोर्इ लाभ का पद धारण नहीं करेगा। राष्ट्रपति की मृत्यु, पदत्याग या पद से हटाए जाने या अन्य कारण से उसके पद में हुर्इ रिक्ति की दशा में उपराष्ट्रपति उस तारीख तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा जब तक कि निर्वाचित नया …

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चिन्हांकन सूची क्या है ?

जब अनुसूची को इस प्रकार तैयार करते हैं कि उनमें किसी समस्या से सम्बन्धित अनेक तथ्य, स्थिति अथवा चर दिये होते है। तथा यह जाँच करनी होती है कि इनमें से कौन-कौन से तथ्य अथवा अन्य अंग उपस्थित हैं तो चिन्हांकन सूची का प्रयोग करते हैं इनकी उपस्थिति अथवा अनुपस्थिति हॉ/नहीं से दिखा सकते हैं अथवा …

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भूमण्डलीकरण एवं उसके प्रभाव

भूमण्डलीकरण की परिभाषा भूमण्डलीकरण वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से सम्पूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था को संसार की अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत करना है। वस्तुओं, सेवाओं, व्यक्तियों और सूचनाओं का राष्ट्रीय सीमाओं के आरपार स्वतंत्र रूप से संचरण ही वैश्वीकरण या भूमण्डलीकरण कहलाता है। भूमण्डलीकरण का आशय भूमण्डलीकरण का आशय विभिन्न देशों के बाजारों एवं उनमें बेची …

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राष्ट्रपति का निर्वाचन, कार्यकाल एवं शक्तियां

भारत का राष्ट्रपति  संविधान के अनुच्छेद 52 के अनुसार भारत का एक राष्ट्रपति होगा। संघ की कार्यपालिका शक्ति इसी में निहित की गर्इ है। अनुच्छेद 53 में उपबन्ध किया गया है कि- संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी और वह इसका प्रयोग संविधान के उपबन्धों के अनुसार स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के द्वारा …

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साक्षात्कार अनुसूची

अनुसूची अंग्रेजी के शिड्यूल (Schedule) का हिन्दी रूपान्तर है। जिसका अर्थ होता है सूची (A list)] नामावली (A tabulated statement) आदि। अनुसूची की विद्वानों ने जो परिभाषाएँ दी हैं, वे इस प्रकार हैं- बोगार्डस के अनुसार– अनुसूची उन तथ्यों को प्राप्त करने के लिये एक औपचारिक पद्धति का प्रतिनिधित्व करती है, जो वैषयिक स्वरूप में है …

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समाजवाद का पतन

समाजवाद मूलत: एक निराशा के कारण असह्य स्थितियों के खिलाफ उठा विरोध का स्वर था। आर्थिक समाजवादी आंदोलन का ध्येय पूंजीवादी समाज को समाप्त करना था। मजदूर वर्ग की जीवन पद्धति एवं कार्य स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु कुछ प्रबुद्ध व्यक्तियों ने सक्रिय प्रयास किये जो समाजवाद का रूप था। 1953 र्इ. के बाद रूस …

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चुनाव आयोग का गठन, कार्य एवं प्रक्रिया

चुनाव आयोग का गठन  इसकी शुरुआत उद्देशिका से ही हो जाती है भारतीय संविधान की उद्देशिका यह उद्घोशित करती है कि भारत एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, लोकतन्त्रात्मक गणराज्य है। लोकतन्त्र भारतीय संविधान का एक मूलभूत ढ़ँाचा है। किसी भी प्रजातान्त्रिक व्यवस्था वाले देश के लिए चुनाव एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। चुनाव द्वारा न केवल जन …

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सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के कारण, लक्षण एवं वैकल्पिक चिकित्सा

हमारी रीढ का निर्माण छोटी छोटी विशेष आकार एवं संरचना की अस्थियों जिन्हे कशेरुका (Vertebra) कहा जाता है, के मिलने से होता है। इन कशेरुकाओं की कुल संख्या 26 होती है। इनमें से ऊपर की (सिर की और की) प्रथम सात कशेरुकाओं को सर्वाइकल की संज्ञा दी जाती हैं। जिन्हे अग्रेंजी भाषा के अक्षर सी-1 से …

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नारीवाद क्या है ?

नारीवाद एक बौद्धिक, दार्शनिक और राजनीतिक सम्वाद श्रंखला है जिसक केन्द्र में महिलाओं के लिए समान अधिकार और कानूनी संरक्षण का विचार निहित होता है। नारीवाद की संकल्पना में विभिन्न आन्दोलन, सिद्धान्त, दर्शन आदि समाहित होते है । जो लैिगक असमानता, नारी अधिकार और नारी हितों से संबद्ध होते है । पाश्चात्य नारीवादी विद्वान मैगी हॅुंम्म …

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