सांप्रदायिक हिंसा के कारण एवं सिद्धांत

सांप्रदायिक हिंसा के कारण साम्प्रदायिक हिंसा की समस्या को समझने के लिये दो उपागमों का उपयोग किया जा सकता है: (क) ढांचों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण करना, और (ख) उसके उद्भव की प्रक्रिया के कारण मालूम करना। पहले प्रकरण (case) में साम्प्रदायिक हिंसा को सामाजिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली या समाज के ढांचों के संचालन के अध्ययन …

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युवा तुर्क आन्दोलन

युवा तुर्क आन्दोलन की पृष्ठभूमि-  बीसवीं शताब्दी में ‘यूरोप के मरीज’ तुर्की को एक नया जीवन प्रदान करने के लिए ओटोमन साम्राज्य में एक आन्दोलन चला, जिसके फलस्वरूप सुलतान अब्दुल हमीद की निरंकुशता का अन्त हो गया। इस आन्दोलन को चलाने वाला तुर्को का युवावर्ग था, इसलिए इसे ‘युवा तुर्क’ आन्दोलन कहते हैं। ‘युवा तुर्क’ आन्दोलन …

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यूरोप में वैज्ञानिक क्रांति

आधुनिक युग के प्रारंभ के नवोत्थान-जनित प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति का पुन: विकास, सुदूरस्थ भौगोलिक खोजों, लोकभाषाओं एवं राष्ट्रीय साहित्य के सृजन की भांति ही समानरूप से महत्वपूर्ण एवं युगांतरकारी विशेशता वैज्ञानिक अन्वेशण तथा वैज्ञानिक उन्नति मानी जाती है। वस्तुत: सोलहवीं सदी का यूरोप न केवल, अपने महान कलाकारों, विद्वानों एवं मानववादियों के कारण ही, वरन् …

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साम्प्रदायिकता के लक्षण

साम्प्रदायिकता का आचरण कर्इ प्रकार से किया जाता है; उदाहरण के लिये, राजनीतिक साम्प्रदायिकता, धार्मिक साम्प्रदायिकता और आर्थिक साम्प्रदायिकता। राजनीतिक साम्प्रदायिकता चिरस्थायी या टिकाऊ राजनीतिक स्वार्थपरायणता की उपज है और इसको इस प्रकार विकसित और सुरक्षित (conserve) किया जाता है कि जिससे अपने कुकर्म छुप जायें और दूसरे व्यक्तियों का ध्यान इस ओर से हट जाये। …

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कैसर विलियम द्वितीय की विदेश नीति

विलियम प्रथम की मृत्यु के उपरान्त उसका पुत्र फैड्रिक तृतीय जर्मनी के राज्य-सिंहासन पर 9 मार्च 1888 र्इ. को आसीन हुआ। किन्तु केवल 100 दिन राज्य करने के बाद उसकी मृत्यु हो गर्इ। उसकी मृत्यु होने पर उसका पुत्र विलियम द्वितीय राज्य सिंहासन पर आसीन हुआ। वह एक नवयुवक था। उसमें अनेक गुणां े और दुर्गुणों …

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उपनिवेशवाद क्या है ?

उपनिवेशवाद का अर्थ उपनिवेशवाद का अर्थ है – किसी समृद्ध एवं शक्तिशाली राष्ट्र द्वारा अपने विभिé हितों को साधने के लिए किसी निर्बल किंतु प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण राष्ट्र के विभिé संसाधनों का शक्ति के बल पर उपभोग करना। उपनिवेशवाद में उपनिवेश की जनता एक विदेशी राष्ट्र द्वारा शासित होती है, उसे शासन में काइेर् राजनीतिक …

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धर्म की अवधारणा, विशेषताएं एवं धर्म की उत्पत्ति के सिद्धान्त

धर्म की अवधारणा भारतीय परिप्रेक्ष्य में –   व्यास का कथन है कि ‘‘आरणात् धर्म इत्याहु ‘‘ अर्थात् यह कहा जाता है कि धर्म वही है जिसे धारण किया जाता है। समाज में व्यक्ति जीवन प्रति जो धारणा बनाता है या धारणा करता है वही धर्म है। धर्म संस्कृत के ‘‘धृ’’ धातु से बना है जिसका अर्थ है …

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बिस्मार्क की नीति

बिस्मार्क की गृह नीति 1. नवीन संविधान का निर्माण जर्मनी के एकीकरण के पश्चात जर्मन साम्राज्य के लिए एक संविधान का निर्माण किया गया। इस संविधान को संघात्मक संविधान की संज्ञा प्रदान की जा सकती है। यह 25 छोटे-बड़े राज्यों तथा इम्पीरियल प्रदेश आल्सास व लॉरेन का सम्मिलित संघ राज्य था। इस नवीन संविधान के अनुसार …

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परंपरा का अर्थ और परिभाषा

कुछ विद्वान ‘सामाजिक विरासत’ को ही परम्परा कहते हैं। परन्तु वास्तव में परम्परा के काम करने का ढंग जैविक वंशानुक्रमण या प्राणिशास्त्रीय विरासत के तरीके से मिलता-जुलता है, और वह भी जैविक वंशानुसंक्रमण की तरह कार्य को ढालती व व्यवहार को निर्धारित करती है। उसी तरह (अर्थात् जैविक वंशानुसंक्रमण की तरह ही) परम्परा का भी स्वभाव …

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फ्रांस में तृतीय गणतंत्र

नैपोलियन तृतीय की पराजय 2 सितम्बर सन् 1870 र्इ. में सीडान नामक स्थान पर हुर्इ और उसको बाध्य होकर आत्म-समर्पण करना पड़ा। वह बन्दी बना लिया गया। जब अगले दिन अर्थात् 3 सितम्बर को यह समाचार फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचा तो पेरिस की सस्त जनता के मुख पर यह प्रश्न था कि अब क्या होगा, …

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