मानसिक तनाव – कारण, लक्षण एवं समाधान

तनाव के अर्थ को मनोवैज्ञानिकों ने भिन्न-भिन्न प्रकार से स्पष्ट किया है। वस्तुत: तनाव एक मानसिक रोग न होकर मानसिक रोगों का मूल कारण है। तनाव को यदि हम कुछ सटीक शब्दों में स्पष्ट करना चाहें तो कह सकते हैं कि मन:स्थिति एवं परिस्थिति के बीच संतुलन का अभाव ही तनाव की आवस्था है। कहने का …

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आदि शंकराचार्य का जीवन परिचय

शंकराचार्य का जन्म 788 र्इ0 में केरल प्रदेश के ‘कालदी’ नामक ग्राम में नम्बूद्री ब्राह्मण परिवार में हुआ था। कालदी ग्राम मालाबार में पेरियार नदी के किनारे वन क्षेत्र में स्थित है। कालदी में विद्याधिराज नामक एक प्रसिद्ध विद्वान थे। उनका पुत्र शिवगुरू था। यह परिवार परम्परागत रूप से शंकर का उपासक था। इन्हीं शिवगुरू के …

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वाणिज्यवाद क्या है ?

व्यापारिक क्रांति ने एक नवीन आर्थिक विचारधारा को जन्म दिया। इसका प्रारंभ सोलहवीं सदी में हुआ। इस नवीन आर्थिक विचारधारा को वाणिज्यवाद, वणिकवाद या व्यापारवाद कहा गया है। फ्रांस में इस विचारधारा को कोल्बर्टवाद और जर्मनी में केमरलिज्म कहा गया। 1776 र्इ. में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एडम स्मिथ ने भी अपने ग्रथ ‘वेल्थ ऑफ नेशस में इसका …

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स्मृति का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

प्राय: हम यह सुनते हैं कि अमुक व्यक्ति की स्मृति बहुत अच्छी है। अमुक व्यक्ति बार-बार भूल जाता है। कर्इ व्यक्ति अपनी स्मृति में कर्इ सूचनाओं को एक साथ रख लेते हैं। कर्इ बार हम बचपन की बातों को स्मृति में ले आते हैं तो कर्इ बार हम वर्तमान की बातों को भी भूल जाते हैं। …

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मंत्र योग क्या है ?

शास्त्रों के अनुसार अनेक प्रकार के योग बताए गये हैं, इन सभी योग की साधना सबसे सरल और सुगम है। मंत्र योग की साधना कोर्इ श्रद्धा पूर्वक व निर्भयता पूर्वक कर सकता है। श्रद्धापूर्वक की गयी साधना से शीघ्र ही सिद्धि प्राप्त कर अभीष्ट की प्राप्ति की जा सकती है। अपने लक्ष्य को मंत्र योग द्वारा …

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धर्म सुधार आंदोलन एवं धर्म सुधार विरोधी आन्दोलन

1517 र्इ. से 1648 र्इ. तक का युग धर्म सम्बन्धी सुधारों का युग था। चर्च और पोप के भ्रश्ट तंत्र के विरूद्ध जो आंदोलन हुआ वह धर्म सुधार आंदोलन था। इस आंदोलन के दो लक्ष्य थे- (1) र्इसार्इयों में धार्मिक, नैतिक और आध्यात्मिक जीवन को पुन: उन्नत और श्रेश्ठ करना और (2) रोम के पोप और …

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मनोवैज्ञानिक परीक्षण के प्रकार

क्या आप जानते हैं कि मनोवैज्ञानिक परीक्षण कितने प्रकार के होते हैं?  मनोवैज्ञानिक परीक्षण एक मानवीकृत यन्त्र होता है, जिसमें प्रश्नों अथवा चित्रों या अन्य माध्यमों के द्वारा मनुष्य की विभिन्न मानसिक योग्यताओं जैसे कि बुद्धि, समायोजन क्षमता, स्मृति, अभिवृत्ति, अभिरूचि इत्यादि का मात्रात्मक मापन किया जाता है। कहने का आशय यह है कि मनोवैज्ञानिक परीक्षण …

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हठयोग क्या है ?

सामान्य रूप से हठयोग का अर्थ व्यक्ति जिदपूर्वक हठपूर्वक किए जाने वाले अभ्यास से लेता है अर्थात किसी अभ्यास को जबरदस्ती करने के अर्थ में हठयोग जिदपूर्वक जबरदस्ती की जाने वाली क्रिया है। हठयोग शब्द पर अगर विचार करें तो दो शब्द हमारे सामने आते है ह और ठ।    ह का अर्थ है- हकार अर्थात …

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पुनर्जागरण के कारण एवं विशेषताएं

पुनर्जागरण से तात्पर्य ऐतिहासिक दृष्टि से पुनर्जागरण की कोर्इ सहज एवं स्पश्ट परिभाषा नहीं दी जा सकती है। अनेक इतिहासकार इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण स्वीकार करते हैं। व्यापक अर्थ में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभिप्राय उन समस्त परिवर्तनों से है, जो मध्ययुग से आधुनिक युग के बीच पश्चिमी यूरोप में हुए थे, अर्थात सामंतवाद की अवनति, प्राचीन साहित्य …

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एरिक्सन का मनोसामाजिक सिद्धांत

मनोविज्ञान के क्षेत्र में अहं मनोवैज्ञानिक के रूप में प्रसिद्ध है। इनके द्वारा प्रतिपादित व्यक्तित्व सिद्धान्त क्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त से भी काफी प्रभावित है तथापि इन्होंने अपने सिद्धान्त में कुछ ऐसे कारकों को भी महत्व दिया है, जिनकी चर्चा क्रायड ने नहीं की है। जैसे कि एरिक्सन ने मानवीय व्यक्तित्व के विकास में सामाजिक एवं …

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