सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
निजी कम्पनियां ऐसे क्षेत्रों में उद्योग लगाने हेतु रूचि नहीं लेते थे जिसमें, भारी पूंजी निवेश हो लाभ कम हो, सगर्भता की अवधि (जेस्टेशन पीरियड) लम्बी हो जैसे-मशीन निर्माण, आधारभूत ढ़ांचा, तेल अन्वेषण आदि इसी तरह निजी उद्यमी उन क्षेत्रों को ही प्राथमिकता देते हैं जहां संसाधन सुलभता से उपलब्ध हों जैस-कच्चे माल, श्रमिक, विद्युत, बाजार …