वित्तीय प्रबंध की प्रकृति, क्षेत्र तथा उद्देश्य
मनुष्य द्वारा अपने जीवन काल में प्राय: दो प्रकार की क्रियाएं सम्पादित की जाती है आर्थिक क्रियायें अनार्थिक क्रियाएं । आर्थिक क्रियाओं के अन्र्तगत हम उन समस्त क्रियाओं को सम्मिलित करते हैं जिनमें प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से धन की संलग्नता होती है जैसे रोटी, कपड़े, मकान की व्यवस्था आदि। अनार्थिक क्रियाओं के अन्तर्गत पूजा-पाठ, व …