आर्थिक नियोजन की अवधारणा, आवश्यकता एवं महत्व

आर्थिक नियोजन की परिभाषा  आर्थिक नियोजन के अर्थ, स्वरूप एवं क्षेत्र के सम्बन्ध में सभी विद्वान एक मत नहीं है। अत: इसकी कोर्इ एक सर्वमान्य परिभाषा देना कठिन है। आर्थिक नियोजन की प्रमुख विद्वानों द्वारा परिभाषाएँ दी गर्इ हैं- डॉ0 डाल्टन (Dr. Dalton) के अनुसार- ‘‘व्यापक अर्थ में आर्थिक नियाजे न विशाल साधनों के संरक्षणों द्वारा …

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अश्वगंधा की खेती कैसे करें

अश्वगंधा (असगंध) जिसे अंग्रेजी में विन्टर चैरी कहा जाता है तथा जिसका वैज्ञानिक नाम विदानिया सोम्नीफेरा (Withania somnifera)है, भारत में उगार्इ जाने वाली महत्वपूर्ण औषधीय फसल है जिसमें कर्इ तरह के एल्केलॉइड्स पाये जाते है। अश्वगंधा को शक्तिवर्धक माना जाता है। भारत के अलावा यह औषधीय पौधा स्पेन, फेनारी आर्इलैण्ड, मोरक्को, जार्डन, मिस्र, पूर्वी अफ्रीका, बलुचिस्तान …

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पूंजी की लागत का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, महत्व एवं वर्गीकरण

पूँजी की लागत का अर्थ एवं परिभाषा पूंजी की लागत एक महत्वपूर्ण अवधारणा है जिसे अनेक अर्थो में प्रयुक्त किया जाता है। पूंजी प्रदाता या विनियोक्ता के दृष्टिकोण से यह उस त्याग का पुरस्कार है जिसको वह वर्तमान उपभोग को स्थगित करके भविष्य में विनियोग के बदले प्राप्त करने की इच्छा रखता है। उपयोगकर्ता के दृष्टिकोण …

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यथार्थवाद क्या है ?

यथार्थवाद के लिए अंग्रेजी का शब्द ‘रियलिज्म’ है। ‘रियल’ शब्द ग्रीक भाषा के रीस शब्द से बना है जिसका अर्थ है वस्तु। अत: रियल का अर्थ होता है वस्तु सम्बन्ध् ाी। यही कारण है ‘‘रियलिज्म’ (यथार्थवाद) वस्तु के अस्तित्व से सम्बन्धित यह एक दृष्टिकोण है जिसके अनुसार संसार की प्रत्येक वस्तु सत्य है और प्रत्यक्ष है। …

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सफेद मूसली की खेती कैसे करें

सफेद मूसली को मानव मात्र के लिए प्रकृति द्वारा प्रदत्त अमूल्य उपहार कहा जाए तो शायद अतिश्योक्ति नहीं होगी। अनेकों आयुर्वेदिक एलोपैथिक तथा यूनानी दवार्इयों के निर्माण हेतु प्रयुक्त होने वाली इस दिव्य जड़ी-बूटी की विश्वभर में वार्षिक उपलब्धता लगभग 5000 टन है जबकि इसकी माँग लगभग 35000 टन प्रतिवर्ष आँकी गर्इ है। यह औषधीय पौधा …

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वित्तीय पूर्वानुमान क्या है ?

वित्त की उपादेयता निर्विवाद है, भावी वित्तीय आवश्यकताओं का पूर्वानुमान वित्तीय पूर्वानुमान कहलाता है। वित्तीय पूर्वानुमान एक प्रक्रिया है जिसके अन्तर्गत कोष प्रवाह विवरणों, भूतकालीन लेखों, वित्तीय अनुपातों इत्यादि के आधार पर भावी वित्तीय दषाओं का निरूपण किया जाता है। इसके अन्र्तगत सम्भाव्य रोकड़ अन्तर्वाहों (Inflows) तथा रोकड़ बहिर्वाहों (Outflows) का आंकलन किया जाता है। वास्तविक …

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व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व

आधुनिक काल में नागरिकों के जीवन और समाज पर व्यावसायिक कार्यकलापों का विभिन्न रूप से बहुत बड़ा प्रभाव होता है। पूर्व-आधुनिक काल में व्यवसायी वर्ग के लिए व्यवसाय के ‘सामाजिक’ मूल्य के संबंध में चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती थी क्योंकि उस समय आशा की जाती थी कि बाजार की शक्तियाँ मूल्य व्यवस्था को स्वयं …

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सींग खाद बनाने की विधि

सींग खाद बनाने के लिए मुख्यतया दो वस्तुओं की आवश्यकता होती है- मृत गाय के सींग का खोल तथा दूध देती गाय का गोबर। यह सभी जानते हैं कि भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान अत्यधिक महत्वपूर्ण है तथा गाय का गोबर नक्षत्रीय एवं आकाशीय प्रभावों से युक्त होता है। नक्षत्रीय प्रभाव नार्इट्रोजन बढ़ाने वाली ताकतों …

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वित्त कार्य क्या है ?

वित्त कार्य से अभिप्राय किसी भी संगठन में वित्त सम्बन्धी कार्यों से है। अर्थात औद्योगिक एवं व्यावसायिक संगठनों में वित्तीय प्रबन्धक द्वारा संगठन में जो भी कार्य किये जाते हैं, उन्हें वित्त कार्य कहा जाता है। वित्त कार्य को हम प्रमुखतया तीन संदर्भों में परिभाशित कर सकते हैं। प्रथम संदर्भ में वित्त कार्य से आशय संगठन …

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वर्मीकम्पोस्ट अथवा केंचुआ खाद

खाद बनाने की विभिन्न विधियों में से सर्वाधिक उपयोगी विधि है वर्मी कम्पोस्टिंग। वस्तुत: वर्मीकम्पोस्टिंग वह विधि है जिसमें कूड़ा कचरा तथा गोबर को केंचुओं तथा सूक्ष्म जीवों की सहायता से उपजाऊ खाद अथवा ‘‘वर्मीकास्ट’’ में बदला जाता है यही वर्मी कम्पोस्ट अथवा केंचुआ खाद कहलाती है। वर्मी कम्पोस्ट के लाभ  वर्मी कम्पोस्ट अन्य खादों की …

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