हिन्दी वर्तनी का मानकीकरण

‘हिन्दी वर्तनी का मानकीकरण’ शीर्षक इस लेख में हिन्दी वर्तनी के मानकीकरण एवं उसकी आवश्यकता पर सविस्तार चर्चा की गर्इ है। साथ ही मानक वर्तनी के प्रयोग का उदाहरण समझाया गया है। हिन्दी वर्तनी का मानकीकरण  भारत के संविधान में हिन्दी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया है। साथ ही कुछ अन्य …

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सामाजिक सुरक्षा क्या है ?

‘सामाजिक सुरक्षा’ शब्द का उद्गम औपचारिक रूप से सन् 1935 से माना जाता है, जबकि प्रथम बार अमरीका में सामाजिक सुरक्षा अधिनियम पारित किया गया। इसी वर्ष बेरोजगारी, बीमारी तथा वृद्धावस्था बीमा की समस्या का समाधान करने के लिए सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन किया गया। तीन वर्ष बाद सन् 1938 में ‘सामाजिक सुरक्षा’ शब्द का …

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राष्ट्रभाषा तथा राजभाषा के रूप में हिन्दी

‘राजभाषा एवं राष्ट्रभाषा के रूप में हिन्दी’ शीर्षक इस लेख में राजभाषा एवं राष्ट्रभाषा का सामान्य परिचय व उनके स्वरूप की चर्चा की गर्इ है। इसके अलावा राजभाषा की विशेषताएँ एवं उसके प्रयोग क्षेत्र पर भी सविस्तार विचार किया गया है। राष्ट्रभाषा बनाम राजभाषा  समाज में जिस भाषा का प्रयोग होता है साहित्य की भाषा उसी …

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मजदूरी एवं वेतन प्रशासन का अर्थ

मानवीय संसाधनों की अधिप्राप्ति के पश्चात् यह अत्यन्त आवश्यक होता है कि उन्हें संगठन के प्रति उनके योगदानों के लिए न्यायोचित रूप से पारिश्रमिक प्रदान किया जाये। पारिश्रमिक वह प्रतिपूरण है, जिसे एक कर्मचारी संगठन के लिए अपने योगदान के बदले में प्राप्त करता है। मजदूरी एवं वेतन पारिश्रमिक प्रक्रिया के प्रमुख अंग होते हैं, जिनका …

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सम्पर्क भाषा के रूप में हिन्दी

भारत जैसे बहुभाषा-भाषी देश में सम्पर्क भाषा की महत्ता असंदिग्ध है। इसी के मद्देनजर ‘सम्पर्क भाषा (जनभाषा) के रूप में हिन्दी’ शीर्षक इस अध्याय में सम्पर्क भाषा का सामान्य परिचय देने के साथ-साथ सम्पर्क भाषा के रूप में हिन्दी के स्वरूप एवं राष्ट्रभाषा और सम्पर्क भाषा के अंत:सम्बन्ध पर भी विचार किया गया है। सम्पर्क भाषा …

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औद्योगिक दुर्घटना के कारण एवं निवारण

भारत में औद्योगीकरण के विकास के साथ विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा समस्या उत्पन्न हुर्इ है। प्रत्येक वर्ष, औद्योगिक दुर्घटना के मामले लाखों में दिखार्इ देते है, जिनमें वृहद, दुर्घटना, आंशिक नि:शक्तता, पूर्ण नि:शक्तता विभिन्न कारखानों, रेलवे, पत्रों, गोदी, तथा खानों में देखने को मिलती है। हमारे सांख्यिकीय कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार 1000 …

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आर्थिक प्रणाली क्या है ?

आर्थिक प्रणाली किसी भी देश में आर्थिक क्रियाओं के संगठन पर प्रकाश डालती है। उत्पादन के साधनों का स्वामित्व निजी व्यक्तियों के हाथों में, सरकार के पास या फिर दोनों के हाथों में होता है। अब स्वामित्व अधिकतर निजी 62 व्यक्तियों के हाथों में हो तो ऐसी आर्थिक व्यवस्था को पूंजीवादी आर्थिक व्यवस्था कहते है। यदि …

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मानक भाषा का अर्थ एवं परिभाषा

मानक भाषा को कर्इ नामों से पुकारते हैं। इसे कुछ लोग ‘परिनिष्ठित भाषा’ कहते हैं और कर्इ लोग ‘साधु भाषा’। इसे ‘नागर भाषा’ भी कहा जाता है । अंग्रेजी में इसे Standard Language’ कहते हैं। मानक का अर्थ होता है एक निश्चित पैमाने के अनुसार गठित। मानक भाषा का अर्थ होगा, ऐसी भाषा जो एक निश्चित …

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श्रमिक शिक्षा क्या है ?

किसी भी विकासशील देश में आर्थिक विकास को तेजी से बढ़ाने के एक साधन के रूप में श्रमिकों की शिक्षा के महत्व को कम नहीं किया जा सकता। यह ठीक ही कहा गया है कि ‘‘किसी औ़द्योगिक दृष्टि से विकसित देश का बड़ा पूंजी भण्डार इसकी भौतिक सामग्री में नहीं वरन् जांचे हुए निष्कर्शो से इकट्ठा …

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व्यावसायिक पर्यावरण के प्रकार

व्यावसायिक पर्यावरण मुख्य रूप से आन्तरिक एवं बाह्य पर्यावरण के योग से बनता है। आन्तरिक पर्यावरण के घटक है जो एक फर्म के नियंत्रण में होते हैं। इस प्रकार के घटक फर्म के संसाधनों, नीतियों एवं उद्देश्यों से सम्ब- न्धित होते हैं। लेकिन जब हम व्यवासायिक पर्यावरण के उन घटकों की बात करते हैं जो गतिशील …

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