हठयोग के प्रमुख ग्रन्थों का सामान्य परिचय

हठयोग के प्रमुख ग्रन्थों का सामान्य परिचय हठयोग के ग्रन्थों के अध्ययन से पूर्व यह आवश्यक है कि हठयोग की परम्परा कहॉं से शुरू हुई इस प्रश्न के उत्तर आपको कहानी को पढ़कर स्वत: ही आ जायेगा। एक बार भगवान शिव, मॉं पार्वती को लेकर भ्रमण पर निकले थे। भ्रमण के दौरान दोनों एक सरोवर के …

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समाज किसे कहते हैं | समाज का उद्भव एवं विकास

हम लोग समाज का अर्थ समझते है- ‘नारी’ और ‘पुरुष’ का समूह । समाज का वास्तविक अर्थ यह नहीं है। इसका सही अर्थ है एक साथ मिलकर चलना। कभी-कभी हम बस, ट्रेन में एक साथ यात्रा करते है पर उसे हम समाज नहीं कह सकते। समाज व्यक्ति अथवा परिवारों का एक ऐसा संगठन है जिसमें समान …

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हिंदी के प्रसिद्ध व्यंग्यकारो के नाम

हिन्दी के व्यंग्यकारों ने अनेक ऐसी रचनाएँ दी है जिनमें न प्रत्यक्ष हास्य है, न आक्रोश और न करूणा । वे विशुद्ध बौद्धिक और चिन्तन – प्रधान रचनाएँ है जो पाठक में सामाजिक सजगता उत्पन्न करती है। व्यंग्यकार की भूमिका एक सुधारक, नियामक और न्यायाधीश की होती है। वह एक तटस्थ तमाशबीन की तरह समाज की …

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अरस्तू का विरेचन सिद्धान्त

पृष्ठभूमि अरस्तू के विरेचन सिद्धान्त को समझने से पहले हमें अरस्तू के गुरु प्लेटो के आदर्श को समझना होगा जिसके अन्तर्गत प्लेटो ने घोषित किया था कि आदर्श राज्य के आदर्श नागरिक से यह आशा की जाती है कि वह अपनी क्षुद्र वासनाओं का दमन करे, उनका निराकरण करे। प्लेटो की यह भी धारणा यो कि …

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खरगौन जिले का इतिहास, प्रमुख स्थल

मध्यप्रदेश के 51 जिलों में से एक खरगौन जिला है। खरगौन मध्यप्रदेश के इन्दौर संभाग के अन्तर्गत आता है। खरगौन को सफेदसोना (कपास) उत्पादक जिला के रूप में जाना जाता है। खरगौन जिले को सफेद सोना (कपास) क्षेत्र कहा जाता है। खरगौन को पूर्व में पश्चिय निमाड़ क्षेत्र के रूप में जाना जाता है । खरगौन …

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आत्मकथा शब्द की व्युत्पत्ति, अर्थ एवं परिभाषा

‘आत्मकथा’ शब्द की व्युत्पत्ति के संबंध में संस्कृत के आचार्यों ने कहा है – इस शब्द की उत्पत्ति आत्मन और कथा से हुई है । विभक्ति तत्पुरूष के नियम के अनुसार इसमें से पूर्वपद 66 की विभक्ति का लोप हुआ है । इस शब्द के विग्रह हैं आत्मनः कथा, आत्मना कथा और – आत्मने कथा | …

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पालि साहित्य का इतिहास

भारतीय वाडमय में पालि साहित्य का विशेष महत्व है। या यह भी कह सकते है कि भारतीय इतिहास को पालि – साहित्य ने ही प्रकाशित किया है। यदि पालि- साहित्य न होता तो ईसा पूर्व पाँचवी शताब्दी से ईसा तक का भारतीय इतिहास लुप्त हो गया होता । पालि – साहित्य की सहायता से ही भारत …

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इंटरनेट प्रोटोकॉल क्या है प्रकार और कैसे काम करता है | Internet Protocol In Hindi

सामान्य जीवन में जब हम किसी को कोई डाक भेजते हैं तो उसके लिए हमें उस व्यक्ति के पोस्टल पते की आवश्यकता पड़ती है, जिससे भेजा गया सामान सही पते पर पहुंच सके। ठीक इसी प्रकार इंटरनेट की दुनिया में भी एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर तक जानकारी (डाटा) भेजने के लिए पते की आवश्यकता पड़ती …

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बैंक का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, कार्य

बैंक, साख तथा मुद्रा का लेन-देन करने वाली व्यावसायिक संस्था है, जो अपने ग्राहकों के खातें में रुपया स्वीकार करती है और उसका भुगतान वह चेक, ड्राफ्ट आदि के द्वारा माँगें जाने पर करती है। दूसरे शब्दों में बैंकिंग का अर्थ है- कर्ज देने अथवा अन्य प्रकार से काम में लाने के लिए जनता से जमा …

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सूर्यबाला का जीवन परिचय

सूर्यबाला का जन्म 25 अक्टूबर 1944 को वाराणसी में हुआ । सूर्यबाला की माँ का नाम स्व. श्रीमती केशर कुमारी और पिता का नाम श्री. स्व. वीरप्रताप सिंह था । उनके माता – पिता दोनों शिक्षित तथा अंग्रेजी हिंदी तथा उर्दू के ज्ञाता थे। स्वयं पढ़े लिखे होने के कारण उन्होंने अपने चारों बेटियों को एम. …

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