पंचमहाभूत क्या है?

भारतीय दर्शन सांख्य दर्शन तथा योग-दर्शन के अनुसार सृष्टि पंच महाभूतों से मिलकर बनी है, अतः इन्हीं में समाहित भी हो जाती है मानव शरीर भी इन पंच तत्वों से मिलकर बना है। पंचतन्मात्राओं से पंचमहाभूतों की उत्पत्ति होती है । पंच तन्मात्राओं से 5 महाभूतों की स्वतंत्र रूप से सृष्टि होती है । ‘शब्द’ तन्मात्रा …

Read more

मुंशी प्रेमचंद की रचनाएं

मुंशी प्रेमचन्द का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी के निकट लमही गाँव में एक कायस्थ परिवार में 31 जुलाई 1880 को इनका अवतरण हुआ। इनकी माता का नाम आनन्दी देवी व पिता मुंशी अजायबराय लमही गाँव में डाकमुंशी थे। इनका प्रारंभिक जीवन कष्टमय व संघर्षमय रहा अबोध अवस्था में ही माताश्री का देहान्त हो गया । …

Read more

यशपाल की जीवनी एवं रचनाएँ

प्रेमचंदोत्तर कथाकारों में भी यशपाल का स्थान श्रेष्ठतम है । यशपाल उस कोटि के साहित्यकारों में आते हैं, जो स्थान और समय की सीमाओं का अतिक्रमण कर सार्वकालिक और सार्वभौमिक हो जाते हैं । एक साहित्यकार के रूप में यशपाल की जितनी लोकप्रियता हिंदी-जगत में है, उतने ही वे हिंदीतर जगत में भी लोकप्रिय रहे हैं …

Read more

प्रकृति के तीन गुण सत्व, रजस, तमस की परिभाषा

वामन शिवराम आप्टे के संस्कृत हिन्दी कोश के अनुसार प्र + कृ + क्तिन् के योग में बने ‘प्रकृति’ शब्द का अर्थ है किसी वस्तु की मूल स्थिति, माया, जड़, जगत् तथा स्वाभाविक रूप से । प्रकृति की परिधि में सृष्टि के प्रमुख उपकरणों भूमि, जल, अग्नि, वायु तथा आकाश की गणना होती है । ‘ …

Read more

मत्स्यासन की विधि और लाभ

मत्स्य अर्थात मछली । इस आसन की अंतिम स्थिति में शरीर की स्थिति मछली की तरह हो जाती है, इसलिए इसे मत्स्यासन नाम से जाना जाता है। कुछ महर्षियों का मत है कि इस आसन को लगाकर यदि पानी में रह जाते हैं, तो इंसान मछली की भांति तैर सकता है। इसलिये इसे मत्स्यासन नाम से …

Read more

इंटरनेट की शुरुआत कब हुई इसका क्या प्रयोग है?

इंटरनेट को हिन्दी में अंतरजाल कहा जाता है। अंतरजाल इसलिए कहा जाता है। क्योंकि वे कई कंप्यूटर (Computer) से जुड़ा एक वैश्विक विस्तृत नेटवर्क है । इससे कई लोग, संगठन, हॉस्पिटल, विश्वविद्यालय, संस्थान, रेलवे आदि सरकारी और निजी कंप्यूटर आपस में जुड़े हुए है । इंटरनेट से जुड़े हुए कंप्यूटर में नेटवर्क नियमों (Internet Protocol) के माध्यम …

Read more

स्वास्थ्य के विभिन्न आयाम क्या है?

स्वास्थ्य के आयाम स्वास्थ्य के विभिन्न आयाम बतलाए गए हैं जैसे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, बौद्धिक एवं व्यावसायिक । किंतु मुख्य रूप से स्वास्थ्य के तीन प्रमुख आयाम हैं- शारीरिक आयाम मानसिक आयाम आध्यात्मिक आयाम 1. शारीरिक आयाम— शारीरिक रूप से स्वस्थ होने से तात्पर्य है कि मनुष्य की प्रत्येक कोशिका, अंग, कार्यप्रणाली, चयापचय अधिकतम क्षमता से …

Read more

सर्वांगासन की विधि, सर्वांगासन के लाभ, सावधानियां

इस आसन को सर्वांगासन इसलिये कहा जाता है क्योंकि इस आसन से शरीर के सभी अंग प्रभावित होते है, इसलिये इसे सर्वांगासन कहा जाता है।  सर्वांगासन की विधि पीठ के बल लेटकर दोनों पैर सामने, गर्दन सीधी, दोनों हाथ कोहनी से सीधे हथेलियां जमीन की ओर। दोनों पैरों को उठाते है, 30°, 45°, 60°, 90° तक …

Read more

बलवंत सिंह की जीवनी, बलवंत सिंह के उपन्यास और अन्य रचनाएँ

बलवंत सिंह का जन्म पंजाब के गुजरांवाला में, सन् 1926 में हुआ था । देश- विभाजन के बाद यह स्थान पाकिस्तान में चला गया । देश-विभाजन के बाद यद्यपि बलवंत सिंह को बाकी पंजाबियों के साथ अपना वतन पश्चिमी पंजाब छोड़कर अपने देश पूर्वी पंजाब में आना पड़ा, लेकिन अपना जन्म-स्थान और अपनी मिट्टी की खुशबू …

Read more

योग का संक्षिप्त इतिहास

‘योग दर्शन’ भारत की एक प्राचीन दार्शनिक पद्धति है । इसका प्रादुर्भाव कब हुआ इसका निश्चित काल किसी भी प्राचीन ग्रंथ में उपलब्ध नहीं है। अलग–अलग विद्वानों के अनुसार अलग-अलग दर्शन काल. बताया जाता है । प्राचीन ऐतिहासिक पुरातत्व के अवशेष एवं साहित्य इसकी प्राचीनता को प्रमाणित करते हैं। यदि हम सिन्धु घाटी की सभ्यता से …

Read more