पत्रकारिता क्या है और उनके प्रकार

अंग्रेजी शब्द जर्नलिज्म का हिंदी अनुवाद पत्रकारिता है। ‘जर्नलिज्म’ शब्द ‘ जर्नल’ से निकला है । उसका शाब्दिक अर्थ ‘दैनिक’ है। समय और समाज के संदर्भ में सजग रहकर लोगों में दायित्वबोध निर्माण कराने की कला को ‘पत्रकारिता’ कहा जाता है ।  जनसेवा का सशक्त माध्यम पत्रकारिता है । इससे मानव जीवन की विविधताएँ तथा नित्य …

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कार्यालयी हिंदी किसे कहते हैं कार्यालयी हिंदी के प्रमुख प्रकार ?

देश के राजकीय कार्यों में प्रयुक्त होने वाली भाषा को राजभाषा कहते हैं । प्रत्येक देश की राष्ट्रभाषा ही उस देश की राजभाषा होती है। इसे अंग्रेजी में Official Language कहते हैं। इसी के माध्यम से वहाँ का राजकार्य चलता है । इसी भाषा को कार्यालयी हिंदी भी कहा जाता है। कार्यालयी हिंदी वह हिंदी है, …

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परिवार की प्रमुख विशेषताएं और इसका स्वरूप

परिवार एक छोटा सामाजिक समूह है जिसमें पति-पत्नी बच्चें व अन्य सदस्य शामिल होते है। परिवार को एक संस्था के रूप में माना जाता है और संस्था के रूप में ही परिवार समाज में सभी ओर पाया जाता है । परिवार की परिभाषा  परिवार की परिभाषा कई विद्वानों ने भिन्न- भिन्न प्रकार से की है । …

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भारत-चीन युद्ध 1962 के कारण, परिणाम और युद्ध का पूरा इतिहास

भारत चीन युद्ध जो भारत चीन सीमा विवाद के रूप में भी जाना जाता है, चीन और भारत के बीच 1962 में हुआ एक युद्ध था। विवादित हिमालय सीमा युद्ध के लिए एक मुख्य बहाना था, लेकिन अन्य मुद्दों ने भी भूमिका निभाई। चीन में 1959 के तिब्बती विद्रोह के बाद जब भारत ने दलाई लामा …

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चुनाव आयोग के कार्य क्या है?

निर्वाचन प्रकिया के संदर्भ में यह कहा गया है कि, निर्वाचन एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा आम जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है एवं साथ ही उन पर प्रभावी नियंत्रण रखती है । जनसंख्या वृद्धि के कारण वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अप्रत्यक्ष लोकतंत्रात्मक संसदीय व्यवस्था को अपनाया गया है। जिसमें नागरिक अपने प्रतिनिधियों में माध्यम …

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सूचना का अधिकार क्या है?

द राइट टू इनफारमेशन एक्ट 2005 अथवा सूचना प्राप्त करने संबंधी अधिनियम संचार जगत् में युगान्तकारी दस्तक है । भारतीय संसद के दोनों सदनों – लोकसभा और राज्यसभा ने मई 2005 में यह अधिनियम पारित किया, जिसमें देश के सामान्य नागरिकों को कुछ सरकारी विभागों को छोडकर अन्य सभी विभागों से अपने अथवा सार्वजनिक हित में …

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गुप्त काल की सामाजिक एवं सांस्कृतिक दशा

गुप्तकाल में भारतीय सभ्यता और संस्कृति अपनी उन्नति की पराकाष्ठा पर पहुंच गई थी। क्या समाज, राजनीति, साहित्य, कला और धर्म सभी क्षेत्र में गुप्त युग में असाधारण प्रगति हुई । इतिहास वेत्ता गुप्तकाल को जिसमें नवाभ्युत्थान का आंदोलन, साहित्य व कला के क्षेत्र में अनेक सफल सिद्धियों को प्राप्त करता हुआ विकास की चरम पराकाष्ठा …

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भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार का वर्णन

मनुष्य को अगर अपना विकास करना है, तो उसे कुछ मौलिक अधिकार मिलना जरूरी है । कोई व्यक्ति या सरकार इन अधिकारों का दुरूपयोग नहीं कर सकती । मनुष्य को प्राप्त मौलिक अधिकार आधुनिक युग की देन है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13 से 35 तक छ: मौलिक अधिकारों का वर्णन किया गया है। इन मौलिक …

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पत्रकारिता का इतिहास

पत्रकारिता का आशय केवल शासकीय नीतियों, आदेशों और सूचनाओं को जनता तक पहुँचाना था । सम्राट अशोक के शिलालेख, समुद्रगुप्त के विजय स्तंभ आदि पर राजकीय नीति की उद्घोषणाएँ उपलब्ध हैं । अन्य राष्ट्रों में भी इसी तरह की सूचनाएँ उपलब्ध हैं । ईसापूर्व 60 में रोम में जूलियस सीजर के शासन काल में एक्टा डायना …

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मोहनदास नैमिशराय का जीवन परिचय एवं रचनाएँ

मोहनदास नैमिशराय का जन्म 5 सितम्बर 1949 में उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर मेरठ में हुआ है । उन्होंने अपने जन्म के बारे में लिखा है कि “मेरठ जैसे ऐतिहासिक शहर की उपज था मैं, जिसमें हर जाति और हर वर्ग के लोग रहते हैं । मोहनदास नैमिशराय के पिताजी का नाम सूर्यकांत था । वे …

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