प्रभा खेतान का जीवन परिचय

प्रभा खेतान का जन्म 1 नवम्बर 1942 को कलकत्ता में हुआ। प्रभा खेतान अपने माता-पिता जी की पाँचवीं संतान थी । कुल मिलाकर पाँच भाई-बहनों में पली बड़ी थी। इनका बचपन एक संयुक्त परिवार में बीता ।  मात्र 9 वर्ष की आयु में ही पिता का साया उनके सिर से उठ गया। प्रभा खेतान आम मारवाडी …

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रोगी और निरोगी व्यक्ति के बीच कैसे अन्तर कर सकते है हम किस व्यक्ति को रोगी व्यक्ति कह सकते हैं

रोगी और निरोगी व्यक्ति के बीच कैसे अन्तर कर सकते है अर्थात हम किस व्यक्ति को रोगी व्यक्ति कह सकते हैं और किस व्यक्ति को निरोगी व्यक्ति कह सकते हैं। शारीरिक रोग, मानसिक रोग एवं आध्यात्मिक रोगों के विषय में जानने के उपरान्त अब यह जानना भी अनिवार्य हो जाता है कि इन रोगों से ग्रस्त …

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प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर में अंतर

सरकार द्वारा किसी वस्तु, आय या क्रिया पर वसूल किया जाने वाला शुल्क (tax) कर कहलाता है। सरकार द्वारा किये जाने वाले व्ययों की पूर्ति हेतु कर लगाये जाते है।  यह भी पढ़ें: अप्रत्यक्ष कर क्या है अप्रत्यक्ष कर के गुण और दोष कर के प्रकार कर कितने प्रकार के होते हैं? करों को मुख्य रूप से दो …

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मंजुल भगत का जीवन परिचय

कथाकार मंजुल भगत (Manjul Bhagat) का जनम 22 जून 1936 ई. में मेरठ नगर श्री वीरेन्द्र प्रसाद जैन और उनकी भार्या श्रीमती रविकान्ता जैनजी के घर हुआ था। मंजुल भगत का नाम मंजुल जैन ही था और घर में इन्हें प्यार से ‘रानी’ कहकर पुकारा जाता था। जैन संस्कार का बचपन में इन पर काफी प्रभाव …

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शरीर में त्वचा का क्या कार्य है त्वचा को स्वस्थ एवं स्वच्छ रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है

शरीर के ऊपरी आवरण को ‘त्वचा‘ के नाम से सम्बोधित जाता है। त्वचा शरीर और वातावरण के बीच सीमान्त या सीमा बन्धक मेम्ब्रेन है, जिसके माध्यम से सभी वस्तुओं का अदल बदल होता रहता है। इस तरह से त्वचा शरीर के ऊतकों तथा बाहय वातावरण के बीच एक रोधी भित्ति का कार्य करती है, वातावरण-संचारेक्षण के …

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हिंदी साहित्य का इतिहास : काल विभाजन एवं नामकरण

सन् 1000 ई. के आसपास हिन्दी साहित्य प्रारंभ होता है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने हिन्दी साहित्य के इतिहास को काल एवं प्रवृत्ति के आधार पर चार भागो में विभक्त किया हैं –  आदिकाल अथवा वीरगाथा काल (संवत् 1050-1375 ई. तक)  पूर्व मध्य काल या भक्ति काल (संवत् 1375-1700 ई. तक)  उत्तर मध्यकाल या रीतिकाल (संवत् 1700-1900 …

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जकात किसे कहते हैं इस्लाम में इसका महत्व क्या है ?

जकात का तात्पर्य यह कि मुसलमान अपनी सम्पत्ति को गरीबों के बीच बांट कर लोभ एवं लालच जैसी कुरीतियों से मुक्ति पाता है। जकात देना एक प्रकार का ईश्वर के प्रति भक्ति का सूचक था। यह धार्मिक अनिवार्यता इमाम के द्वारा लगाया जाता था, क्योंकि कुरान में इसके सम्बंध में चर्चा की गयी थी और वह …

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अलाउद्दीन खिलजी का इतिहास

अलाउद्दीन खिलजी जलालुद्दीन का भतीजा और दामाद था। सन् 1290 ई. मे जलालुद्दीन खिलजी गद्दी पर बैठा। 1296 ई. में अलाउद्दीन ने धोखे से अपने चाचा जलालुद्दीन की हत्या कर दी और वह स्वयं सुल्तान बन गया ।अलाउद्दीन का स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण 2 जनवरी 1316 को मौत हो गयी। अलाउद्दीन खिलजी के विजय अभियान अलाउद्दीन एक …

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असम का इतिहास

‘असम’ शब्द संस्कृत के ‘असोमा’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ है अनुपम अथवा अद्वितीय। लेकिन आज ज्यादातर विद्वानों का मानना है कि यह शब्द मूल रूप से ‘अहोम’ से बना है। ब्रिटिश शासन में इसके विलय से पूर्व लगभग छ: सौ वर्षों तक इस भूमि पर अहोम राजाओं ने शासन किया। आस्ट्रिक, मंगोलियन, द्रविड़ और …

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काशी वाराणसी के प्रमुख मंदिर

वर्तमान में काशी के असि से आदिकेशव घाटों एवं समीपवर्ती क्षेत्रों में लगभग 215 मंदिरों के सुरक्षित उदाहरण देखे जा सकते हैं। इन मंदिरों का निर्माण 18वीं शती से 20वीं शती ई0 के मध्य हुआ है। छोटे-बड़े आकार तथा विभिन्न स्थापत्य शैलियों वाले घाट स्थित मंदिरों में सार्वधिक शिव को समर्पित हैं जिनकी कुल संख्या 112 …

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