संगीत की उत्पत्ति के सिद्धांत

संगीत विभिन्न ध्वनियों को मिलाने वाली वह कला है जिसके द्वारा मनोभावों के प्रदर्शन में रोचकता, माधुर्य एवं सुन्दरता आती है। संगीत की परिभाषा केवल मानवीय गायन तक ही सीमित नहीं बल्कि इसके अन्तर्गत पशुओं की चहचहाहट इत्यादि भी सम्मिलित है।  भारतीय संगीत के इतिहास का सर्वांगीण विवेचन अथवा यथार्थ चित्रण कर देना सरल कार्य नहीं …

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पाल वंश की स्थापना, उत्पत्ति, पाल वंश के शासकों के नाम

पाल वंश की स्थापना शशांक की मृत्यु के बाद गोपाल ने पालवंश की स्थापना की, जिसके इतिहास की जानकारी के लिए हमे प्रचुर अभिलेखीय और साहित्य प्रमाण प्राप्त हैं । धर्मपाल के खलिमपुर अभिलेख से ज्ञात होता है कि तत्कालीन राजनीतिक अव्यवस्था (मत्स्यन्याय) से मुक्ति पाने के लिए प्रकृतियों ने गोपाल को लक्ष्मी ( राज्यलक्ष्मी) की …

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गहड़वाल राजवंश का इतिहास

कन्नौज और काशी के गहड़वाल राजाओं के वंश के बारे में हमें बहुत ही कम जानकारी प्राप्त है । यद्यपि कुछ अभिलेखों में उन्हें क्षत्रिय कहा गया है, न तो उन्हें कही सूर्य अथवा चन्द्र से जोड़ा गया है, और न किसी प्रसिद्ध राजवंश से ही। उन्हें राष्ट्रकूट वंश का मानने वाले 163 विद्वान निम्नलिखित प्रमाण …

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वेदों की उत्पत्ति का सम्पूर्ण वर्णन

विश्व साहित्य का सबसे प्राचीनतम् ग्रन्थ ‘वेद’ है। वेद न केवल भारतीय समाज द्वारा समाहत है अपितु विश्व के महान विद्वानों ने भी इन्हें श्रद्धा की दृष्टि से देखा है तथा उनकी महत्वता को स्वीकारा है। वेद भारतीय संस्कृति के मूल स्रोत है, अतः वेदों में ज्ञान-विज्ञान, धर्म-दर्शन, सदाचार-संस्कृति, सामाजिक एवं राजनैतिक जीवन से सम्बन्धित सभी …

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गुरु तेग बहादुर जी का जीवन परिचय

नौवें गुरु तेग बहादुर जी का जन्म सन् 1621 में हुआ था । वे गुरु हरगोविंद के पुत्र थे । गुरु तेग बहादुर जी का विवाह करतारपुर के निवासी लालचंद की सुपुत्री गुजरी जी के साथ हुआ । सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी को जन्म देने का सौभाग्य माता गुजरी को प्राप्त है । …

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हिन्दू शब्द की उत्पत्ति कब और कैसे हुई

‘हिन्द’ और ‘हिन्दू’ शब्द संस्कृत के ‘सिंध’ और ‘सिन्धु’ से विकसित हुए हैं। वेदों में कई जगह ऐसे प्रमाण हैं, जहाँ ‘स’ के स्थान पर ‘ह’ का प्रयोग किया गया है, जैसे ‘सरितो’ से ‘हरितो’ और ‘सरस्वत्यो’ से ‘हरस्वत्यो’ इत्यादि प्रयोग देखे जा सकते हैं। ईरान में प्राचीन भाषा ‘अवेस्तन’ (Avesten) में ‘सिन्धु’ देश हिन्दू के …

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सामाजिक प्रगति किसे कहते हैं | सामाजिक प्रगति के मापदण्ड

किसी सुनिश्चित लक्ष्य व आदर्श की दिशा में होने वाले परिवर्तनों को सामाजिक प्रगति कहते हैं । जब समाज का विकास उस दिशा में होता है, जिसे हम उचित समझते हैं और हमारे आदर्शों व मूल्यों के अनुरूप है तभी हम कह सकते हैं कि समाज प्रगति कर रहा है, अन्यथा हम उसे प्रगति नहीं मानते …

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गुरु हर राय का जीवन परिचय

गुरु हर राय देव जी का जन्म सन् 1630 ई. में कीरतपुर रोपड़ में हुआ था । वे एक महान आध्यात्मिक एवं राष्ट्रवादी पुरुष थे । उनके पिता का नाम बाबा गुरदित्ता जी एवं माता का नाम निहाल कौर था । उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के निवासी श्री दया राम जी की पुत्री किशन कौर के …

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भारत-बांग्लादेश के मध्य विवाद का मुख्य कारण

1971 में बांग्ला देश की जनता ने न केवल पाकिस्तानी सैनिक गुट के विरूद्ध विद्रोह किया वरन् वहां की जनता ने अपने रक्त से एक नया इतिहास लिख कर दक्षिण एशिया के शक्ति संतुलन को भी नया आयाम प्रदान किया ।’ मुजीब की हत्या के बाद बांग्लादेश के सम्बन्ध में धीरे-धीरे निम्न प्रमुख मुद्दों को लेकर …

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हरम क्या है?

तुर्की भाषा का शब्द हरम अरबी के हारूमा से निष्पन्न हुआ । जिसका अर्थ होता है प्रतिबन्धित, अनुमत या अवैध, पर साथ-ही-साथ, पूरी तरह सुरक्षित और अलंघ्य । इस शब्द का इसके अर्थ की उपेक्षा करते हुए जितना प्रयोग हुआ है उतना किसी और शब्द का न हुआ होगा । साधारणतः इसका अर्थ घर के एक …

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