मिल के स्वतंत्रता संबंधी विचार । Mill’s view on Liberty । J S Mill

जाॅन स्टुअर्ट मिल का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक चिन्तन ‘आन लिबर्टी’ (1859) नामक ग्रन्थ में निहित है। राजनीति दर्शन को यह ग्रन्थ उसकी अनुपम देन है। मिल का स्वतंत्रता संबंधी ग्रन्थ अंग्रेजी भाषा में स्वतंत्रता के समर्थन में लिखा गया, सबसे महत्वपूर्ण वक्तव्य माना जाता है। इसकी तुलना में मिल्टन के ऐरियोपेजिटिका ग्रन्थ को ही रखा जा …

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राजनीतिक दल और दबाव समूह में अन्तर

समाज में विभिन्न प्रकार के हित पाये जाते हैं, जैसे-मजदूर, कृषक, उद्योगपति, शिक्षक व्यवसायी आदि। जब कोई छोटा अथवा बड़ा हित संगठित रूप धारण कर लेता है तब उसे हित-समूह कहा जाता है। इस समूह का उद्देश्य अपने सदस्यों के विविध सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक हितों की रक्षा करना होता है। जब कोई हित-समूह अपने उद्देश्यों …

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John Calvin (जॉन केल्विन) कौन है और उसने क्या किया ?

जाॅन कैल्विन जाॅन कैल्विन लूथर से भी उग्र सुधरक था। वह चाहता था कि ईसाई लोग बाइबिल की शिक्षा के अनुसार ही जीवन व्यतीत करें। लूथर का तो मतभेद केवल सैद्धांतिक था तथा वह गिरजाघरों के प्रबंध में अधिक परिवर्तनों के पक्ष में नहीं था, लेकिन कैल्विन इस क्षेत्र में भी आमूल परिवर्तन करने के पक्ष में …

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अनुसूचित जनजाति का अर्थ, परिभाषा, इतिहास

आज भारत आर्थिक विकास के पथ पर तेज गति से आगे बढ़ता जा रहा है। भारत के हर हिस्से में और हर वर्ग चेहरे पर विकास की झलक देखी जा सकती है। इस सबके बावजूद आज भी समाज का एक वर्ग ऐसा है जो हजारों साल पुरानी अपनी परम्पराओं के साथ जी रहा है। भारत के …

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निम्बार्क सम्प्रदाय का इतिहास

निम्बार्क सम्प्रदाय के प्रवर्तक निम्बार्क, निम्बादित्य या नित्यानन्द तेलुगु ब्राह्मण थे जो कि बेलारी जिले में निम्ब या में रहते थे। इनके पिता का नाम जगन्नाथ एवं माँ का नाम सरस्वती था । निम्बकाचार्य का दार्शनिक सिद्धान्त द्वैताद्वैतवाद अर्थात जीव एवं जगत ईश्वर के आश्रित तथा ईश्वर आश्रय है।’ वैष्णव धर्म के मूल प्रवर्तक परम प्राचीन …

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उपनिषदों की संख्या कितनी है?

उपनिषद का अर्थ है ‘समीप बैठना । विद्वानों ने इससे अर्थ लगाया है कि जिस रहस्य विद्या का ज्ञान गुरु के समीप बैठकर प्राप्त किया जा सकता था उसे उपनिषद कहते है। संस्कृति एवं सामाजिक संरचना की जानकारी देने में उपनिषद् अत्यन्त ही महत्वपूर्ण है। उपनिषदों को विदेशी इतिहासकार ज्ञान दर्शन का भण्डार मानते है । …

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प्रजातंत्र का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, गुण, दोष

प्रजातंत्र एक ऐसी शासन व्यवस्था है जिसमें जनता समान है। प्रजातंत्र केवल एक शासन प्रणाली तक सीमित नहीं है यह एक राज्य व समाज का एक रूप भी है। प्रजातंत्र राज्य, समाज व शासन का मिलन है। प्रजातंत्र जनता को शासन करने, उस पर नियंत्रण करने व उसे हटाने की शक्ति है। समाज में प्रजातंत्र एक …

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मानवाधिकारों के 30 अनुच्छेद

सामान्य अर्थो में ‘मानवाधिकार’ (Human rights) से तात्पर्य होता है कि ‘मानव’ चाहे वह किसी भी लिंग, वर्ग या जाति का हो, किसी भी देश, प्रदेश या क्षेत्र में रहता हो अथवा किसी भी धर्म, सम्प्रदाय या मत का मानने वाला गरीब हो या अमीर हो सभी को अपने समुचित विकास और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का …

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मुस्लिमों के त्योहार कौन कौन से है ?

मुस्लिमों के प्रमुख त्यौहार ईद-उल-अजहा अथवा ईद – ए – कुर्बान इस त्यौहार को ईद-उल-जुहा या बकरी ईद-ए-कुर्बानी के त्यौहार के रुप में मनाया जाता था। यह मुसलमानी वर्ष जु-ए-हिजा की दसवी मुस्लिम वर्ष के 12वें महीने में मनायी जाती थी । मुस्लिम पर्वों में से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। भारत में इसे प्रायः इब्राहीम द्वारा ईश्वर …

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साप्ताहिक बाजार का अर्थ, विशेषताएँ

साप्ताहिक बाजार का अर्थ साप्ताहिक बाजार से तात्पर्य हैं ग्रामीण क्षेत्रों में सप्ताह के किसी निश्चित दिन, निश्चित समय व निश्चित स्थान पर लगने वाले बाजार से हैं, जिसमें ग्रामीण क्रेता-विक्रेताओं द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं का क्रय-विक्रय किया जाता हैं।साप्ताहिक बाजार पाँच–सात गाँवों के मुख्य गाँव में लगते हैं, और खुले स्थान पर अस्थाई समय के …

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