शिक्षा मनोविज्ञान क्या है? उसका क्या अर्थ है?

शिक्षा-मनोविज्ञान, मनोविज्ञान की एक महत्त्वपूर्ण शाखा है। यह दो शब्दों से मिलकर बना है-‘शिक्षा’ और ‘मनोविज्ञान’। इसका शाब्दिक अर्थ है-शिक्षा सम्बन्धी मनोविज्ञान अर्थात् यह शिक्षा की प्रक्रिया में मानव-व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन है तथा यह शैक्षिक समस्याओं को हल करने में मनोवैज्ञानिक सिद्धान्तों का प्रयोग करता है।  स्किनर के शब्दों में शिक्षा-मनोविज्ञान, अपना अर्थ शिक्षा से, …

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पुनर्जागरण क्या है पुनर्जागरण की मुख्य विशेषताएँ?

पुनर्जागरण एक फ्रेंच शब्द (रेनेसाँ) है, जिसका शाब्दिक अर्थ है-‘फिर से जागना’। इसे ‘नया जन्म’ अथवा ‘पुनर्जन्म’ भी कह सकते हैं। परन्तु व्यावहारिक दृष्टि से इसे मानव समाज की बौद्धिक चेतना और तर्कशक्ति का पुनर्जन्म कहना ज्यादा उचित होगा। प्राचीन यूनान और रोमन युग में यूरोप में सांस्कृतिक मूल्यों का उत्कर्ष हुआ था। परन्तु मध्यकाल में …

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शैक्षिक अनुसंधान का अर्थ, परिभाषा, आवश्यकता एवं क्षेत्र

शैक्षिक अनुसंधान से तात्पर्य उस अनुसंधान से होता है, जो शिक्षा के क्षेत्र में किया जाता है। उसका उद्देश्य शिक्षा के विभिन्न पहलुओं, आयामों, प्रक्रियाओं आदि के विषय में नवीन ज्ञान का सृजन, वर्तमान ज्ञान की सत्यता का परीक्षण, उसका विकास एवं भावी योजनाओं की दिशाओं का निर्धारण करना होता है।  शैक्षिक अनुसंधान का अर्थ शिक्षा …

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मार्टिन लूथर कौन थे और उन्होंने क्या किया ?

मार्टिन लूथर (1483-1546)-चर्च में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा बुराइयों के विरुद्ध सबसे अधिक असन्तोष जर्मनी में फैला हुआ था और जर्मनी में ही चर्च के विरुद्ध एक व्यापक तथा सशक्त आन्दोलन भी चला। इस आन्दोलन का नेता था मार्टिन लूथर।  मार्टिन लूथर का जन्म एक निर्धन परिवार में हुआ था परन्तु वह बचपन से ही मेधावी था। 1505 …

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मैकियावेली का जीवन परिचय एवं महत्त्वपूर्ण रचनाएँ

मैकियावेली का जन्म इटली के पुनर्जागरण आन्दोलन के अग्रणी नगर फ्रलोरेन्स के एक सामान्य कुल में सन् 1469 में हुआ। उसको कोई बहुत उच्च शिक्षा तो प्रदान नहीं की गई पर लेटिन का अच्छा ज्ञान कराया गया। वह विभिन्न यूरोपियन देशों में 23 बार दूत नियुक्त हुआ । 1512 ई. में फ्रलोरेन्स के गणराज्य में राजनीतिक …

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भारतीय संविधान के प्रमुख अनुच्छेद

  भारतीय संविधान के प्रमुख अनुच्छेद अनुच्छेद 1-  संघ का नाम औ राज्य क्षेत्र – संविधान में अनुच्छेद 1 में कहा गया है कि इंडिया, यानी भारत, राज्यों का एक संघ होगा। भारत का क्षेत्र इसमें शामिल होगा: राज्यों के क्षेत्र, केंद्रशासित प्रदेश और भविष्य में प्राप्त किए जा सकने वाले क्षेत्र। अनुच्छेद 2-  नए राज्यों का प्रवेश या …

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बेरोजगारी क्या है भारत में बेरोजगारी के कारण ?

बेरोजगारी से आशय एक ऐसी स्थिति से है जिसमें व्यक्ति वर्तमान मजदूरी की दर पर काम करने को तैयार होता है परन्तु उसे काम नहीं मिलता। किसी देश में बेरोजगारी की अवस्था वह अवस्था है जिसमें देश में बहुत-से काम करने योग्य व्यक्ति हैं परन्तु उन्हें विभिन्न कारणों से काम नहीं मिल रहा है।  बेरोजगारी का …

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इतिहास की आर्थिक या भौतिकवादी व्याख्या

मानववादी विकास को समझने के लिए द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद के सिद्धांत को ऐतिहासिक विकास पर लागू करने के मार्क्स के प्रयोग को हम ‘इतिहास की भौतिक व्याख्या’ के सिद्धांत के नाम से पुकारते हैं। इतिहास या समाज का विकास द्वन्द्व की प्रणाली से होता है और भौतिक पदार्थ उस विकास को चलायमान करते हैं, यह इतिहास की …

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पूर्व पाषाण युग की विशेषताएं

सामान्यतः पचास हजार ई. पू. से दस हजार ई. पू. तक के काल को पूर्व-पाषाण युग माना जाता है। खुदाई में प्राप्त सामग्री से पता चलता है कि इस काल में नीयंडरथल, पिल्ट डाउन, त्रिनिल, रोडेशियन, काकेशस, पिथकैथ्रोपस, हिडलवर्ग आदि मानव रहते थे। पूर्व-पाषाण युग के अवशेष जर्मनी,फ्रांस, इंग्लैंड आदि यूरोपीय देशों के अतिरिक्त भारत, जावा …

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John Wycliffe (जॉन वाइक्लिफ) कौन था और धर्म सुधार में उसका क्या योगदान था ?

जाॅन वाइक्लिफ आक्सपफोर्ड विश्वविद्यालय का एक प्राध्यापक था। उसने कैथोलिक धर्म के बहुत से उपदेश तथा चर्च के क्रियाकलापों की आलोचना की। उसने घोषित किया कि पोप पृथ्वी पर ईश्वर का प्रतिनिधि नहीं है तथा भ्रष्ट एवं विवेकहीन पादरियों द्वारा दिये जाने वाले धार्मिक उपदेश निरर्थक हैं। उसका कहना था कि ऐश्वर्य एवं विलासिता का जीवन …

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