इस्लाम के चार खलीफा कौन थे? इस्लामी साम्राज्य का प्रसार कैसे हुआ?

जब तक हजरत मुहम्मद जीवित रहे वे पैगम्बर, कानून निर्माता, धर्मगुरू, प्रधन न्यायाधीश, प्रधान सेनापति और राज्याध्यक्ष के सभी कार्यों का निर्वाह करते रहे, परन्तु उनके देहावसान के बाद मुसलमानों के सन्मुख उनके उत्तराधिकार की गम्भीर समस्या उठ खड़ी हुई। आध्यात्मिक कार्य के अलावा अन्य सभी बातों के लिए उनका उत्तराधिकारी अर्थात् खलीफा कौन बने या …

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शिया और सुन्नी सम्प्रदाय में विवाद की शुरूआत कैसे हुई ?

सुन्नी-शिया सम्प्रदाय इस्लाम में सबसे बड़ा और एक सबसे शुरू का विभाजन ‘शिया’ मत के प्रकट होने का परिणाम था। अरबी शब्द ‘शिया’ का अर्थ है-दल, सम्प्रदाय अथवा संघ-भेद। बहुत से विद्वानों का मानना है कि शिया आन्दोलन विजेता अरबों के विरुद्ध ईरानियों के असन्तोष तथा संघर्ष की अभिव्यक्ति था। यह आंशिकतः सही भी है मगर …

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बेंथम का राज्य की उत्पत्ति का सिद्धांत

राज्य की उत्पत्ति के बारे में बेन्थम ने विचार किया था। बेन्थम से पूर्व राज्य की उत्पत्ति के बारे में सामाजिक संविदा सिद्धांत का बोलबाला था। बेन्थम ने संविदा सिद्धांत को अस्वीकार करते हुए उसका उग्र विरोध किया। उसने कहा कि ऐसा कोई भी संविदा नहीं हुआ था और यदि कोई ऐसा हुआ भी हो तो …

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लागत का परम्परावादी सिद्धांत क्या है?

  लागत का परम्परावादी सिद्धांत  परम्परावादी सिद्धांत में समय अवधि के अनुसार लागतों का अध्ययन दो भागों में किया जाता है। अल्पकाल में लागत दीर्घकाल में लागत 1. अल्पकाल में लागत  अल्पकाल समय की वह अवधि है जिसमे उत्पादन के कुछ साधन स्थिर (fixed) होते हैं तथा कुछ साधन परिवर्तनशील (Veriable) होते हैं। अल्पकाल में कुछ …

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नेहरू महालनोविस माॅडल की विशिष्ट उपलब्धियां और कमियां

नेहरू महालनोविस माॅडल नेहरू विकास माॅडल की विशिष्ट उपलब्धियां इस प्रकार हैं  कृषि उत्पादकता में भारी वृद्धि के कारण उर्वरक व तकनीकी का प्रयोग जिससे देश में खाद्यान्नों में आत्मनिर्भरता।  भारत में औद्योगिक क्षमता के विस्तार को कारण पूंजी वस्तुओं में कामगार व सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका।  संचालन शक्ति, सिचाई, परिवहन एवं संचार आदि के रूप …

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जॉन स्टुअर्ट मिल का जीवन परिचय एवं रचनाएं

जाॅन स्टुअर्ट मिल (John Stuart Mill) का जन्म लन्दन में 20 मई, सन् 1806 को हुआ था। उसके पिता जेम्स मिल एक प्रसिद्ध इतिहासकार एवं उपयोगितावादी विचारक थे। जाॅन के पिता अपने पुत्र को एक तेजस्वी विद्वान बनाना चाहते थे। अपने बच्चों की शिक्षा के बारे में उनके विचार कुछ विलक्षण ही थे। उनका कहना था कि …

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भारतीय शिक्षा आयोग 1964-66 के उद्देश्य

इसके तहत शिक्षा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पिछड़ी जातियों अथवा अन्य अधिकार वाली जातियाँ एवं व्यक्तियों को समान अधिकार देकर इस योग्य बनाना है कि वे शिक्षा को अपनी स्थिति में सुधर लाने के लिए सम सहायक दण्ड के रूप में प्रयोग में ला सकते हैं । प्रत्येक समाज को सामाजिक न्याय का महत्व देता है …

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सगुण भक्ति धारा क्या है सगुण भक्तिधारा की कितनी शाखाएँ है ?

सगुण भक्ति-धारा में ईश्वर के साकार सगुण रूप की उपासना राम और कृष्ण रूप में भगवान् विष्णु के अवतारों की कल्पना करके सख्य और सेवक भाव से भक्ति-कर ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग बताया गया। हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल (1375-1700 वि.) में भक्ति की दो धाराएं सगुण तथा निर्गुण प्रवाहित हुईं। सगुण धारा के अन्तर्गत राम-कृष्ण …

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मार्क्स के अतिरिक्त मूल्य का सिद्धांत और उसकी आलोचना

एँगेल्स के शब्दों में, इतिहास की भौतिकवादी धारणा और अतिरिक्त मूल्य द्वारा पूंजीवादी उत्पादन के रहस्य का उद्घाटन-इन दो महान् आविष्कारों के लिए हम मार्क्स के आभारी हैं। इन आविष्कारों के साथ समाजवाद एक विज्ञान बन गया। लेनिन ने अतिरिक्त मूल्य के सिद्धांत को मार्क्स की अर्थशास्त्राीय शिक्षा की आधारशिला कहा है। पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का गहन …

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वैज्ञानिक पद्धति किसे कहते हैं, यह क्या है, इसकी सहायता से अध्ययन कैसे किया जाता है?

साधारणतः उस पद्धति को वैज्ञानिक पद्धति कहा जाता है जिसमें अध्ययनकर्ता तटस्थ या निष्पक्ष रहकर किसी विषय, समस्या या घटना का अध्ययन करता है। इस हेतु वह अवलोकन करता है, प्रश्नावली, अनुसूची या किसी अन्य प्रविधि की सहायता से तथ्य संकलित करता है, उनका वर्गीकरण एवं सारणीयन करता है, विश्लेषण एवं व्याख्या करता है, कार्य-कारण संबंधों …

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