मानव अधिकार आयोग के कार्य क्या है ?

मानव अधिकार से तात्पर्य उन सभी अधिकारों से है जो व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता एवं प्रतिष्ठा से जुड़े हुए हैं। यह अधिकार भारतीय संविधान के भाग-तीन में मूलभूत अधिकारों के नाम से वर्णित किये गये हैं और न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय है । इसके अलावा ऐसे अधिकार जो अन्तर्राष्ट्रीय समझौते के फलस्वरूप संयुक्त राष्ट्र की महासभा …

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व्यक्तित्व और उसके निर्धारक क्या है ?

प्रत्येक व्यक्ति में कुछ विशेष गुण या विशेषताएं होती है जो दूसरे व्यक्ति में नहीं होतीं। इन्हीं गुणों एवं विशेषताओं के कारण ही प्रत्येक व्यक्ति दूसरे से भिन्न होता है। व्यक्ति के इन गुणों का संगठन ही व्यक्ति का व्यक्तित्व कहलाता है। व्यक्तित्व परिभाषाएं मनोवैज्ञानिकों, दार्शनिकों ने व्यक्ति के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए …

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हिंदी में विराम चिन्ह कौन कौन से हैं?

शब्दों और वाक्यों का परस्पर सम्बन्ध बताने तथा किसी विषय को भिन्न-भिन्न भागों में बाँटने और पढ़ने में यथा स्थान रुकने के लिए लेखन में जिन चिह्नों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें विराम चिन्ह  कहते हैं”। पढ़ते समय गति, प्रवाह व स्पष्टता लाने हेतु कुछ नियमों का पालन किया जाता है, अगर हम उन नियमों …

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पंडित जवाहरलाल नेहरू का जीवन परिचय

जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री थे और स्वतन्त्रता के पूर्व और पश्चात् की भारतीय राजनीति में केन्द्रीय व्यक्तित्व थे। महात्मा गांधी के संरक्षण में, वे भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के सर्वोच्च नेता के रूप में उभरे और उन्होंने 1947 में भारत के एक स्वतन्त्र राष्ट्र के रूप में स्थापना से लेकर 1964 तक अपने निधन तक, …

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रस किसे कहते हैं इसकी परिभाषा

रस का शाब्दिक अर्थ है ‘आनंद’ । काव्य को पढ़ने या सुनने से जिस आनंद की अनुभूति होती है, उसे ‘रस’ कहा जाता है। काव्यप्रकाश के रचयिता मम्मटभट्ट ने कहा है कि आलम्बनविभाव से उदबुद्ध, उद्यीप्त, व्यभिचारी भावों से परिपुष्ट तथा अनुभाव द्वारा व्यक्त हृदय का ‘स्थायी भाव’ ही रस-दशा को प्राप्त होता है। पाठक या …

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मन की कितनी अवस्थाएं होती हैं ?

मन शब्द का प्रयोग कई अर्थों में किया जाता है। जैसे- मानस, चित्त, मनोभाव तथा मत इत्यादि। लेकिन मनोविज्ञान में मन का तात्पर्य आत्मन्, स्व या व्यक्तित्व से है। यह एक अमूर्त सम्प्रत्यय है। जिसे केवल महसूस किया जा सकता है। इसे न तो हम देख सकते है। और न ही हम इसका स्पर्श कर सकते …

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क्लाइव के सुधार – Reforms of Clive

क्लाइव के सुधार  1. क्लाइव के सैनिक सुधार 1763 में कोर्ट आफ डाॅयरेक्टर्ज ने सैनिकों का दोहरा भत्ता बन्द कर दिया था। किसी कारणवश क्लाइव के आने तक इस पर आचरण नहीं हुआ था। यद्यपि आरम्भ में यह दोहरा भत्ता केवल युद्ध के दिनों में ही दिया जाता था, परन्तु मीर जाफर के दिनों से यह …

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सत्ता का अर्थ एवं परिभाषा

प्रत्येक व्यक्ति या देश अपनी शक्ति को औचित्यपूर्ण बनाने के लिए अनेक प्रयास करता है। जब उसकी शक्ति को जनता का औचित्यपूर्ण समर्थन प्राप्त हो जाता है तो वह सत्ता में परिवर्तित हो जाती है।  सत्ता का अर्थ साधारण रूप में सत्ता वह आचरण है जिसके आधार पर कोई भी अपनी शक्ति का प्रयोग करता है। …

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बिरसा मुंडा का जीवन परिचय

बिरसा मुंडा एक आदिवासी नेता और लोकनायक थे। ये मुंडा जाति से सम्बन्धित थे। भारत में रांची और सिंहभूमि के आदिवासी बिरसा मुंडा को अब ‘बिरसा भगवान’ कहकर याद करते हैं। मुंडा आदिवासियों को अंग्रेज़ों के दमन के विरुद्ध खड़ा करके बिरसा मुंडा ने यह सम्मान अर्जित किया था। 19वीं सदी में बिरसा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन …

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बाल श्रम क्या है और इसके कारण क्या है?

14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी कार्य क्षेत्र में काम करवाना बाल मजदूरी या बाल श्रम के अंतर्गत आता है।  बाल मजदूर की समस्या का मुख्य कारण है गरीबी। गरीबी के कारण उन बच्चों के माता पिता उन्हें पढ़ा नहीं पाते हैं और उन्हें काम करने भेज देते हैं, ताकि परिवार के खर्चे …

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