वायु प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव

हम सभी जानते है कि वायु जीवन के लिए आवश्यक है। यदि वायु प्रदूषित होती है तो वह जीवन के सभी रूपों को खराब कर देगी। हम विशेष रूप से शहरों के वातावरण में वायु प्रदूषण के स्तर के संबंध में समाचार पत्रों या टेलीवीजन चैनलों में कई सूचना पाते होंगे। प्रदूषित वायु बच्चों तथ वृद्ध …

Read more

गुट निरपेक्ष आंदोलन का तृतीय शिखर सम्मेलन कहां हुआ था ?

गुट निरपेक्ष आंदोलन का तृतीय शिखर सम्मेलन सितम्बर 1970 में जाम्बिया की राजधानी लुसाका में तृतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में 65 राज्यों ने भाग लिया जिनमें 53 पूर्ण सदस्य तथा 12 प्रेक्षक देश थे। इस सम्मेलन में पश्चिमी एशिया के बारे में एक निश्चित मत प्रकट किया गया। पश्चिमी एशिया के बारे …

Read more

राजा राममोहन राय का जीवन परिचय एवं लिखित पुस्तकें

राम मोहन का जन्म 22 मई 1772 ई. को बंगाल के ब्राह्मण परिवार में राधानगर (हूगली) गाँव में हुआ। पिता का नाम रामकंतो रॉय और माता का नाम तैरिनी था।  राजा राममोहन राय का दृष्टिकोण बुद्धिवादी थे। उन्होंने भारतीयता और पाश्चात्यता के समन्वय का रास्ता दिखाया। उन्होंने भारत में अंग्रेजी शिक्षा और आधुनिक शिक्षा का समर्थन …

Read more

बुद्धि का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

बुद्धि (Intelligence)ज्ञान अर्जन करने, वातावरण में सामंजस्य करने, कार्य करने की विधि समस्या समाधान करने की योग्यता तथा सम्बन्धों को समझने की योग्यता हैं। यह भी पढ़ें: बुद्धि के सिद्धांत और उनके प्रतिपादक बुद्धि का अर्थ  बुद्धि शब्द का प्रयोग सामान्यत: प्रज्ञा, प्रतिभा, ज्ञान एवं समझ इत्यादि के अर्थों में किया जाता हैं. यह वह शक्ति हैं, …

Read more

सूक्ष्म शिक्षण का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, सिद्धांत, आवश्यकता

आज के युग को तकनीकी का युग कहा जाता हैं, जिसमें प्रत्येक क्षेत्र में सुधार किया जा रहा है तो अध्यापन का क्षेत्र भी इससे अछूत नहीं हैं। अध्यापन को भी प्रभावशाली तथा आकर्षित करने के लिए प्रशिक्षु से सूक्ष्म शिक्षण करवाना भी शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में आता हैं. सूक्ष्म शिक्षण एक ऐसी कड़ी हैं जिसमें …

Read more

अपशिष्ट किसे कहते है अपशिष्ट के प्रकार एवं वर्गीकरण ?

सरलीकृत शब्दों में, अपशिष्ट का मतलब किसी भी भौतिकवादी वस्तु से है जो अधिक उपयोगी नहीं है। अपशिष्ट एक ऐसा वस्तु है जिसकी आवश्यकता किसी एक या अनेक कारणों से व्यक्ति को नहीं होती है। इसके अलावा यह कहा जा सकता है कि अपशिष्ट ऐसा पदार्थ है जो किसी प्रक्रिया के अंतिम में बनता है और …

Read more

उपसर्ग किसे कहते हैं उपसर्गों की विशेषताएँ ?

‘उपसर्ग’ उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है। यह दो शब्दों (उप-सर्ग) के योग से बनता है। ‘उप’ का अर्थ ‘समीप’, ‘निकट’, या ‘पास’ में’ है। ‘सर्ग’ का अर्थ है सृष्टि करना। ‘उपसर्ग’ का अर्थ है पास में बैठकर दूसरा नया अर्थवाला शब्द बनाना। …

Read more

भारत का सामान्य परिचय

भारत की सभ्यता विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। भारत अनके परम्पराओं और संस्कृतियों का संगम स्थल है। भारत की संस्कृति प्राचीन होने के साथ बहुरंगी है। “हिन्दुस्तान नाम इसे ईरानियों ने दिया, इसी के चलते ‘सिंधु नदी के आसपास रहने वालों को ‘हिंदू’ एवं उस भू–भाग को ‘हिन्दुस्तान’ नाम दिया गया। यूनानियों ने …

Read more

कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत

  कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत लॉरेन्स कोहलबर्ग ने जीन पियाजे के सिद्धांत को आधार बनाकर नैतिक विकास की अवस्था का सिद्धांत दिया, जिसे उसे तीन भागों में विभाजित किया हैं – 1. पूर्व परम्परागत स्तर या पूर्व नैतिक स्तर (4 से 10 वर्ष)  इस आयु के बालक अपनी आवश्यकताओं के बारे में सोचते हैं. …

Read more

अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए भीमराव अंबेडकर द्वारा किए गए प्रयास

 डॉ भीमराव अंबेडकर बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। वे एक महान बौद्धिक प्रतिभा के धनी थे – डॉक्टर अंबेडकर ने कोलंबिया विश्वविद्यालय न्यूयॉर्क से एम ए (1915), पीएचडी (1917), तथा लंदन से एमएससी (1922), विधि स्नातक तथा डीएससी (1923) की उपाधियां प्राप्त की। इस प्रकार राष्ट्रीय आंदोलन के कालखंड में डॉक्टर अंबेडकर सर्वाधिक शिक्षित राष्ट्रीय नेता …

Read more