विसर्ग संधि किसे कहते हैं | परिभाषा एवं उदाहरण

संधि का अर्थ है – मेल अथवा मेल-मिलाप। जब दो वर्ण इतना निकट आ जाएं कि एक दूसरे से अलग न रह सकें तब उनका मेल सन्धि कहलाता है। विसर्ग संधि का अर्थ जहाँ पर विसर्ग का लोप होता है और उसके स्थान पर कोई दूसरा वर्ण आ जाता है तो उसे विसर्ग संधि कहते हैं। …

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दबाव समूह किसे कहते हैं? हित समूह व दबाव समूह में अन्तर

समाज में विभिन्न प्रकार के हित पाये जाते हैं, जैसे-मजदूर, कृषक, उद्योगपति, शिक्षक व्यवसायी आदि। जब कोई छोटा अथवा बड़ा हित संगठित रूप धारण कर लेता है तब उसे हित-समूह कहा जाता है। इस समूह का उद्देश्य अपने सदस्यों के विविध सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक हितों की रक्षा करना होता है। जब कोई हित-समूह अपने उद्देश्यों …

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मानसिक रोग क्या है और क्यों होता है? मानसिक रोगों को दूर करने के लिए करें ये उपाय

जब मनुष्य का व्यवहार असामान्य होने लगे उसका मन रूग्ण व बीमार हो जाए, उसके मन में नकारात्मक चिन्तन, निराशा, अशान्ति, भय, घृणा, द्वेष, काम, क्रोध, ईर्ष्या, चिन्ता, वासना, कुढ़न, जलन, सनक, भ्रम व अविश्वास आने लगे तो सामान्यतः उसे मानसिक रोगी की संज्ञा दी जाती है और कहते हैं कि उसे मानसिक रोग हो गया …

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चीन की महान दीवार का निर्माण क्यों और किसने किया था?

यह दीवार लगभग 22 फुट ऊँची, 20 फुट चौड़ी और 1,800 मील लम्बी है। इसमें लगभग प्रत्येक 100 फुट पर चालीस फुट चौड़े स्तम्भ या बुर्ज बने हुए हैं  चीन की महान दीवार का निर्माण क्यों और किसने किया था? चीन की महान दीवार का निर्माण ने किया था। शि-ह्नांग-टी के अनेक कार्य प्रसिद्ध हैं। उसने …

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UNESCO यूनेस्को का पूरा इतिहास | उद्देश्य , सदस्य देश

यूनेस्को का अर्थ है संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (The United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization) यह संयुक्त राष्ट्र संघ का शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक विकाय है। इसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में स्थित है। इसका कार्य शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति तथा संचार के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना …

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नवपाषाण काल का समय, नवपाषाण काल ​​में मानव जीवन कैसा था?

नव-पाषाण काल को मानव सभ्यता के विकास क्रम में एक महत्त्वपूर्ण मोड़ बिन्दु माना जाता है। विद्वानों ने नवपाषाण काल का समय 10,000 ई. पू. से 3000 ई. पू. तक माना है।  नवपाषाण काल ​​में मानव जीवन 1. कृषि का आविष्कार- इन्हीं परिस्थितियों में कृषि और पशुपालन के आदिम रूपों का आविर्भाव हुआ। किसी ने यह खोज …

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नीति निदेशक तत्व क्या है ?

नीति-निर्देशक तत्व वो सिद्धांत है, जो जनता की भलाई एवं देश में सामाजिक तथा आर्थिक प्रजातंत्र को स्थापित करने के लिए राज्य को काम करने की दृष्टि से प्रेरणा देते हैं । नीति-निर्देशक सिद्धांतों का अर्थ ऐसे सिद्धांतों से है जिन्हें राज्य अपनी नीतियों तथा कानूनों को बनाते समय ध्यान में रखें ।  डाॅ. बी.आर. अम्बेडकर …

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इस्लाम धर्म के सिद्धांत और नियम

इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब को माना जाता है । इस्लाम का समस्त उल्लेख कुरान में मिलता है । इस्लाम का अर्थ होता है समर्पण अथवा उत्सर्ग जिसका अभिप्राय है अल्लाह की इच्छा के सामने झुकना । भारत में इस्लाम धर्म का आगमन इस्लाम विदेशी आक्रमणकारियों के समय से माना जाता है ।  इस्लाम …

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संविधानवाद की पाश्चात्य, साम्यवादी, विकासशील देशों की अवधारणाएं

संविधानवाद संविधान पर आधारित अवधारणा है। संविधान जनता का सर्वोच्च कानून होता है। प्रत्येक देश के संविधान के अपने राजनीतिक आदर्श व मूल्य होते हैं। प्रत्येक देश की संस्कृति के अपने गुण अन्य देशों से भी साम्य रखने के कारण कई देशों मेंं सांझे संविधानवाद का विकास हो जाता है। यद्यपि यह तो सत्य है कि …

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मुहम्मद साहब का जीवन परिचय

मुस्लिम परम्पराओं के अनुसार इस्लाम के संस्थापक पैगम्बर मुहम्मद थे। उनकी गणना संसार के महापुरुषों में होती है। धर्म प्रवर्तक होते हुए भी वे पूर्णतया सांसारिक व्यक्ति और एक राजनेता भी थे। उन्हें अल्लाह की ओर से बहुत से ‘इल्हाम’ (दिव्य ज्ञान) हुए थे, जो मुसलमानों के धर्मग्रन्थ कुरान में लिखे हुए हैं।  मुहम्मद साहब का …

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