1832 का प्रथम सुधार अधिनियम की धाराएं, गुण-दोष, समीक्षा

राजनैतिक या सामाजिक क्षेत्रों के दोषों को दूर करने के लिए समय-समय पर सभी देशों में सुधार होते हैं जो एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। 1832 में जो सुधार बिल इंग्लैंड में ग्रे मंत्रिमंडल द्वारा पारित कराया गया उसका भी यही उद्देश्य था। 1832 का प्रथम सुधार अधिनियम की धाराएं 1832 के अनुसार अधिनियम के द्वारा संसदीय …

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बायोटिन की प्राप्ति, कार्य, दैनिक आवश्यकता

बायोटिन (Biotin) यह जल तथा एल्कोहल में विलेय है। अम्लीय एवं क्षारीय माध्यमों में तथा ऊष्मा में स्थिर रहता है। बायोटिन की प्राप्ति भोजन के प्रायः समस्त द्रव्यों में मिलता है। खमीर, फूलगोभी, मटर आदि वृक्क तथा अण्डे की जर्दी, यकृत में विशेष मिलता है। वृहदन्त्र में भी इसका निर्माण होता है।  बायोटिन के कार्य यूरिया, …

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मनसबदारी व्यवस्था क्या थी इसका वर्णन

मनसब फारसी शब्द है जिसका अर्थ होता है ‘पद’। बाबर के समय प्रशासनिक अधिकारियों को वजहदार कहा जाता था। कानून-ए-हुमायूँनी के अनुसार हुमायूँ ने भी अपने अमीरों के 12 वर्ग बनाये थे। अकबर की मनसबदारी व्यवस्थ मंगोलो की दशमलव पद्धति पर आधारित थी। यह मंगोलों की सैनिक व्यवस्था से प्रभावित थी किन्तु प्रेरणा भले ही मंगोल …

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POS terminal (पीओएस टर्मिनल) क्या है ?

परंपरागत रूप से, पीओएस टर्मिनल उन सभी दुकानों पर स्थापित किए गए थे जहां क्रेडिट/ डेबिट कार्ड का उपयोग कर ग्राहकों द्वारा खरीद की गई हो। यह आमतौर पर एक हाथ से आयोजित डिवाइस है जो बैंकिंग कार्ड पढ़ता है। हालांकि, डिजिटलीकरण के साथ पीओएस का दायरा बढ़ रहा है और यह सेवा मोबाइल प्लेटफॉर्म पर …

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सार्वजनिक आय का वर्गीकरण और स्रोत

सार्वजनिक आय का वर्गीकरण 1. ऐडमस्मिथ का वर्गीकरण ऐडमस्मिथ ने आय को दो भागों में विभाजित किया है:-  नागरिकों से होने वाली आय – इस वर्ग में आय के वे सब साधन सम्मिलित हैं, जिनके अन्तर्गत सरकार को जनता से आय प्राप्त होती है जैसे कर।  राजकीय सम्पत्ति से होने वाली आय – इस वर्ग में …

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सेरेस ग्रह की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?

सेरेस की खोज इटली के खगोलशास्त्री पियाजी ने की थी। आई.ए.यूकी नई परिभाषा के अनुसार इसे बौने ग्रह की श्रेणी में ही रखा जाता है जहां पर इसे संख्या 1 से माना जाएगा। इसकी कक्षा सूर्य से 446,000,000 किलोमीटर है। इसका व्यास 950 किलोमीटर है। सेरेस कृषि का रोमन देवता है। यह मंगल और गुरु के …

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इल्तुतमिश की कठिनाइयां तथा उसकी सफलताएं

इल्तुतमिश का मक़बरा इल्तुतमिश इल्बारी तुर्क माता-पिता की संतान था। कुतुबुद्दीन ने अपनी पुत्री का विवाह कर दिया। कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु के बाद वह दिल्ली का सुल्तान बना। इल्तुतमिश की कठिनाइयां तथा उसकी सफलताएं दिल्ली का सुल्तान बनते ही उसे अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उस समय दिल्ली का साम्राज्य छिन्न-भिन्न हो चुका था। …

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प्लूटो ग्रह का व्यास और इसका द्रव्यमान कितना है

प्लूटो यह दूसरा सबसे भारी बौना ग्रह है। सामान्यतः यह नेपच्युन की कक्षा से बाहर रहता है। प्लूटो सौरमंउल के सात चंद्रमाओं से छोटा है। प्लूटो की कक्षा सूर्य की औसत दूरी से 5,913,520,000 किलोमीटर है। प्लूटो का व्यास 2274 किलोमीटर है और इसका द्रव्यमान 1,27e22 है। रोमन मिथको के अनुसार प्लूटो पाताल का देवता है। …

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William Harrison Moreland (विलियम हैरीसन मोरलैण्ड) का परिचय और कार्य

मध्यकालीन भारत के आर्थिक इतिहास पर लिखने वाले विद्धानों में ब्रिटिश इतिहासकार डब्लू.एच. मोरलैण्ड का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है। उनके द्वारा लिखे गये मध्यकालीन भारतीय इतिहास में साम्राज्यवादी उपागम के अनुप्रयोग के चिन्ह स्पष्टतः देखे जा सकते हैं। 1890 ई. में मोरलैण्ड महोदय सहायक बन्दोवस्त अधिकारी बने। 1894 ई. में सहायक आयुक्त बने, …

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Rally commission 1902 रैले कमीशन क्या है रैले कमीशन 1902 कीं सिफारिशें

रैले कमीशन- भारतीय शिक्षा के विकास के इतिहास में लार्ड कर्जन का शासनकाल (1899-1905) अत्यन्त ही महत्वपूर्ण हैं कर्जन एक घोर साम्राज्यवादी था और भारतीय शिक्षा-पद्धति पर वह पूर्ण सरकारी नियंत्रण रखना चाहता था। उसने शिक्षा विभाग में केन्द्रीयकरण की नीति का अनुसरण किया एवं शिक्षा-व्यवस्था पर नियंत्रण तथा निरीक्षण स्थापित करने का भी प्रयत्न किया।  …

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