सिद्ध सिद्धांत पद्धति के लेखक कौन हैं?

यह एकमात्र ऐसी पुस्तक है जो नाथ योगियों के हठ पंथ के दार्शनिक सिद्धांतों पर प्रकाश डालती है, इसलिए यह महत्त्वपूर्ण है। यह वर्ष 2010  में प्रकाशित की गई है। यह एक बहुत ही व्यवस्थित ढंग से लिखा गया ग्रंथ है जिसमें 350 छंद हैं जो छह अध्यायों में विभाजित है। सिद्ध सिद्धांत पद्धति के लेखक …

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संक्षेपण किसे कहते हैं संक्षेपण की क्या विशेषताएं है?

संक्षेपण का अर्थ है-संक्षेप, सार आदि। इस प्रकार संक्षेपण से अभिप्राय ऐसी रचना से है जिसमें किसी वक्तव्य, लेख, निबन्ध, अनुच्छेद आदि में व्यक्त किए गए भावों को संक्षेप में प्रस्तुत किया जाता है। इसे पारिभाषिक रूप देते हुए कहा जा सकता है कि: ‘किसी सन्दर्भ या विषय-वस्तु का कम से कम शब्दों में, तथ्यपूर्ण एवं …

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प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध के कारण, घटनाएं, महत्व

प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध के कारण  प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध कंपनी की मद्रास सरकार द्वारा दक्षिण की राजनीति में सक्रिय भाग लेने के कारण हुआ। अंग्रेजों ने बंगाल में सरलता से आशा से अधिक सफलता प्राप्त की थी। मद्रास सरकार भी दक्षिण में अंग्रेजी राज्य के विस्तार की आशा से निजाम और मराठों द्वारा हैदरअली के विरूद्ध निर्मित गुट …

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भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत कौन कौन थे?

भक्ति आंदोलन के प्रचारक आध्यात्मिक संत थे जिनके विचार कई प्रकार से समान थे। उनमें से अधिकांश ने मूर्तिपूजा का विरोध किया। वे केवल एक ईश्वर को मानते थे परंतु एक ही ईश्वर को राम, कृष्ण, शिव, अल्लाह आदि के कई नामों से पुकारते थे।  भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत कौन …

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प्राणायाम का मुख्य उद्देश्य, लाभ, प्रकार

प्राणायाम दो शब्दों से मिलकर बना है – प्राण + आयाम। प्राण = जीवनी शक्ति। आयाम – विस्तार या धारण करना, नियंत्रण करना या रोकना, अर्थात श्वास तथा प्रश्वास की गति को अवरूद्व करना ही प्राणायाम है। जिस प्रकार स्वास्थ्य की वृद्धि के लिए व्यायाम का विशेष महत्व है, उसी प्रकार प्राण शक्ति की वृद्धि के …

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ओटोमन साम्राज्य का उदय और पतन कैसे हुआ?

आटोमन साम्राज्य के संस्थापक आटोमन या उसमानी तुर्क थे जो एशिया माइनर से आए थे। यह लड़ाकू खानाबदोश जाति पश्चिम की ओर बढ़ती गई और जिस किसी ने इनका विरोध किया, उसे इसने रौंद डाला। इसने अफगानिस्तान, इराक, ईरान तथा एशिया माइनर के अनेक प्रदेशों में अपनी सत्ता स्थापित की। इन तुर्कों ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर …

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बंगाल में द्वैध शासन व्यवस्था क्या थी? बंगाल में द्वैध शासन की शुरुआत किसने की

बंगाल विजय के बाद इलाहाबाद की संधि से मुगल सम्राट शाहआलम से अंग्रेजों को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी प्राप्त हो गई। दीवानी से अभिप्राय है भूमिकर वसूल करना और भूमि-कर सम्बन्धी दीवानी मुकदमों का निर्णय करना। बंगाल के नवाब नजमुद्दौला से अंग्रेजों को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की निजामत भी प्राप्त हो गई थी। …

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जैन धर्म के सिद्धांत क्या है? » Jain Dharam Ke Siddhant Kya Hai

जैन धर्म और साहित्य के अनुसार कुल 24 तीर्थंकर हुए है। जैन अनुश्रुति के अनुसार जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे। महावीर जैन धर्म के 24वें तीर्थकर थे । महावीर का जन्म 599 ई.पू. वैशाली के समीप कुण्डग्राम में हुआ था । तीस वर्ष की कठोर तप के उपरान्त उन्हें कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई …

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अष्टांग योग के आठ अंग कौन-कौन से हैं ?

भारतवर्ष में योग साधना की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शंकर योग के आदि आचार्य माने जाते हैं, तो भगवान श्रीकृष्ण योगीराज। वेदों में तो योग का गंभीर विवेचन किया है। योगदर्शन के प्रणेता महर्षि पतंजलि पहले ही सूत्र में लिख देते है कि ‘‘अर्थयोगानुसासनम‘‘ अर्थात जीवन …

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कावूर कौन था? इटली के एकीकरण में उसका क्या योगदान था?

कावूर का पूरा नाम काउंट कैमिलो दे कावूर था । कावूर का जन्म 1810 ई0 में ट्यूरीन के एक कुलीन परिवार में हुआ था। सैनिक शिक्षा प्राप्त कर वह सेना में इंजीनियर के रूप में भर्ती हुआ। किन्तु अपने उदार विचारों के कारण उसे सेना से 1841 ई0 में त्यागपत्र देना पड़ां 1841-1846 ई0 तक वह अपनी …

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